Pregnancy & Care

Everything about Pregnancy and after care.

मंगलवार, 25 जून 2019

शिवलिंगी से पुत्र प्राप्ति का यह उपाय अचूक मन जाता है - बाँझ महिला को भी पुत्र होता है

दोस्तों पुत्र प्राप्ति के लिए शिवलिंग के बीजों का आयुर्वेदिक महत्व तथा इसे लेने का धार्मिक महत्व दोनों ही हैं, धार्मिक महत्व से मतलब है अगर हम शिवलिंगी के बीजों को पुत्र प्राप्ति के लिए विधि विधान से लेते हैं तो इसका फल अवश्य ही फलीभूत होता है
अगर आप शिवलिंगी के बीजों को पुत्र प्राप्ति के लिए प्रयोग करना चाह रहे हो तो आपको कुछ सावधानियों का ध्यान रखना होगा कुछ नियमों का पालन करना होगा तभी आप इसके संपूर्ण फल की प्राप्ति अपनी इच्छा अनुसार कर पाएंगे.


shivlingi beej, shivlingi beej for baby boy


शिवलिंगी के बीजों में कुछ इस प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जोकि महिलाओं में पुत्र प्राप्ति के लिए जिम्मेदार तत्व को बढ़ाती है उनको एक्टिव करती है तथा पुत्री के लिए जिम्मेदार तत्वों में उदासीनता आती है, साथ ही साथ शिवलिंगी के बीज महिला के शरीर में हार्मोन को बैलेंस करते हैं तथा पीरियड्स में आई अनियमितता को भी ठीक करते हैं



आप अगर शिवलिंगी के बीजों का प्रयोग कर रहे हैं तो इन सावधानियों को जरूर रखें

यह नुस्खा महिलाओं के लिए है
अगर आप शिवलिंगी के बीजों का प्रयोग कर रहे हैं तो आपको मांस मदिरा बीड़ी गुटके का त्याग करना होगा,
शिवलिंगी औषधि का प्रयोग करने से पहले ही आपको तला भुना मीट मसालेदार नॉनवेज इत्यादि खाना बिल्कुल छोड़ना होगा इसके पीछे कारण यह है कि आपका जो शरीर है उसका पाचन तंत्र अत्यंत दुरुस्त होना चाहिए ताकि शिवलिंगी के बीज आसानी से आपके शरीर में डाइजेस्ट हो सके |

शिवलिंगी के बीज 3 महीने तक खाने हैं तो इस दौरान आपको संयमित जीवन जीना है केवल निश्चित समय पर ही पुत्र प्राप्ति के लिए प्रयास करना है, अन्यथा पति पत्नी को ब्रह्मचर्य का पालन ही करना है.

shivlingi beej how to use



जब से महिला शिवलिंगी औषधि का प्रयोग करें और मसालेदार चटपटा नॉनवेज खाना छोड़ें तभी से पुरुष को भी यही सब खाना छोड़ना होगा और अपने भोजन में दूध और दूध से बनी चीजें जैसे कि पनीर मक्खन दूध दही इत्यादि का प्रयोग अधिक करना होगा साथ ही साथ रोजाना योगाभ्यास भी करना होगा जिससे पुत्र प्राप्ति के लिए जिम्मेदार Y क्रोमोसोम अधिक बने और पुरुष की स्तंभन शक्ति की मजबूत हो

दोस्तों इस के अलावा और भी कुछ सावधानियां रखनी है लेकिन उनका वर्णन हम अंत में करेंगे तभी वह अच्छे से समझ में आएगी उससे पहले हम औषधि तैयार कैसे करते हैं और उसे कैसे लेना है इस बात पर चर्चा करते हैं

आपको 100 ग्राम शिवलिंगी के बीजों की आवश्यकता होगी यदि यह पौधा आप जानते हैं आप के आस पास ही है तो आप वहां से प्राप्त कर लीजिए अन्यथा आप को यह किसी भी जड़ी बूटी विक्रेता या पंसारी के यहां पर बड़ी आसानी से मिल जाएंगे

शिवलिंगी के बीज ज्यादा पुरानी नहीं होने चाहिए और उन्हें कीड़ा भी ना लगा हो इस बात का भी ध्यान रखें

अब आप शिवलिंगी के बीजों पीस लीजिए यह भी जितने महीन पीसगे उतना ही अच्छा है उतनी ही आसानी से शरीर में पस जाएंगे पच जाएंगे


लीजिए आप की औषधि तैयार है अब आप इन 100 पिसे पाउडर को 30 बराबर बराबर भागों में बांटकर 30 पुड़िया बना ले.

shivlingi beej ka prayog kaise kare


अब आप रोज सुबह सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद सूरज निकलने से पहले एक गिलास दूध से इस एक पुड़िया को 30 दिन लगातार खाएं 30 दिन पूर्ण होने के बाद अगले 30 दिन के लिए आप औषधि तैयार कर ले

इन 30 दिनों आपको ब्रह्मचर्य का पालन करना है
इन 30 दिनों के बाद जब भी महिला की महावारी समाप्त होती है उसके 5 दिन बाद से आपको पुत्र प्राप्ति के लिए प्रयास करना है अगले 1 हफ्ते तक

हमारा कहने का मतलब यह है कि आपको ओवुलेशन पीरियड में संतान प्राप्ति के लिए कोशिश करनी है और पुरुष का स्तंभन महिला के स्तंभन से ज्यादा स्ट्रांग होना चाहिए अर्थात महिला पहले चरमोत्कर्ष पर पहुंचे तो और भी अच्छा है.

shivlingi beej ka upyog kaise kare


अगर महिला प्रेग्नेंट हो जाती है तो भी आप यह शिवलिंगी के बीज की औषधि 3 माह तक अवश्य ही खाएं |
अगर प्रथम महा के बाद प्रयास करने पर महिला गर्भवती नहीं होती है तो आप आगे इसी प्रकार से अगले महीने प्रयास करें बाकी समय आपको ब्रह्मचर्य का पालन करना है, और पुरुष की जीवन चर्या जैसी बताई है वैसी ही रखी है खाने पीने का विशेष ध्यान रखना है
You May Also Like : चाइना में बच्चे का जेंडर पता करने के कुछ प्राचीन तरीके
कुछ बातों का ध्यान रखना है जैसे कि हमने बताया था बाद में बताएंगे

महिला ने जैसे प्रथम महा में औषधि ग्रहण की है या करनी है उसी तरह से 3 माह तक इसी नियम का पालन करते हुए औषधि ग्रहण करने करनी है

औषधि सुबह सुबह गाय के दूध से सूरज निकलने से पहले लेनी है यह सोते उठे ही यह औषधि नहीं लेनी है सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के बाद टॉयलेट बाथरूम जाने के बाद नहाने के बाद और भगवान शिव का स्मरण करने के बाद सूरज निकलने से पहले यह औषधि दूध के साथ लेनी है.

ladka hone ka upay, pregnancy, female,women


इस औषधि को लेने के बाद आपको 1 घंटे के बाद चाहे तो पानी पी सकती है कम से कम दो ढाई घंटे के बाद ही कुछ खाएं ताकि है औषधि अच्छे से आपके शरीर में पच सके अपना असर दिखा सके

शिवलिंगी के बीजों को गर्भवती महिला के लिए भी काफी सुरक्षित माना जाता है अगर आप इसी बीच गर्भवती हो जाती है तो आप एक बार किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से सभी बातें बताकर ही आगे इस औषधि का प्रयोग करें.


एक और इंपॉर्टेंट बात आपको गाय का दूध उस गाय का लेना है जिस गाय ने बछड़े को जन्म दिया हो और बचा जीवित भी हो,
हो सके तो उस गाय और बछड़े को गुड़ रोटी भी खिलाएं,  अगर आप हिंदू शास्त्रों की माने तो बछड़े वाली गाय का दूध अगर आप प्रेगनेंसी से 3 माह पूर्व से पी रही है तो भी यह अपने आप में पुत्र प्राप्ति की अचूक दवा माना जाता है,

shivlingi beej ka upyog kaise kare


और अंत में हम आपको बता दें अगर आप इस प्रयोग को कर रहे हैं तो किसी और को ना बताएं केवल पति पत्नी को पता हो बस, हो सकता है यह बात ऐसे व्यक्ति को पता चल जाए जो आप के यहां पुत्र प्राप्ति हो यह नहीं चाहता है तो ऐसे में उसकी जो इच्छा है कि आप के यहां पुत्र ना हो उसकी जो एनर्जी है वह आपके कार्य में बाधा उत्पन्न कर सकती है
You May Also Like : घर पर टूथपेस्ट से प्रेगनेंसी कैसे चेक करें

सीधी भाषा में बोले तो बद्दुआ दे सकता है और बद्दुआ की एनर्जी आपकी इच्छा पुत्र प्राप्ति की इच्छा को कमजोर बना सकती है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें