प्रेगनेंसी में गर्म तासीर और ठंडी तासीर के भोजन का क्या अर्थ है

 नमस्कार दोस्तों आप ने काफी ज्यादा Online देखा होगा कि महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ठंडी तासीर का भोजन खाने की सलाह दी जाती है, और वही डिलीवरी के बाद महिलाओं को गर्म तासीर का भोजन खाने की सलाह दी जाती है.
इस से आप क्या समझते हैं, गर्म तासीर का भोजन क्या होता है, और ठंडी तासीर का भोजन क्या होता है.

दोस्तों जैसा कि गर्म तासीर ठंडी तासीर के भोजन की हम बात कर रहे हैं, तो आपने जरूर सुना होगा और देखा भी होगा कि प्रेगनेंसी के दौरान ठंडी तासीर के भोजन को प्राथमिकता दी जाती है, और वही जैसे ही डिलीवरी हो जाती है, तो अगले 40 दिनों तक महिलाओं को किसी भी कीमत पर ठंडी तासीर के भोजन से बचना चाहिए. 

प्रेगनेंसी में गर्म तासीर और ठंडी तासीर के भोजन का क्या अर्थ है


वही उसे गर्म तासीर का भोजन हर हाल में लेना चाहिए. क्योंकि यह उसकी सेहत से जुड़ा मामला है. ठंडी तासीर का भोजन लेने से महिलाओं के शरीर में कमजोरी आ जाती है, उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है.

यह उसी प्रकार से है जैसे की गर्म लोहे पर ठंडा पानी डाल देने पर उसके मजबूती के गुण समाप्त हो जाते हैं और वह आराम से टूट जाता है. वही सब कुछ शरीर के साथ भी होता है.

वही प्रेगनेंसी के दौरान ठंडी तासीर का भोजन खाने की सलाह दी जाती है. इसका कारण यह है कि गर्म तासीर का भोजन महिला के शरीर में हर प्रकार की गतिविधियों को बढ़ा देता है, और ऐसे में महिला के शरीर में संकुचन होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और गर्भपात हो सकता है.

वैसे हम आपको बता दें कि आप सामान्यतः इस बात का पता नहीं लगा सकते हैं, कि गर्म तासीर का भोजन कौन सा होता है ठंडी तासीर का भोजन कौन सा होता है यह तो एक रिसर्च का विषय है.

लेकिन ठंडी तासीर के भोजन की क्या प्रॉपर्टी होती है और गर्म तासीर के भोजन की क्या प्रॉपर्टी अर्थात गुण होता है इसे हम समझ सकते हैं.

इसे हम वैज्ञानिक भाषा में भी एक्सप्लेन कर सकते हैं और एक सामान्य भाषा में भी एक्सप्लेन कर सकते हैं जिससे हर कोई समझ सके तो हम दूसरा तरीका अपनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हर एक व्यक्ति इसे समझ पाने में सक्षम हो.

जब हम कोई भोजन खाते हैं तो वह भोजन हमारे शरीर में जाकर पचता है. जब भोजन पचता है तो उसके अंदर जो भी पोषक तत्व होते हैं पचते समय हमारे शरीर से जो भी एंजाइम या एसिड निकलते हैं. वह भोज्य पदार्थ के उन तत्वों से जब क्रिया करते हैं और उन्हें पचाने की कोशिश करते हैं अगर वह भोजन बचते समय गर्मी को अवशोषित करता है अर्थात उसे पचने में गर्मी की आवश्यकता होती है और वह शरीर की गर्मी को सोख लेता है तो वह भोजन तासीर में ठंडा माना जाता है क्योंकि उसने शरीर की गर्मी को सोख लिया है.

लेकिन जब किसी खाद्य पदार्थ के तत्व पचते समय गर्मी को छोड़ते हैं तो वह गर्म तासीर का भोजन माना जाता है.

कभी-कभी कुछ लोगों को गलतफहमी होती है कि जो भोजन गर्म होता है उसे गर्म तासीर का भोजन कहा जाता है. और जो भोजन ठंडा होता है उसे ठंडी प्रकृति का भोजन माना जाता है जबकि ऐसा नहीं है हम आपको बता दें आइसक्रीम बहुत ठंडा भोज्य पदार्थ है लेकिन यह तासीर में गर्म होता है क्योंकि क्योंकि जब भी है शरीर में जाकर पचने लगता है तो यह गर्मी को छोड़ता है और शरीर में गर्मी पैदा करता है.

घर की बहुत सी बड़ी महिलाएं बहुत से भोजन को खाने से मना करती हैं और बहुत से भोजन को खाने के लिए प्रिसक्राइब भी करती हैं तो यह मुख्यतः है इसका लॉजिक गर्म तासीर के भोजन और ठंडी तासीर के भोजन से ही होता है लेकिन कुछ भोजन ऐसे भी होते हैं जिनके अंदर पाए जाने वाले तत्व गर्भपात हो उत्तेजित करते हैं लेकिन वह सब के सब गर्मी को ही छोड़ते हैं.

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