प्रेगनेंसी में महिला का गिरना कितना खतरनाक और सावधानियां

 प्रेग्नेंसी के समय महिला को अत्यधिक सावधान रहना अत्यधिक आवश्यक होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिला का गर्भ शिशु बहुत ही ज्यादा नाजुक होता है ऐसे में उस पर किसी भी प्रकार का हल्का सा भी आघात उसे काफी नुकसान पहुंचा सकता है. आज हम बात करेंगे ---


प्रेगनेंसी के दौरान गिरना कितना खतरनाक होता है.
गिरने से बचने के लिए किन-किन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है.


प्रेगनेंसी में गिरना कितना खतरनाक

बात करते हैं, प्रेगनेंसी में गिरना कितना खतरनाक हो सकता है दोस्तों महिला के शरीर में गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा के लिए बहुत सारे इंतजाम होते हैं ऐसे में अगर महिला थोड़ा बहुत धक्का अगर गर्भस्थ शिशु के ऊपर सह लेती है तो अक्सर शरीर के अंदरूनी इंतजाम बच्चे की सुरक्षा कर लेते हैं लेकिन यह हमेशा नहीं होता है.

बच्चा एक द्रव की थैली में होता है. जिसकी वजह से बच्चा अक्सर सुरक्षित रहता है.

लेकिन अगर किसी कारणवश महिला काफी स्ट्रांग तरीके से गिर जाती है या उसे किसी कारणवश आघात लग जाता है तो ऐसे में गर्भ शिशु को नुकसान होने का काफी चांस होता है.

सबसे पहले तो गर्भ में शिशु काफी नाजुक होता है. ऐसे में अगर उस पर आघात आएगा तो वह अपंग पैदा हो सकता है, जो सही नहीं होता है.


बच्चे के मस्तिष्क पर प्रभाव आ सकता है. इस कारण से बच्चे का मस्तिष्क ठीक ढंग से विकास नहीं कर पाएगा.
बच्चा किसी जन्मजात रोग के साथ पैदा हो सकता है.

प्रेगनेंसी में महिला का गिरना कितना खतरनाक और सावधानियां

 

बच्चे के इंद्रियां कभी-कभी सही तरीके से काम नहीं करती हैं.

अगर महिला को किसी प्रकार की अंदरूनी चोट आ गई है, तो महिला का शरीर बच्चे का पोषण सही तरीके से नहीं कर पाता है, और बच्चा पूर्ण रूप से विकास नहीं कर पाएगा तो महिला को चोट लगना भी नुकसानदायक होता है.

बच्चे की सुरक्षा महिला का शरीर करता है. अगर महिला के शरीर में ही किसी प्रकार की चोट आ गई है, तो उससे बच्चे की सुरक्षा कम हो जाती है. और उसे संक्रमण होने का खतरा अधिक रहता है. कई बार गर्भपात भी हो जाता है.
महिला के गिरने की वजह से भी कई बार गर्भपात की संभावनाएं देखी गई है.

इस प्रकार से महिला का गिरना काफी नुकसानदायक होता है.


प्रेगनेंसी में गिरने से बचने के लिए सावधानियां


प्रेगनेंसी के दौरान गिरना ठीक नहीं माना जाता है इससे बचने के लिए आपको कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना काफी आवश्यक होता है.

महिला को किसी भी कीमत पर भारी सामान बिल्कुल भी नहीं उठाना चाहिए. यह पेट की मांसपेशियों को टाइट कर देता है. जिसकी वजह से गर्भस्थ शिशु पर प्रेशर पड़ सकता है.

महिला को चढ़ने और उतरने में हमेशा रेलिंग पकड़कर ही सीढ़ियां चढ़ने और उतरने चाहिए. चाहे कितना भी समय क्यों ना लगे.

 गर्भवती स्त्री को ऐसे जूते चप्पल नहीं पहनना चाहिए, जो पानी में फिसलते हो. साथी साथ महिला को हील वाली जूतियां नहीं पहननी चाहिए. हमेशा ऐसी जूती पहने जिसका बैलेंस अच्छा हो.'

 महिला को अपने घर का बाथरूम और फर्श हमेशा सुख रखना चाहिए. उस पर फिसलन बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए .

महिला को कभी भी प्रेगनेंसी के दौरान ऊंचाई पर चढ़ने से बचना चाहिए.  घर के अंदर सीढ़ी पर चढ़ने से बचें.

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में महिला का ग्रेविटी पॉइंट बदल जाता है. जिसकी वजह से महिला का बैलेंस पॉइंट बदल जाता है. और महिला के गिरने के बहुत ज्यादा चांस होते हैं. ऐसे में महिला को बहुत संभल कर चलने की आवश्यकता होती है.

आपको झुकने से बचना है.

आपको किसी भी ऊंचाई पर चढ़ने से भी बचना है.


अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आप गिरने से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगे.


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