क्या प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग करना चाहिए

हम एक आयुर्वेद की प्रसिद्ध औषधि या जड़ी-बूटी जिसे हम अश्वगंधा कहते हैं. 

हमारी चर्चा का मुख्य उद्देश्य यही है, कि क्या प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग एक गर्भवती स्त्री कर सकती है.


जैसा कि आजकल वायरस का प्रयोग बहुत ज्यादा चल रहा है. प्रभाव बहुत ज्यादा देखने में आ रहा है, और हम सभी जानते हैं, कि किसी भी गर्भवती महिला का इम्यून सिस्टम वास्तव में प्रेगनेंसी के दौरान कमजोर हो जाता है. 

ऐसे में उसकी सुरक्षा के लिए उसे संक्रमण से बचाने के लिए क्या प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग करना उचित रहता है. तो उस पर बात करें उससे पहले अश्वगंधा के फायदे और नुकसान के विषय में थोड़ा जान लेते हैं.

अश्वगंधा से फायदे


दोस्तों अश्वगंधा एक प्रसिद्ध औषधि आयुर्वेद के अंदर मानी जाती है. यह गर्भवती महिला को लेनी चाहिए या नहीं लेनी चाहिए. उससे पहले हम आपको बता दें कि इस के कौन-कौन से फायदे लेने से होते हैं.


अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर की सलाह पर अश्वगंधा का प्रयोग करता है तो उसे काफी सारे फायदे होने की संभावना होती है.


जिसके अंदर वह खतरनाक कैंसर से लड़ सकता है. 


ट्यूमर होने को रोकता है. 


थायराइड की समस्या को दूर करने में अश्वगंधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 


यह तनाव को भी दूर करने के लिए काफी कारगर होता है. 


यह व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे किसी भी प्रकार के संक्रमण में रोकथाम होती है.

आंखों में मोतियाबिंद है तो अश्वगंधा फायदा करता है. अश्वगंधा आंखों को मोतियाबिंद से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है.

क्या प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग करना चाहिए

बाल संबंधी रोगों में भी यह काफी लाभकारी है आपके बालों को मजबूत करता है जल्दी सफेद होने से रोकता है.


त्वचा संबंधी रोगों में काफी लाभकारी है तो त्वचा में कॉलेजन को बढ़ाता है जिससे त्वचा रूखी सूखी नहीं होती है.

अश्वगंधा से नुकसान


लेकिन इसकी अनियमित मात्रा अगर आप लेते हैं अगर आप अपने डॉक्टर से पूछ कर इसका प्रयोग नहीं करते हैं तो यह नुकसान भी दे सकता है.


जिस व्यक्ति को बीपी की समस्या है उसे अश्वगंधा नहीं लेना चाहिए, पहले डॉक्टर से जरूर पूछें.


अधिक मात्रा में सेवन करने से डायरिया, पेट दर्द की समस्या नजर आती है. 


कुछ व्यक्तियों को उल्टियां जी मिचलाने यही समस्या अश्वगंधा लेने के बाद हो जाती है.


अगर आप डायबिटीज की गोली का सेवन कर रहे हैं तो डॉक्टर से पूछ कर इसका प्रयोग करें.


अगर आप अश्वगंधा के अधिक लाभ लेने के चक्कर में इसका अधिक प्रयोग करते हैं तो व्यक्ति को बुखार थकावट और दर्द की समस्या हो जाती है.


प्रेगनेंसी के दौरान महिला को तनाव और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता का सामना करना पड़ता है तो क्या ऐसे में महिला जो की गर्भस्थ है उसे अश्वगंधा का प्रयोग करना चाहिए.


हम आपको बता दें काफी सारी महिलाएं आयुर्वेदाचार्य के संपर्क में रहकर प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग की करती हैं. 


अगर आप सरसरी तौर पर पूछे कि क्या अश्वगंधा का प्रयोग प्रेग्नेंसी में करें तो इसका उत्तर आपको यही मिलेगा कि प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह उत्तेजना पैदा करने के गुण भी रखता है. 


यह पुरुषों में उनके शुक्राणुओं को मजबूत करने का कार्य करता है, और काम शक्ति को प्रेरित भी करता है. 


ऐसे में अगर गर्भवती महिला इसका प्रयोग करती है तो यह संकुचन को प्रेरित कर सकता है. गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है. 


यह एक आयुर्वेदिक औषधि है, यह तासीर गर्म होती है. इसलिए इसका प्रयोग सोच समझकर ही प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए. 


ऐसा नहीं है कि यह प्रेगनेंसी में फायदा नहीं करती है लेकिन इसकी मात्रा का निर्णय इसी अनुभवी आयुर्वेदाचार्य के द्वारा ही आपके लिए किया जाए तो यही आपके लिए उत्तम रहेगा.


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