प्रेगनेंसी का बारहवां हफ्ता - 12 weeks pregnant

नमस्कार दोस्तों दोस्तों प्रेगनेंसी का बारहवां हफ्ता शुरू हो चुका है, और पहली तिमाही अपने अंतिम दौर में हैं. बहुत सी महिलाएं पहली तिमाही को सबसे ज्यादा कठिन मानती हैं, तो आपको इस बात की बधाई कि आपने पहली तिमाही सफलतापूर्वक पार कर ली है.

अब शिशु पहले की तुलना में काफी ज्यादा मजबूत हो चुका है, और हल्के-फुल्के झटके इत्यादि का जितना फर्क पहले पड़ता था, अब उतना नहीं पड़ेगा. फिर भी आपको विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता पूरी प्रेगनेंसी के दौरान रहेगी.



प्रेगनेंसी का बारहवां हफ्ता

 

प्रेगनेंसी में 12 हफ्ते के लक्षण


शिशु के विकास में बहुत ज्यादा एनर्जी की आवश्यकता पहले दिन से ही होती है. ऐसे में एनर्जी बनाने के लिए ऑक्सीजन की काफी ज्यादा आवश्यकता होती है, और इससे आपके शरीर का ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है, और साथ ही साथ आपको लंबी और गहरी सांस लेनी पड़ती हैं. अब आपको इस प्रकार की लंबी लंबी सांसे लेने की आदत हो चुकी होगी.

कई बार महिलाओं को ऐसा महसूस हो सकता है कि, वैसे यह पिछले हफ्तों में भी हुआ होगा, इस बार भी होगा कि आपको अचानक से किसी खाद्य वस्तु को खाने की तीव्र इच्छा हो सकती है. बस आप उसे तभी खाएं, जब वह आपको पौष्टिकता प्रदान करें अन्यथा अपने मन को समझा कर रखें.

आपको इस बात का भी विशेष ध्यान रखना है, कि प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी चीज कभी भी अधिक मात्रा में नहीं खानी है. हमेशा संतुलित मात्रा में ही कोई भी खाद्य वस्तु ग्रहण करनी है.

साथ ही साथ आप इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके भोजन में एक बार में बहुत ज्यादा खाने की वैरायटी नहीं होनी चाहिए. उसका एक बड़ा ही सेंटिफिक रीजन है, पहले तो महिलाओं के शरीर में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है.

अगर आप अपने भोजन में अधिक वैरायटी रखेंगे तो उसके अंदर कुछ भोज्य पदार्थ ऐसे होंगे जो एकदम से पच जाते हैं. कुछ ऐसे होंगे जो थोड़ा देर से पचते हैं, और जब तक खाना पूर्ण रूप से पच नहीं जाता है तब तक वह आगे आंतो में जाकर प्रोसेस भी नहीं होता है. तो जो भोजन पहले पच गया है वह पेट में पड़ा पड़ा सड़ने लगेगा. गैस और एसिडिटी की समस्या हो जाएगी. तो आप के भोजन में एक तो वैरायटी कम से कम हो, दूसरा खाना अधिक सुपाच्य हो.

इस हफ्ते महिलाओं के शरीर में कुछ लक्षण स्पष्ट रूप से नजर आ सकते हैं —

निपल्स के आसपास की जगह थोड़ा काली नजर आएगी.

चेहरे पर भी काले काले धब्बे नजर आ सकते हैं, छोटे-छोटे धब्बे नजर आएंगे.

नाभि से गुजरती हुई एक काले रंग की गहरी लाइन महिलाओं के पेट के बीचो बीच नजर आती है. यह हार्मोनअल परिवर्तन के कारण होता है. जो शिशु के जन्म के बाद अपने आप चली जाती है. इसे लेकर गर्भस्थ शिशु के जेंडर को भी प्रिडिक्ट समाज में किया जाता है.


पहली तिमाही के खत्म होते होते अब महिलाओं को मतली लगना, उल्टी का एहसास होना, उल्टी होना, मॉर्निंग सिकनेस जैसी समस्याओं में कमी नजर आएगी और कुछ महिलाओं में यह समाप्त भी अब तक हो जाती है.

प्रेगनेंसी के शुरुआती हफ्तों में जो स्फूर्ति और ताजगी महिलाओं की गायब हो गई थी. अब वह धीरे-धीरे वापस आने लगेगी. महिलाएं अपने आपको पहले की तुलना में अधिक एनर्जेटिक महसूस करेंगीं.

आपका पेट अब बढ़ने लगेगा आपके मूत्राशय पर अब दबाव पहले की तुलना में कम रहेगा, और बार बार पेशाब जाने की समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलने लगेगा.

धीरे-धीरे अब आप की रीड की हड्डी पर दबाव बढ़ने लगेगा.

इस हफ्ते के समाप्त होते होते आप समझ लीजिए, प्रेगनेंसी का एक कठिन दौर समाप्त हो चुका है. आने वाला समय इन पहले 3 महीनों की तुलना में थोड़ा आसान रहेगा, हालांकि अब आपकी प्रेग्नेंसी दिखाई पड़ेगी, तो आप उसे लेकर थोड़ा असहज महसूस करेंगे. ऐसा हो सकता है, क्योंकि यह पूर्ण रुप से आपके मन पर निर्भर करता है. आप की मनोदशा पर निर्भर करता है.

जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के संबंध में काफी ज्ञान हैं, उन्हें अब काफी राहत महसूस होगी, क्योंकि पहले 3 महीने के दौरान गर्भपात होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है, जो अब समाप्त हो चुकी है. अब गर्भपात ना के बराबर ही होगा. ऐसे में महिलाओं को काफी शांति का अनुभव होगा.

महिलाओं के अंदर एक थोड़ा सा हैरान कर देने वाला परिवर्तन यह भी आएगा कि 3 महीने के बाद अब आपको कामेच्छा के प्रति अधिक आकर्षण महसूस होगा. यह हार्मोन अल परिवर्तन के कारण होता है. 




गर्भ में बच्चे का विकास

12 हफ्ते आते-आते बच्चे के शरीर की लंबाई 6 सेंटीमीटर से 7 सेंटीमीटर के बीच में आ जाती है. इसे आप लगभग 2:30 इंच लंबा मान सकते हैं.

आपका शिशु हिलता है,पैर चलाता है, पैरों को सीधा करता है, मुड़ता है, घूमता है. लेकिन यह भी इतना छोटा है, कि इसकी यह गति आपको महसूस नहीं देगी. इसके लिए आपको कुछ औरतों का इंतजार करना होगा.

अब आप के शिशु का प्लेसेंटा ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्वों की फिल्टर करके आगे भेज रहा है. जिससे शिशु के विकास में अधिक मदद मिलेगी.

इस हफ्ते आपका शिशु अपना अंगूठा चूस सकता है. बच्चा अपनी पलकों से अपनी आंखों को पूरी तरह ढक के रखा हुआ है. जिससे आंखें पूरी तरह से सुरक्षित हैं.

बच्चे के शरीर में श्वेत रक्त कणिकाओं का निर्माण शुरू हो चुका है. जिससे बच्चा रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित कर रहा है.

बच्चे की आंतें फैल रही है, सिकुड़ रही हैं. यह भोजन को पचाने के लिए अपने आपको तैयार कर रही हैं.

12 हफ्ते से लेकर 18 हफ्ते तक बच्चे के मस्तिष्क का विकास काफी तेज गति से होता है. यह हफ्ता बच्चे के मस्तिष्क के विकास को शुरू कर देता है.

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