1 महीने में बच्चे का दिमाग कितना विकसित हो जाता है

1 माह के शिशु के मस्तिष्क के विकास की बात कर रहे हैं.

डिलीवरी के बाद जब बच्चा अपने जीवन में प्रवेश करता है, तो पहले महीने उसके मस्तिष्क के विकास में कौन-कौन से चरण पूरे होते हैं.

9 महीना गर्भ में बच्चे का विकास और उसके मस्तिष्क का विकास लगातार होता रहता है, और यह विकास बच्चे के पैदा होने के बाद भी जारी रहता है.

पहले महीने में बच्चे में कौन-कौन सी ऐसी एक्टिविटी डिवेलप होती हैं, जिनका संबंध बच्चे के दिमाग से होता है.

अभी बच्चे के मस्तिष्क का विकास पूरा नहीं हुआ है. अगले 5 साल तक बच्चे का मस्तिष्क अपना विकास करता रहेगा, और वह नई नई चीजों को सीखने में अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल भी करेगा.

डिलीवरी के बाद 1 महीने के अंदर अंदर बच्चे में कुछ छोटे-छोटे परिवर्तन नजर आते हैं जो उसके मस्तिष्क के विकास की तरफ इशारा करते हैं आइए जानते हैं.

बच्चा पैदा होने के बाद पहले दिन से सीखना शुरू कर देता है, और यह एक सामान्य प्रक्रिया है.

हम यहां जो भी मानसिक क्षमताओं का जिक्र कर रहे हैं वह क्षमताएं 100% हर बच्चे में डेवलप हो जाए जरूरी नहीं है.



जिन बच्चों में यह क्षमता डेवलप नहीं हुई है, इसका मतलब यह नहीं है, कि वह मानसिक रूप से कमजोर है. कभी-कभी बच्चों को कुछ क्षमताओं को डिवेलप करने में समय लगता है.

जैसा कि कुछ बच्चे जल्दी बोलना शुरू करते हैं और कुछ बच्चे देर से बोलना शुरू करते हैं कुछ ऐसे ही


चेहरे या वस्तु की पहचान

जब बच्चा पैदा होता है, तो सब कुछ उसके लिए अनजान होता है. मात्र वह अपनी माता के स्पर्श को और उसके एहसास को ही समझता है.  

हालांकि वह चेहरा भी नहीं पहचानता है. 1 महीने का होते-होते बच्चा अपने दिमाग को इतना विकसित कर लेता है, कि वह कुछ खास चेहरों को और कुछ चीजों को पहचानने लगता है.

खासकर माता को तो वह जरूर पहचानता है. अगर आप उसकी आंखों के आस पास कोई थोड़ा सा चमकीली चीज रख देते हैं, तो वह उसे गौर से देखता है और उसे पहचानने की कोशिश भी करता है,

 शिशु की क्षमता के विकास में छह से 12 माह तक लग सकते हैं. 1 वर्ष के शिशु में यह क्षमता पूर्ण रूप से विकसित हो जाती है.

चीजों का एहसास

बच्चा कोमल चीजों को, ठोस चीजों को और खुरदरी चीजों को पहचानना शुरू कर सकता है. हालांकि एक महा का होते होते कुछ बच्चे इस में अंतर नहीं करते हैं, लेकिन कुछ बच्चों में यह क्षमता विकसित हो जाती है वह हल्का फुल्का इन चीजों को समझने लगते हैं.

गंद का एहसास

एक माह का होते होते बच्चा अपने अंदर गंद समझने की क्षमता को विकसित कर लेता है. बहुत से बच्चे अच्छी गंद और खराब गंद में अंतर कर सकते हैं. खराब गंद के साथ वह थोड़ा सा विचलित हो जाते हैं.

स्वाद कलिकाओं का विकास

1 माह का बच्चा मात्र माता का ही दूध पीता है, लेकिन अगर माता ने कुछ ऐसा खा लिया है, जिसकी वजह से उसके दूध में उसकी गंध आ गई है, तो बच्चा उसे पहचान जाता है. उसे उसका स्वाद अलग लगता है, तो वह दूध पीने में आनाकानी कर सकता है. 

अगर आप माता के दूध के अलावा उसे बाहर से कोई दूध देते हैं, तो बच्चा कभी-कभी दूध नहीं पीता है, क्योंकि वह उसके स्वाद को पहचानता है.

भूख का एहसास

शुरू शुरू में बच्चा अपनी भूख को नहीं पहचानता है. आप जब भी उसे दूध पिलाते हैं, वह पी लेता है लेकिन धीरे-धीरे बच्चा जब 1 महीने का होने को आता है, तो वह अपनी भूख को पहचानने लगता है, और जरूरी नहीं कि जब आप उसे दूध पिलाए वह तब दूध पी ले. जब बच्चे को भूख लगती है तो मैं रोना शुरू कर देता है.

 यह कुछ मुख्य चीजें जो बच्चे के मस्तिष्क से जुड़ी हुई थी जिनका विकास लगभग 1 महीने में हो जाता है. हालांकि बहुत से मामलों में यह विकास कुछ और समय भी ले सकता है, और इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि जिन बच्चों में यह क्षमता विकसित नहीं हुई है, उनमें मानसिक क्षमता कमजोर है. बच्चा यह सब आने वाले कुछ दिनों में भी सीख सकता है.



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