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    महिलाओं में बांझपन के क्या कारण होते हैं - लाइफस्टाइल के कारण

    दोस्तों प्रेगनेंसी अपने आप में एक बड़ी ही क्रिटिकल प्रोसेस है, इसमें बहुत ज्यादा रिसोर्सेज की आवश्यकता होती है, इसके लिए महिला का शरीर लगभग लगभग स्वस्थ होना ही चाहिए अन्यथा प्रेगनेंसी में परेशानी आने का डर रहता है, प्रेगनेंसी की इस प्रोसेस में शरीर के सभी अंग चाहे डायरेक्ट चाहे इनडायरेक्ट अपनी भूमिका निभाते ही हैं इसीलिए शरीर का स्वस्थ होना अत्यधिक आवश्यक होता है शरीर को अत्यधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता भी होती है और शरीर निरोगी भी चाहिए होता है.
    महिला के लाइफ स्टाइल में –
    महिला की दिनचर्या
    महिला का खान पान
    महिला का कार्यक्षेत्र सभी आते हैं
    यह सभी के सभी महिला के शरीर पर अपना प्रभाव छोड़ते हैं उस प्रभाव के कारण प्रेगनेंसी की प्रक्रिया पर भी प्रभाव पड़ता ही है,
    अगर आपका लाइफ़स्टाइल आपके शरीर को नुकसान करता है तो मैं कहीं ना कहीं आप की प्रेगनेंसी की संभावनाओं पर भी प्रश्नचिन्ह लगा देता है.
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    किसी भी महिला का शरीर स्वस्थ रहेगा जब शरीर नियम से चलेगा अर्थात महिला सुबह टाइम से उठती है रात को टाइम से सोती है शरीर के लिए आवश्यक व्यायाम करती है आवश्यकता पड़ने पर आराम भी करती है, महिला एकदम नरम बिस्तर पर नहीं सोती है, और घर के कार्य को करने के लिए अपना योगदान भी देती है तो महिला एकदम स्वस्थ रहेगी.
    महिला को स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक मेहनत करना अत्यधिक आवश्यक होता है जो महिलाएं कुछ भी नहीं करती है घर का काम तक नहीं करती है उन्हें मोटापा घेर लेता है.
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    अधिक वजन बढ़ने से भी अंडोत्सर्ग में परेशानी होती है। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) ठीक होने पर अंडों के बनने की गति बढ़ती है और महिलाओं को बांझपन की समस्या होती है.

    अगर महिला के उठने का टाइम निश्चित नहीं है सोने का टाइम निश्चित नहीं है खाने पीने का टाइम निश्चित नहीं है अनिश्चित लाइफ़स्टाइल है तो ऐसे में शरीर स्वस्थ नहीं रह पाता है शरीर कमजोर होने लगता है बीमार होने लगता है ऐसी परिस्थिति में प्रेगनेंट होना मुश्किल हो जाता है.
    आपने देखा होगा कि बड़े शहरों में प्रेग्नेंट होने के लिए महिलाओं को ट्रीटमेंट लेने की आवश्यकता पड़ती है यह अनिश्चित रहन-सहन दिनचर्या के कारण ही होता है.


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    किसी भी व्यक्ति का खानपान ही शरीर के संगठन को मजबूती प्रदान करता है हमें हमेशा पोस्टिक भोजन ही  खाना चाहिए | अगर हमारे खाने पीने में पोषक तत्व नहीं होंगे तो हमारा शरीर कमजोर होने लगेगा शरीर को तरह-तरह की बीमारियां लगने लगेगी ऐसी परिस्थिति में जब प्रेगनेंसी होती है तो संपूर्ण शरीर को उसके लिए कार्य करना पड़ता है बीमार होने की स्थिति में शरीर को प्रेगनेंसी को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हो पाता है गर्भपात हो जाता है, देखने में ऐसी महिलाएं स्वस्थ लगती है लेकिन शरीर उनका सक्षम नहीं होता है.

    आपने देखा होगा कि महिलाएं प्रेग्नेंट नहीं हो पाती है लेकिन डॉक्टर थोड़ा सा ट्रीटमेंट करते हैं और उन्हें प्रेगनेंसी रुक जाती है अधिकतर केसेज में उसका कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना ही होता है.

    आजकल स्वाद के लिए फास्ट फूड खाने का बड़ा ही अनोखा रिवाज चल निकला है थोड़ी सी मेहनत ना करने  के कारण हम फास्ट फूड की तरफ आकर्षित हो जाते हैं.

    यह फास्ट फूड सिर्फ आपको कैलरीज ही देते हैं जिससे आपके शरीर पर फैट की मोटी लेयर चढ़ जाती है और अन्य आवश्यक पोषक तत्व शरीर को मिल ही नहीं पाते हैं शरीर कमजोर होने लगता है वैसे में प्रेगनेंसी होना बहुत मुश्किल होता है शरीर पर अधिक फैट होने के कारण बीएमआई इंडेक्स गड़बड़ हो जाता है इससे प्रेगनेंसी नहीं हो पाती है और साथ ही साथ थायराइड की समस्या की हो जाती है अगर थायराइड की समस्या हो जाती है तो बार बार गर्भपात होने लगता है,और बांझपन की समस्या दिखाई देने लगती है.
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    प्रेगनेंसी को आगे बढ़ाने के लिए शरीर में बहुत सारे पोषक तत्व की आवश्यकता होती है जो मिनरल्स विटामिन फैटी एसिड हारमोंस के रूप में शरीर के अंदर मौजूद होने चाहिए और यह सभी के सभी आपके भोजन के द्वारा ही प्राप्त किए जा सकते हैं अगर आप का भोजन ही सही नहीं होगा तो बांझपन की समस्या तो आएगी ही.

    अगर दंपत्ति बच्चे का प्लान कर रहे हैं तो उन्हें 6 महीने पहले से ही अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए और अपने शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए, जो लोग शहरी जीवन जीते हैं उन्हें योगा और व्यायाम तो जरूर ही करना चाहिए.


    महिला का कार्यक्षेत्र भी कभी कभी इसका कारण बन जाता है अगर महिला जॉब में है तो वह समय पर बच्चा प्लान नहीं करते हैं और जब वह अधिक उम्र के हो जाते हैं उस समय जब बच्चे को जन्म देने की कोशिश करते हैं तो उस वक़्त उनका शरीर उनका साथ देता ही नहीं क्योंकि शरीर की क्षमता काफी कम हो जाती है जो 1 बच्चे के बोझ को उठाने के लिए पर्याप्त नहीं होती है, बांझपन की समस्या नजर आती है.

    अगर महिला को उसके कार्यक्षेत्र में कार्य को लेकर तनाव की स्थिति बनती है तो यह है उसके शरीर पर बहुत ज्यादा नेगेटिव प्रभाव डालती है.
    इससे पहले वीडियो में भी हम ने बताया है कि तनाव को लेकर शरीर में क्या-क्या प्रभाव नजर आते हैं और उससे प्रेगनेंसी  किस प्रकार से प्रभावित होती है हमने विस्तार से बताया है वीडियो का लिंक आपको इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन जरूर मिलेगा.
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    अगर महिला के शरीर में कोई जन्मजात परेशानी ना हो तो सभी प्रकार के अन्य कारण महिला की लाइफ स्टाइल के कारण ही पैदा होते हैं, चाहे वह शारीरिक कारण ही क्यों ना हो और मानसिक कारण ही क्यों ना हो, इसीलिए महिला को बांझपन की समस्या का सामना करना पड़े तो उसे अपनी लाइफ स्टाइल पर ध्यान जरूर देना चाहिए इनडायरेक्टली लाइफ़स्टाइल भी आपके सभी प्रॉब्लम्स की जड़ में होती है.

    अगर आप यह जानना चाह रहे हैं कि आप गर्भवती है या नहीं है तो आप प्रेगनेंसी किट के द्वारा यह बात बड़ी आसानी से जान सकती हैं इसके लिए आप प्रेगनेंसी किट ऑनलाइन भी मंगवा सकती हैं इसके लिए हम आपको एक लिंक दे रहे हैं जिसकी सहायता से आप ऑनलाइन भी यह परचेस कर सकती हैं


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