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गुरुवार, 25 जुलाई 2019

क्या प्रेगनेंसी में मूंगफली खा सकते हैं जानिए

नमस्कार दोस्तों, दोस्तों हम सभी जानते हैं कि प्रेगनेंसी में महिला के स्वास्थ्य का बहुत ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का स्वास्थ्य महिला के स्वास्थ्य पर ही निर्भर करता है इसलिए महिलाओं को जो भी खाने पीने की चीजें खाने के लिए बताई जाती है उसका  पौष्टिक होना वह भी बच्चे के दृष्टिकोण से अत्यधिक आवश्यक होता है, हमें इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि महिला जो भी चीज खा रही है उसका नुकसान उसके होने वाले बच्चे को ना हो इसी कड़ी में हम आज सर्दियों में खाया जाने वाला खाद्य पदार्थ मूंगफली इस पर चर्चा करने वाले हैं कि यह प्रेगनेंसी में खाया जा सकता है या नहीं खाया जा सकता है इसमें कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं जो प्रेगनेंसी में सहायता करते हैं, क्या इससे नुकसान भी होता है आदि बातों पर चर्चा करेंगे आइए दोस्तों से शुरू करते हैं.
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मूंगफली का नियमित सेवन प्रैंगनेसी के लिए भी बहुत अच्छा होता है. यह गर्भावस्था में शिशु के विकास में मदद करती है

फोलेट भी ज़रूरी :- प्रेग्नेंट महिला में उचित मात्रा में फोलेट का होना, उन्हे शिशु के जन्म के समय में होने वाली कई प्रकार की समस्या से छुटकारा दिलाती हैं. Pre-Mature Birth की संभावना को भी इसे खा कर काफ़ी हद तक कम किया जा सकता हैं, क्योंकि मूँगफली में फोलेट की मात्रा बहुत ज़्यादा पाई जाती हैं.

एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर :– polyphones एक बहुत ही अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट होता हैं. जो मूँगफली में भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं. इसके अलावा इसमे p coumaric acid और oleic acid भी पाए जाते हैं. जो ना केवल हेल्दी हार्ट के लिए ज़रूरी हैं, बल्कि फ्री रेडिकल्स को दूर करके कई प्रकार के इन्फेक्शन से बचाते हैं.

गुड फैट्स  का स्रोत :- मूँगफली में Monosaturated और polysaturated फैट पाया जाता हैं. जो हेल्दी हार्ट के लिए बहुत ही ज़रूरी हैं. इन दोनो की बैलेंस मात्रा कोलेस्टरॉल लेवल को कंट्रोल करती हैं. यह खराब कोलेस्टरॉल को कम करके शरीर के लिए ज़रूरी कोलेस्टरॉल के उत्पादन को बढ़ाती हैं. इससे दिल की कई प्रकार की बीमारियो से बचा जा सकता हैं.
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विटमिन्स का सोर्स :- शरीर के सही विकास के लिए प्रोटीन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती हैं. इसके साथ ही विटमिन्स सेल्स और टिश्यू के बनने में भी उतने ही ज़रूरी होते हैं. शरीर के बाकी अंगो के सही फंक्शन के लिए भी यह ज़िम्मेदार हैं. मेटाबोलिज्म का लेवल सही रखने के साथ फैट और कारबोहाइड्रेट को एनर्जी में बदलने का काम विटमिन्स ही करते हैं. और मूंगफली विटामिन का बड़ा अच्छा स्रोत है.

प्रोटीन का ख़ज़ाना :- प्रोटीन बॉडी के लिए बहुत जरूरी है. इसे खाने से पुराने सैल्स की मुरम्मत होती है और नए सेल्स का निर्माण होता है जो रोगों से लड़ने के लिए बहुत जरूरी है. इसे खाने से शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी हो जाती है.  इसलिए रोजाना कुछ मात्रा में मूँगफली का सेवन करना बच्चों के साथ साथ बडो के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता हैं. शाकाहारी भी मूँगफली खा कर अपने शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं.
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मिनरल्स का ख़ज़ाना :- मूँगफली में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, ज़िंक, पोटैशियम, कैल्शियम और सोडियम सभी प्रकार के मिनरल्स पाए जाते हैं. जो बॉडी को एक्टिव रखने के लिए ज़रूरी हैं. शरीर में इन सभी मिनरल्स की मौजूदगी पाचन क्रिया के साथ ही लिवर और हार्ट को सही रखती हैं. इससे कई प्रकार की बीमारियो से बचा जा सकता हैं.

अन्य फायदे :-
मूंगफली में पाया जाने वाला तेल पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. इसके सेवन से कब्ज,गैस और एसिडिटी की समस्या से भी राहत मिलती है. इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है.
रोजाना 50 या 100 ग्राम मूंगफली रोजाना खाने से सेहत बनती है. भोजन आसानी से पचता है और शरीर में खून की कमी नहीं होती है.

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इसमें कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा होती है. ऐसे में इसके सेवन से हड्डियां मजबूत बनती हैं.

एलर्जी :– मूँगफली की ज़्यादा मात्रा से एलर्जी भी हो सकती हैं, जो कई बार मौत का कारण बन जाती हैं. सेन्सिटिव स्किन के लिए भी मूँगफली बहुत की घातक होती हैं. मूँह में खुजली , चेहरे और गले में सूजन आदि इसके एलर्जी के ही रिज़ल्ट हैं. और तो और कई बार साँस लेने में परेशानी, अस्थमा अटैक भी हो सकता हैं. इसलिए जैसे ही किसी एलर्जी का आभास हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे और इसके ठीक होने तक किसी भी ड्राइ फ्रूट का सेवन ना करे.


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