गर्मियों में नवजात का ध्यान कैसे रखें


छोटे बच्चों का जिनका जन्म अभी कुछ ही समय पहले हुआ है उनका गर्मियों के मौसम में किस प्रकार से ध्यान रखा जाए.
क्योंकि यह शिशु की पहली या दूसरी गर्मी हो सकती है, और शुरुआत के 1 और 2 साल के अंदर बच्चे को किसी भी बाहरी वातावरण की इतनी ज्यादा आदत नहीं होती है. इसलिए उसकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है.


गर्मियों में नवजात का ध्यान कैसे रखें


1.  गर्मियों में नवजात का ध्यान कैसे रखें


किसी भी नवजात शिशु की देखभाल गर्मियों के मौसम में कई स्तर पर की जाती है.

1.1 रूम टेंपरेचर

बच्चे के लिए सबसे आदर्श रूम टेंपरेचर लगभग 25 डिग्री का रहता है. इसलिए आप कोशिश करें कि आपके कमरे का तापमान इसी के आसपास बना रहे. 

इसके लिए आप पंखा, कूलर या एयर कंडीशन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. आपका कमरा खुला हुआ होना चाहिए. आप चाहे तो कमरे की छत पर धूप से बचाने के लिए टाट के बोरे पानी डालकर रख सकते हैं, खसखस की घास से बने चिक टांग सकते हैं. यह सब काफी मदद करेंगे.

1.2 हीट रैशेज

बच्चों को गर्मियों के दौरान हीट रैशेज की समस्या नजर आती है, अर्थात बच्चों की त्वचा पर गर्मी के कारण लालिमा जाती है.
अगर आप एक्सपर्ट की मानें तो उनके अनुसार जब आप अपने बच्चे को नहीं लाती है, तो उसके अंदर एक से दो चम्मच ओरिजिनल चंदन पाउडर को जरूर मिलाएं. बच्चे की त्वचा को ठंडा रखने का कार्य करता है.

नहलाने के बाद अच्छे क्वालिटी का टेलकम पाउडर भी लगाएं बच्चा अगर असहज महसूस करता हो तो उसके डायपर और कपड़ा जो वह पहने हुए हैं उसे ढीला करें.

1.3 डिहाइड्रेशन की समस्या का ध्यान रखें

असल में बच्चों की एनर्जी बहुत ज्यादा होती है. इस वजह से डिहाइड्रेशन की स्थिति में भी वह काफी चंचल नजर आते हैं, और हम गलतफहमी के कारण यह नहीं समझ पाते हैं कि बच्चे की तबीयत अर्थात शरीर में पानी की कमी हो गई है.

डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं बुखार ,उल्टी ,दस्त, पानी पीने की इच्छा नहीं होना, देर से पेशाब करना, चक्कर आना, रोना, रोने पर आंसू नहीं आना, होंठ और मुंह का सुख जाना ,घबराहट, चिड़चिड़ापन इन सब का ध्यान रखें.

1.4 कीट पतंगों सावधानी

गर्मियों के मौसम में बरसात होने पर कीड़े मकोड़े और पतंगे बहुत ज्यादा नजर आते हैं. इन सब से बच्चे को काफी ज्यादा संभाल कर रखने की आवश्यकता होती है. बच्चे को ऐसे मौसम में संक्रमण का खतरा रहता है.

1.5 पानी

जैसा कि हमने बताया कि 6 महीने तक बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है. इसलिए उसे गर्मी और बरसात के मौसम में जब काफी ज्यादा गर्मी पड़ती है, तो पानी उबालकर फिर ठंडा करके दें.
इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण की संभावना समाप्त हो जाती है, अगर आप सीलबंद पानी दे रही है तो सील को अवश्य चेक करें और किसी विश्वसनीय ब्रांड का ही पानी बच्चे के लिए प्रयोग करें.

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1.6 बच्चे का आहार

गर्मियों के मौसम में बच्चे को कई बार स्तनपान कराना चाहिए ताकि वह गर्मियों के मौसम में हाइड्रेट रहे. उसके शरीर में पानी की कमी नहीं हो, अगर बच्चा दूध नहीं पीता है तो मां से प्राप्त होने वाले एंटीबॉडीज उसे नहीं मिल पाएंगे और उसकी सुरक्षा कमजोर पड़ जाएगी. उसकी इम्यून सिस्टम कमजोर रह जाएगी और उसे कोई भी संक्रमण जल्दी से लग सकता है.

अगर यह बच्चे की दूसरी गर्मी है तो बच्चा ऊपर से भोजन जरूर लेता होगा, उसके लिए आप बच्चे को फल दे सकते हैं. गर्मियों में मिलने वाले फ्रूट्स ठंडे नेचर के होते हैं. अगर बच्चे ने अभी-अभी पोषाहार लेना शुरू किया है तो उसे आपको उबला हुआ भोजन दे सकते हैं.

1.7 सही वस्त्रों का चुनाव

छोटे बच्चे की त्वचा को ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है. ऐसे में सही कपड़ों का चुनाव करना अत्यधिक आवश्यक होता है. कपड़े सोती हो तो बहुत अच्छा है. धीरे डाले और कंफर्ट होने चाहिए जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत ना हो घुटन महसूस ना हो फैशन के चक्कर में बच्चे को सुंदर दिखाने के चक्कर में बच्चे की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करें.

1.8 सनबर्न

गर्मियों के मौसम में धूप में काफी ज्यादा तेजी रहती है. इसलिए बच्चे को बिना वजह घर से बाहर लेकर घूमने जाने से बचना चाहिए. सनबर्न बच्चे को काफी नुकसान पहुंचा सकता है.

1.9 डॉक्टर से सलाह

बच्चों को गर्मियों के मौसम में लापरवाही की वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या नजर आ जाती है. अगर आपको उसके लक्षण नजर आए जैसा कि हमने पहले ही बताया है, आपको डॉक्टर से  संपर्क करना चाहिए.

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