नवजात शिशु के पहले 24 घंटे | नवजात की आवश्यकता | किन किन बातों का ध्यान रखें – Part 1

 9 महीने का एक कठिन समय महिला ने पार कर लिया है, और उसके फल स्वरुप एक नन्हा सा बालक की गोद में है. अब उसकी नई जिम्मेदारियां शुरू हो गई है.

 उसे इस बच्चे के साथ अपने पुराने जीवन में लौटते काफी तालमेल बैठाने की आवश्यकता भी है.

 चर्चा करते हैं, किस प्रकार से महिला अपने या परिवार अपने घर के नन्हे मेहमान की देखभाल करें, ताकि वह स्वस्थ रहें और एक स्वस्थ जीवन आगे बढ़ा सके.



बच्चे की देखभाल को लेकर आगे भी बात करेंगे लेकिन आज हम बच्चे के पहले 24 घंटे को लेकर बात कर रहे हैं बच्चे के पहले 24 घंटे, या  जीवन की शुरुआत के कुछ पहले क्षण परिवार के लिए और बच्चे दोनों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं.

नवजात शिशु के पहले 24 घंटे | नवजात की आवश्यकता | किन किन बातों का ध्यान रखें – Part 1

 
नवजात शिशु अपने आप को सुरक्षित महसूस करें

आपका बच्चा भले ही सीरियन पैदा हुआ हो या फिर सामान्य डिलीवरी के माध्यम से पैदा हुआ हो बच्चे को जो सबसे पहले जरूरत होती है. वह जरूरत है कि वह अपने आप को सुरक्षित महसूस करें. यह उसकी मानसिक अवस्था के लिए काफी आवश्यक है.

साथ ही साथ अचानक से नए परिवेश में आने पर बच्चे की बहुत सारी शारीरिक आवश्यकताएं भी होती है तो उनका भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है.

बच्चे को गर्मी की आवश्यकता होती है

जैसे कि संसार में आते ही बच्चे को गर्मी की आवश्यकता बहुत ज्यादा होती है. क्योंकि वह अपेक्षाकृत अधिक ठंडे वातावरण में आता है, तो उसे अपने शरीर के तापमान को समायोजित करने में थोड़ा समय लगता है.

 इसलिए बच्चे को शुरुआती समय में गर्म  रखना अत्यधिक आवश्यक है. उसे तुरंत हल्के गर्म वातावरण में रखना आवश्यक होता है. इसके लिए बच्चे को माता के सीने से लगा कर रखना काफी फायदेमंद माना जाता है.

बच्चा माता के करीब ही होना चाहिए

इससे बच्चे की और मां की बॉन्डिंग और ज्यादा मजबूत होती है, और बच्चे को शारीरिक गर्मी भी प्राप्त होती है, जो उसके लिए अत्यधिक आवश्यक है. उसे सुरक्षा भी महसूस होती है.

जन्म की प्रोसेस में बच्चा थक जाता है ध्यान रखें

बच्चे का जन्म लेना एक काफी थका देने वाली प्रक्रिया होती है. इसमें मां और बच्चा दोनों बहुत ज्यादा थक जाते हैं. मां तो बता सकती है, लेकिन बच्चा नहीं बता सकता है.

 इसलिए बच्चे को जन्म के बाद नींद की काफी आवश्यकता होती है. साथ ही साथ उसे शारीरिक एनर्जी को बनाए रखने के लिए माता के पहले दूध की भी अत्यधिक आवश्यकता होती है.

बच्चे को हाथ साफ करके ही छुए

बच्चा इस दुनिया के लिए नया होता है. इसलिए उसका शरीर काफी कमजोर होता है. छोटे से छोटा वायरस उसके लिए काफी खतरनाक माना जाता है.



पहले 24 घंटे मात्र माता ही बच्चे को छुए

जब कोई नया मेहमान घर में आता है तो घरवालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं होता है. यहां तक कि आपके जानने वाले आपके पास पड़ोस वाले सभी के लिए यह एक खुशी की बात होती है, और  परिवार वाले और रिश्तेदार सभी बच्चे की झलक पाने के लिए लालायित होते हैं, और साथ ही साथ उसे गोद में लेने के लिए भी काफी लालायित रहते हैं.

यहां पर माता को और पिता दोनों को थोड़ा सा हिम्मत दिखानी होगी और बिना हाथ धोए किसी को भी बच्चे को छूने नहीं देना चाहिए.

मेहमान हाथ साफ करके ही बच्चे को छुए

हालांकि यह जरूरी नहीं कि कोई भी बच्चे को छू लेगा तो उसे कुछ परेशानी हो जाएगी. लेकिन कभी-कभी बाहर से हाथों पर कुछ हानिकारक वायरस या कीटाणु हो सकते हैं, जो उस व्यक्ति को तो इतना नुकसान नहीं पहुंचाते.

 क्योंकि उसकी इम्यून सिस्टम मजबूत है, लेकिन बच्चे कानून सिस्टम कमजोर होता है. तो वह उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं. यह थोड़ा सा दूसरा व्यक्ति नाराज हो सकता है, लेकिन आपको बच्चे के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह बात हर एक व्यक्ति को समझा नहीं पड़ेगी.

जैसा कि हमने बताया कि हर एक व्यक्ति के छुए से समस्या नहीं होगी लेकिन किस व्यक्ति के छूने से समस्या हो जाएगी यह आपको भी नहीं पता होगा हालांकि माता-पिता को भी बच्चे को छूने से पहले अपने हाथों को सैनिटाइज जरूर करना चाहिए.

हाथों को सैनिटाइज जरूर करें

बच्चे को कम से कम पहले 24 घंटे ही नहीं बल्कि 15 से 20 दिन तक जब भी कोई व्यक्ति छुए तो उसके हाथ सैनिटाइज करा कर ही उसे छुए तो ज्यादा अच्छा रहता है क्योंकि बच्चा दुनिया में आते ही अपने आप को मजबूत करना शुरू कर देता है और 15 से 20 दिन में वह काफी हद तक शारीरिक मजबूती प्राप्त कर लेता है.

हालांकि जो व्यक्ति बच्चे को गोद में लेगा जितना खतरा उसके हाथों से है उतना ही खतरा उसका बच्चे के पास बोलने से या उसके कपड़ों से भी होता है.

बच्चे के पास भीड़ नहीं लगाएं

इसलिए आप यह ध्यान रखें कि पहले 24 घंटे तो कोई भी व्यक्ति बच्चे के पास भीड़ नहीं लगाए और ना ही उसके आसपास बोले क्योंकि उसके बोलने से उसके सांसो से भी बच्चा संक्रमित हो सकता है और यह बात पिछले 3 साल में सिद्ध भी हो गई है पिछले 3 वर्ष से हर व्यक्ति मास्क लगाकर घूम रहा है.

दोस्तों अगले वीडियो के माध्यम से हम बच्चे की कौन-कौन सी जांच करवानी चाहिए और किन अवस्था में डॉक्टर को तुरंत सूचित करना चाहिए इस समस्या पर इस विषय पर बात करेंगे.

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