अपने मुंह मियां मिट्ठू | अपनी तारीफ करना पड़ा महंगा

 नमस्कार दोस्तों आज हम आपके सामने शेषाद्री के द्वारा भेजी गई एक कहानी अर्थात उनका अनुभव आपके सामने शेयर करने जा रहे हैं. जहां उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि अपने मुंह मियां मिट्ठू कभी भी नहीं बनना चाहिए. ऐसा करने से कभी-कभी आपको भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है.

शेषाद्री एक मिलक नाम के कस्बे की रहने वाली लड़की है जो एक बड़े शहर से 70 से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस प्रकार से कस्बे का माहौल थोड़ा सा ग्रामीण और बड़े शहर दोनों का मिलाजुला प्रभाव रखता है.

कस्बे में दोनों ही प्रकार की संस्कृति नजर आती है जहां कुछ लोग टिपिकल इंडियन लाइफस्टाइल को पसंद करते हैं, तो अधिकतर युवा मॉडर्न लाइफस्टाइल की तरफ झुकाव रखते हैं. एक तरह से आपस में द्वंद नजर आता है.

शेषाद्री के पड़ोस में मीना आंटी रहती हैं जो टिपिकल इंडियन कल्चर को फॉलो करती हैं लेकिन साथ ही साथ वह आधुनिक कल्चर में अत्यधिक कमी निकालती है, और उसे फॉलो करने वाले लोगों को भी बुरा भला कहने से नहीं  चूकती हैं.

शेषाद्री ग्रेजुएशन कर रही हैं और वह युवा होने की वजह से मॉडर्न लुक और लाइफस्टाइल को काफी पसंद करती हैं और साथ ही साथ अपने भारतीय लाइफस्टाइल को भी मेंटेन रखने की पूरी कोशिश करती हैं.

मीना आंटी अक्सर पड़ोस में शेषाद्री के लाइफ़स्टाइल कपड़ों और मित्रों के विषय में अनर्गल बातें करने से भी नहीं चूकती है क्योंकि वह उनकी आदत में शामिल है.

 साथ ही साथ वह हमेशा अपने बच्चों की तारीफ करती हैं और हमेशा यही दिखाने की कोशिश करती हैं कि उनके बच्चे भारतीय लाइफस्टाइल को बहुत मजबूती से फॉलो करते हैं, और काफी सिविलाइज्ड हैं.

जब शेषाद्री को इस बात का पता चला तो उन्हें बहुत दुख हुआ और वह मीना आंटी के सामने अक्सर अपने आप को काफी असहज महसूस करने लगी थी.

क्योंकि वह अपनी बेटी की तुलना शेषाद्री से करती और शेषाद्री को नीचा दिखाने की कोशिश करती.

जब भी दोनों का सामना होता था तो मीना आंटी शेषाद्री को जिस नजर से देखती थी और मुस्कुराहट भरी अदा से देखती थी शेषाद्री अंदर तक असहज महसूस करने लगती थी. इस बात का अंदाजा मीना आंटी को भी था और वह इस बात को काफी एंजॉय करती थी.

इसलिए वह हमेशा उनसे नजर बचाकर निकलने की कोशिश किया करती थी. और मीना आंटी हमेशा नजरें मिलाने की जुगत में रहती थी.

दोनों में एक प्रकार से अनकहा द्वंद चल रहा था. जिसमें हमेशा बाजी मीना आंटी की ही होती थी. और अपनी लाइफ स्टाइल की वजह से शेषाद्री हमेशा अपने आप को असहाय महसूस करती थी. शेषाद्री के माता-पिता भी उसे समाज का हवाला देकर उसे रोकने की कोशिश करते थे.

अचानक से 1 दिन खबर आती है, कि मीना आंटी की लड़की का अफेयर किसी लड़के से चल रहा है, और वह उसके साथ घर से भाग गई है.

मोहल्ले की सबसे सुशील कन्या भारतीय कल्चर की इकलौती मिसाल द्वारा यह सब करने से सभी स्तब्ध थे.

अपने मुंह मियां मिट्ठू बनकर उन्होंने जिस प्रकार की छवि अपने बच्चों की बनाई थी वह बिल्कुल फूट गई थी.
अब नंबर शेषाद्री का था. अब मीना आंटी ने घर से बाहर निकलना काफी कम कर दिया था. अब वह सब से नजरें बचा रही थी.

 

अपने मुंह मियां मिट्ठू | अपनी तारीफ करना पड़ा महंगा

अब शेषाद्री को बड़ी बेसब्री से उनसे नजरें मिलाने की इच्छा हो रही थी. केवल शेषाद्री ही नहीं बल्कि मोहल्ले की कुछ और लड़कियां भी उनके द्वारा प्रताड़ित की थी.

1 दिन सभी लड़कियां एक साथ जा रही थी और दूसरी ओर से मीना आंटी उन्हें रास्ते में नजर आई मीना आंटी उनसे नजरें चुराकर निकलने की कोशिश में थी लेकिन सभी लड़कियों ने जाकर मीना आंटी को घेर लिया.

और उनकी बेटी लता के बारे में सवाल करने शुरू कर दिए.
ऐसा कैसे हो गया
लता अब कहां है
आपने इसके लिए क्या किया

ऐसे ही कुछ दिल को चुभते हुए सवाल किए, जिसका समुचित जवाब मीना आंटी देना नहीं चाह रही थी.

अंत में शेषाद्री ने कहा आंटी जी आप हमेशा अपने मुंह मियां मिट्ठू बनकर अपने बच्चों की तारीफ किया करती थी जिसकी वजह से आज आप नज़रें नहीं मिला पा रही हैं, और आप हम लोगों को बुरा भला कहा करती थी. जिसका नतीजा आज आपके सामने है. कृपया आप आगे से ऐसा कभी नहीं करना.

मीना की आंखों से आंसू आने लगे थे और वह बिना कुछ जवाब दिया आगे बढ़ गई और शेषाद्री भी बहुत दिनों के बाद चैन की सांस ले पा रही थी.

यह बात बिल्कुल 100% सही है कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने से हमेशा कभी ना कभी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है और हमें इस कृत्य से हमेशा दूर रहना चाहिए.

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