होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट - कंप्लीट यूजर गाइड और प्रश्न उत्तर

कई बार अनवांटेड प्रेगनेंसी होने का डर महिलाओं को रहता है. इसके लिए महिलाएं प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग करती हैं, या महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी को कंफर्म करने के लिए होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग करती हैं.

अगर आपके मन में होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट को लेकर कोई भी सवाल आ रहा है, तो उसका जवाब हम इस आर्टिकल में देने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि आप इसके संबंध में हर एक पहलू समझ सके.


प्रेगनेंसी टेस्ट किट का कांसेप्ट

अक्सर महिलाओं को प्रेगनेंसी हो जाती है, और उन्हें इस बात का बिल्कुल भी आईडिया नहीं रहता है, कि उन्हें प्रेगनेंसी है.

क्योंकि कई बार प्रेगनेंसी वाले लक्षण महिलाओं को मंथली साइकिल के दौरान भी नजर आते हैं. ऐसे में यह बिल्कुल भी कंफर्म नहीं हो पाता है, कि यह लक्षण प्रेगनेंसी से संबंधित है, या मंथली साइकिल से संबंधित है.

कई बार महिला अनजाने में प्रेगनेंसी के दौरान कुछ ऐसे कार्य कर लेती हैं, जिन्हें प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए. अनजाने में ही महिलाओं को मिसकैरेज की समस्या से दो चार होना पड़ता था. इसलिए एक ऐसे तरीके की आवश्यकता थी, जो महिलाओं को समय रहते इस बात का सही-सही पता बताएं कि महिला वास्तव में गर्भवती है या नहीं है.

इसी आवश्यकता से प्रेगनेंसी टेस्ट किट की अवधारणा का जन्म हुआ. प्रेगनेंसी टेस्ट किट प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में बनने वाले प्रेगनेंसी हारमोंस ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन का पता लगाकर महिला की प्रेगनेंसी को कंफर्म करती है.

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का महत्व

प्रेगनेंसी टेस्ट किट की आवश्यकता को इस बात से समझा जा सकता है, कि लगभग हर महिला प्रेगनेंसी को कंफर्म करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट किट का इस्तेमाल करती है. यह महिलाओं को इस बात की सटीक जानकारी देता है, कि वह गर्भवती है या नहीं है.

कई बार महिलाओं को हार्मोनअल डिसबैलेंस की वजह से पीरियड मिस हो जाते हैं, और प्रेगनेंसी वाले लक्षण नजर आने लगते हैं. ऐसे में प्रेगनेंसी टेस्ट किट द्वारा परीक्षण करके इस बात को कंफर्म बड़ी आसानी से किया जा सकता है, कि महिला वास्तव में गर्भवती है या मात्र हार्मोनअल डिसबैलेंस की वजह से महिलाओं को समस्या हो रही है.

 प्रेगनेंसी टेस्ट किट की वजह से महिलाओं को बहुत कम समय में इस बात की जानकारी प्राप्त हो जाती है, कि वह गर्भवती है, या नहीं है. अब प्रेगनेंसी कंफर्म करने का पहला स्टेप प्रेगनेंसी टेस्ट किट ही है.

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प्रेगनेंसी टेस्ट किट के लाभ और हानि

जैसे कि हमने प्रेगनेंसी टेस्ट किट के महत्व को लेकर आप से चर्चा की है उससे स्पष्ट है कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट के लाभ अधिक हैं और हानि नहीं के बराबर है.

  • प्रेगनेंसी टेस्ट किट में महिला के यूरिन के माध्यम से प्रेगनेंसी चेक की जाती है. इसके द्वारा महिला को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित समस्या नहीं होती है.

  • प्रेगनेंसी किट के द्वारा महिला को इस बात की सटीक जानकारी मिल जाती है, कि महिला वास्तव में गर्भवती है या नहीं है.

  • यह न्यूनतम समय में महिला को उसकी प्रेगनेंसी से संबंधित जानकारी प्रदान करती है.


जैसा कि हमने चर्चा की है कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट किसी भी प्रकार से महिला के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती है. इसलिए प्रेगनेंसी टेस्ट किट के नुकसान में मुख्य फैक्टर महिला का स्वास्थ्य नहीं आता है. दूसरे प्रकार के डिसएडवांटेज हो सकते हैं.

  • होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट एक बार प्रयोग करने के बाद द्वारा प्रयोग में नहीं लाई जा सकती है.

  • कई बार महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस उचित मात्रा में नहीं होता है, तो यह रिजल्ट नहीं देती है.

  • कई बार प्रेगनेंसी टेस्ट किट खराब हो जाने की वजह से भी सही रिजल्ट नहीं देती है.

प्रेगनेंसी टेस्ट किट कैसे काम करती है

प्रेगनेंसी टेस्ट किट के अंदर एक केमिकल का प्रयोग होता है, जो महिला के यूरिन में उपस्थित प्रेगनेंसी हारमोंस से रिएक्शन करके रिजल्ट देता है. इसी रिजल्ट के आधार पर महिला के प्रेग्नेंट होने या प्रेग्नेंट नहीं होने के संबंध में जानकारी प्राप्त होती है.

बस इस बात का ध्यान रखना है, कि प्रेगनेंसी किट से प्रेगनेंसी उसी वक्त चेक की जाए, जब महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन प्रचुर मात्रा में बनने लगता है. इसके संबंध में आगे चर्चा करेंगे.

कितने दिन के बाद प्रेगनेंसी चेक करें

कितने दिन के बाद प्रेगनेंसी चेक करनी चाहिए, यह बिल्कुल भी निश्चित नहीं होता है. हर एक महिला के लिए यह समय अलग अलग होता है.

कुछ महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस पीरियड मिस होने से पहले ही प्रचुर मात्रा में बनने लगता है, तो उस अवस्था में पीरियड मिस होने से पहले ही महिला अपनी प्रेगनेंसी के बारे में जान सकती है. यह बहुत कम महिलाओं में देखने को मिलता है.

जबकि कुछ महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस पीरियड मिस होने वाली डेट के बाद उचित मात्रा में बनता है, तो उस वक्त प्रेगनेंसी चेक करने पर सही रिजल्ट आता है.

किस महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस किस समय उचित मात्रा में बनता है. इस बात की जानकारी किसी को नहीं होती है. इसलिए एक समय निश्चित कर दिया गया है, कि इस समय के बाद अगर आप प्रेगनेंसी चेक करेंगे, तो प्रेगनेंसी किट आपको सही रिजल्ट देगी.

जिस दिन महिला का मासिक चक्र प्रारंभ होता है, और वह अगर मिस हो गया है, तो महिला गर्भवती हो सकती है. उस दिन से लेकर अगले 7 दिन तक महिला प्रेगनेंसी चेक करती है, तो रिजल्ट आ भी सकता है, और नहीं भी आ सकता है.

अगर आप यह पता नहीं लगा पा रहे हैं, कि महिला को प्रेगनेंसी है, या नहीं है. कभी-कभी लक्षण आ रहे होते हैं, और Result Negative (नेगेटिव) दिखा रहा होता है.

अगर 7 दिन से लेकर 10 दिन के बीच में या उसके बाद महिला प्रेगनेंसी चेक करती है. तो रिजल्ट कंफर्म आता है.

TIP: कई बार इस प्रकार का कन्फ्यूजन महिलाओं को रहता है कि पीरियड मिस होने के 2 दिन बाद प्रेगनेंसी चेक करो रिजल्ट आता है. बहुत सी महिलाएं कहती है, कि 5 दिन के बाद रिजल्ट आता है. कुछ का मानना है कि 10 दिन के बाद रिजल्ट आता है, तो इस समस्या का समाधान हमें लगता है, आपको मिल गया होगा.{alertSuccess}

प्रेगनेंसी टेस्ट किट यूजर मैन्युअल

प्रेगनेंसी चेक को और उसके आधार को स्टेप बाय स्टेप समझने की कोशिश करते हैं.

प्रेगनेंसी टेस्ट का क्या आधार है

प्रेगनेंसी के बाद ओवुलेशन टाइम में महिला की ओवरी से फैलोपियन ट्यूब में अंडे आते हैं. जहां वह शुक्राणुओं से संपर्क करके निषेचित होते हैं. और प्रेगनेंसी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

इस भ्रूण की देखभाल के लिए महिला का शरीर एक हार्मोन बनाना करना शुरू करता है.
इसे कहते हैं एचसीजी – ह्यूमन क्रोनिक गोनाडोट्रोपिन हार्मोन


इसका कार्य गर्भ में रहता है, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में बनता है. तो यह धीरे-धीरे महिला के यूरिन और ब्लड में भी आ जाता है. इस हार्मोन की उपस्थिति से ही हम कंफर्म करते हैं, कि प्रेगनेंसी है कि नहीं.
यह हारमोंस है तो प्रेगनेंसी है. हारमोंस नहीं है तो प्रेगनेंसी नहीं है.

प्रेगनेंसी टेस्ट किस समय करना चाहिए

शुरुआती समय में प्रेगनेंसी टेस्ट किट का रिजल्ट इस बात पर निर्भर करता है, कि महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस किस समय सबसे अधिक होता है.

हम प्रेगनेंसी चेक शुरुआती दिनों में ही करते हैं. जब महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस अधिक मात्रा में नहीं होता है, तो इसलिए प्रेगनेंसी चेक करने का समय काफी महत्वपूर्ण हो जाता है.

महिला को प्रेगनेंसी किट के माध्यम से प्रेगनेंसी चेक हमेशा सुबह के पहले यूरिन के माध्यम से ही करना चाहिए. क्योंकि इस वक्त महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस की मात्रा सबसे अधिक होती है.

प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे करें

जैसे कि हम अभी चर्चा कर रहे थे कि प्रेगनेंसी सुबह के पहले यूरिन से ही करनी चाहिए.
जब महिला प्रेगनेंसी टेस्ट किट को अपने पैकेट से बाहर निकालती है, तो उसके अंदर आपको दो वस्तुएं प्राप्त होंगी.
एक तो प्रेगनेंसी टेस्ट किट और
दूसरा एक ड्रॉपर

उस ड्रॉपर की मदद से प्रेगनेंसी टेस्ट किट में दो से तीन बूंद या पांच बूंद तक यूरिन को पास करना होता है. और 5 मिनट के अंदर रिजल्ट आपके सामने आ जाता है. 10 मिनट के बाद आप रिजल्ट नहीं देखें, क्योंकि उसके बाद जो भी रिजल्ट आता है, वह मान्य नहीं होता है.

प्रेगनेंसी टेस्ट किट रिजल्ट कैसे देखें

अगर आप प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग प्रेगनेंसी चेक करने के लिए कर रही है, तो यह प्रेगनेंसी टेस्ट रिजल्ट इस बात पर निर्भर करता है, कि आप किस कंपनी की प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग प्रेगनेंसी चेक करने के लिए कर रही हैं.

हर कंपनी की यूजर विंडो या रिजल्ट विंडोज जरूरी नहीं है, कि एक जैसी हो. अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग तरह से यूजर फ्रेंडली प्रेगनेंसी टेस्ट किट विंडो देती है. जहां पर अंकित निशानों के आधार पर रिजल्ट आता है. 


अलग-अलग कंपनी की प्रेगनेंसी किट अलग-अलग रंग और प्रजंटेशन के साथ हो सकती हैं इसके अंदर आपको रिजल्ट के लिए दो लाइने दिखाई पड़ेगी वह रेड, पिंक, ग्रे या नीले कलर में हो सकती हैं क्योंकि अलग-अलग कंपनी की अलग-अलग प्रेजेंटेशन होती है, लाइन के कलर को लेकर आप कंफ्यूज ना हो.

प्रेग्नेंसी चेक कैसे करें. किट में यूरिन पास करने के 5 से 7 मिनट के अंदर रिजल्ट आता है. पहले भी आ जाता है, लेकिन आप 10 मिनट का टाइम कम से कम दो, उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचो अच्छा रहेगा. प्रेगनेंसी टेस्ट किट रिजल्ट्स देखना बहुत आसान है.

C & T मार्किंग वाली प्रेगनेंसी टेस्ट किट

मुख्यता भारत में जिस प्रकार की प्रेगनेंसी टेस्ट किट पाई जाती है. उसके आधार पर हम आपको रिजल्ट देखना बता रहे हैं.. नॉर्थ इंडिया में मुख्यतः मार्किंग वाली C & T मार्किंग वाली प्रेगनेंसी टेस्ट किट मार्केट में उपलब्ध रहती है.

यहां पर C का मतलब होता है कंट्रोल, प्रेगनेंसी टेस्टिंग के समय C लाइन का उभरना यह बताता है कि यह किट सही तरह से काम कर रही है.अगर प्रेगनेंसी टेस्ट करते समय यह लाइन नहीं उभरती है तो किट बेकार मानी जाती है.

यहां पर T का मतलब होता है, टेस्टिंग इस लाइन के दिखने या ना दिखने से यह पता चलता है प्रेगनेंसी है या नहीं है.

प्रेगनेंसी टेस्ट किट रिजल्ट एनालिसिस

  • अगर प्रेगनेंसी चेक करते समय केवल प्रेगनेंसी टेस्ट किट विंडो में C के सामने ही लाइन नजर आती है, तो इसका मतलब यह है, कि महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन उपस्थित नहीं है. रिजल्ट नेगेटिव है. अर्थात आप गर्भवती नहीं है.

  • अगर प्रेगनेंसी चेक करते समय मात्र T के सामने ही लाइन नजर आती है, प्रेगनेंसी टेस्ट में 1 लाइन डार्क आती है,  तो इसका मतलब यह है कि प्रेगनेंसी किट खराब हो गई है. क्योंकि C लाइन जो यह बताती है, कि प्रेगनेंसी किट सही है. वह नहीं आ रही है. इसलिए प्रेगनेंसी को कंफर्म करने वाली T लाइन नजर आने पर भी रिजल्ट मान्य नहीं होगा.
    आपको नई किट का प्रयोग करना होगा. क्योंकि प्रेगनेंसी किट में उपस्थित केमिकल अब सही रिजल्ट नहीं दे रहा है. ऐसा हो सकता है, कि यह किसी दूसरे कारणों से T लाइन को कंफर्म कर रहा है. प्रेगनेंसी किट बेकार मान ली जाएगी.
  • अगर प्रेगनेंसी चेक करते समय C के सामने लाइन नजर आ रही है, और 1 से 5 मिनट के अंदर T के सामने भी एक लाइन नजर आ रही है. यह लाइन डार्क होनी चाहिए, तभी प्रेगनेंसी कंफर्म मानी जाती है.
    अगर T के सामने वाली लाइन हल्की है, तो फिर आपको चार से 5 दिन बाद फिर से प्रेगनेंसी चेक करने की आवश्यकता होती है. अगर डार्क है, तो आप गर्भवती हैं.

  • अगर प्रेगनेंसी किट में C और T दोनों ही के सामने लाइन यूरिन पास करने के बाद लाइन नजर नहीं आती है, तो इस परिस्थिति में भी प्रेगनेंसी किट खराब है.

क्या प्रेगनेंसी टेस्ट किट खराब हो सकती है

प्रेगनेंसी टेस्ट किट एक प्रोडक्ट है, जो प्रेगनेंसी चेक करने के काम आता है.  इस प्रोडक्ट के अंदर कुछ केमिकल्स का प्रयोग प्रेगनेंसी चेक करने के लिए किया जाता है. इसलिए इसकी भी एक एक्सपायरी डेट होती है. . अगर प्रेगनेंसी किट से प्रेगनेंसी को उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट के काफी दिनों बाद चेक किया जाए तो रिजल्ट गलत आ सकता है. इसमें कोई दो राय नहीं है.

अगर प्रेगनेंसी किट को उचित वातावरण में नहीं रखा जाता है, तो यह अपनी एक्सपायरी डेट से पहले भी खराब हो सकती है.

प्रेगनेंसी किट खरीदते समय क्या क्या सावधानी रखें

प्रेगनेंसी किट खरीदते समय सावधानी रखने की आवश्यकता होती है. अगर आप सावधानी रखेंगे तो आप एक अच्छा प्रोडक्ट खरीद पाएंगे, जो आपको सही रिजल्ट दे, इसकी संभावना शत-प्रतिशत रहेगी.

होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदते समय आपको कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना है जो उस प्रकार से हैं.

  • प्रेगनेंसी किट खरीदते समय इस बात का भी ध्यान रखें, कि आपने जो प्रेगनेंसी किट खरीदी है वह है 8 से 10 डिग्री टेंपरेचर पर ही स्टोर की गई हो क्योंकि अधिक टेंपरेचर पर प्रेगनेंसी किट में उपस्थित केमिकल्स खराब हो सकते हैं.

  • हमें प्रेगनेंसी किट पर उपस्थित अर्थात लिखी हुई एक्सपायरी डेट अवश्य देखनी चाहिए. क्योंकि एक्सपायरी डेट के बाद अगर आप किसका प्रयोग करते हैं, तो वह सही कार्य करें यह जरूरी नहीं.

  • आप हमेशा वेल नोन और स्टैंडर्ड कंपनी का ही प्रेगनेंसी किट प्रयोग में लाएं, लोकल कंपनीज की प्रेगनेंसी किट के मेटेरियल की क्वालिटी हल्की हो सकती है, क्योंकि वेल नोन इस्टैबलिश्ड कंपनी अपने प्रोडक्ट के साथ जल्दी से कंप्रोमाइज नहीं करती है.

  • रखते हैं. अगर आप छोटी दुकान से किट खरीदते हैं, तो ऐसा हो सकता है कि वह आपको बिना कोल्ड स्टोर की हुई प्रेगनेंसी किट ही दे दे. यह भी जरूरी नहीं कि उनके पास कोल्ड स्टोरेज हो.

  • इसलिए आप जब भी किट खरीदने जाए तो किसी अच्छी बड़ी दुकान से ही प्रेगनेंसी किट खरीदें. जो इन्हें फ्रिज इत्यादि के अंदर स्टोर करके

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का रिजल्ट कितना सही होता है

अगर आप जानना चाहते हैं क्या प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत हो सकता है, तो आप को समझना होगा प्रेगनेंसी टेस्ट किट एक प्रोडक्ट है. प्रोडक्ट का रिजल्ट इस बात पर निर्भर करता है, कि उसे सही समय पर सही तरीके से प्रयोग किया जाए. अगर आप इन सब बातों का ध्यान रख रहे हैं, तो प्रेगनेंसी टेस्ट किट रिजल्ट्स लगभग 99% तक सही रहता है. 

कुछ विशेष परिस्थितियों में ही रिजल्ट गलत आने की संभावना रहती है. प्रेगनेंसी टेस्ट किट बहुत महंगी नहीं होती है. इसलिए डॉक्टर आपको एक बार और कंफर्म करने का भी करने की भी सलाह देते हैं. 

 इसलिए इसका टेस्ट रिजल्ट सर्वोत्तम माना गया है. और किसी भी प्रकार के तरीके से प्रेगनेंसी चेक करना, तुलनात्मक दृष्टि से प्रेगनेंसी किट के द्वारा प्रेगनेंसी चेक करने से कठिन और महंगा पड़ता है.

 

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प्रेगनेंसी टेस्ट किट कैसे खरीदें

प्रेगनेंसी टेस्ट किट बड़ी आसानी से आपको अपने ही आसपास किसी भी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हो जाती है. अगर आपके पास इतना समय नहीं है, कि आप मेडिकल स्टोर तक पहुंच पाए तो इसके लिए आप ऑनलाइन भी इस प्रकार की प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीद सकते हैं.

 जो आपको चार से पांच या अधिक एक पैकेट में एक साथ प्राप्त हो जाती है. बार-बार प्रेगनेंसी किट खरीदने की इतनी आवश्यकता नहीं रहती है. आपका समय भी बचता है.

ऑनलाइन प्रेगनेंसी किट खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप किसी विश्वसनीय वेबसाइट से ही प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदें.

प्रेगनेंसी टेस्ट किट प्राइस

भारतीय बाजार में प्रेगनेंसी टेस्ट किट ₹50 से लेकर ₹100 तक की कीमत में आसानी से उपलब्ध हो जाती है. अगर आप ऑनलाइन होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट मंगाना चाह रहे हैं, तो यहां आपको एक प्रेगनेंसी टेस्ट किट नहीं मिलेगी.

आपको कम से कम 5 या अधिक प्रेगनेंसी टेस्ट किट का पैकेट मंगाना होगा. जिसका प्रयोग आप आने वाले कुछ महीनों तक बड़े आराम से कर सकते हैं. उसी के अनुसार इसकी कीमत आप से ली जाती है.

अगर आप मार्केट से प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदने में झिझक रहे हैं तो आप इसे ऑनलाइन आराम से मंगा सकते हैं.

आपके प्रश्न और उत्तर

Q.प्रेगनेंसी के लक्षण है, लेकिन प्रेगनेंसी किट नेगेटिव रिजल्ट दिखा रहा है?
ANS.
अगर आपको प्रेगनेंसी के लक्षण हैं, और प्रेगनेंसी किट रिजल्ट नेगेटिव दिखा रहा है, तो ऐसा हो सकता है कि आपको मात्र हारमोंस डिसबैलेंस की समस्या हो. क्योंकि इस अवस्था में भी प्रेगनेंसी के लक्षण होते हैं. लेकिन प्रेगनेंसी नहीं होती है. दूसरी अवस्था यह हो सकती है, कि अभी महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नहीं है, और अभी महिला के यूरिन में प्रेगनेंसी हारमोंस नहीं आ रहा है. अगर आप पीरियड मिस होने के 8 से 10 दिन बाद चेक करेंगे तो प्रेगनेंसी कंफर्म हो जाएगी.

Q.प्रेगनेंसी टेस्ट किट से चेक करने के 10 मिनट बाद रिजल्ट बदल रहा है?
ANS:
प्रेगनेंसी चेक करने में प्रेगनेंसी टेस्ट किट मैन्युफैक्चर इस बात को रिकमेंड करते हैं, कि प्रेगनेंसी किट का रिजल्ट विद इन 5 से 10 मिनट के अंदर आ जाता है. हालांकि 2 से 3 मिनट में भी रिजल्ट नजर आ जाता है. अगर लंबे समय तक अर्थात 10 मिनट के बाद आप प्रेगनेंसी किट से रिजल्ट चेक करेंगे तो वह वह नहीं माना जाएगा.

क्योंकि प्रेगनेंसी किट में उपस्थित केमिकल वातावरण से रिएक्शन करके प्रेगनेंसी को चेक करने वाली लाइंस के कलर में परिवर्तन कर सकता है. अगर लाइन नहीं आ रही है, तो वह हल्की नजर आ सकती है. अगर लाइन नजर आ रही है, तो वह हल्की हो सकती है.

Q.कभी प्रेगनेंसी 10 दिन में और कभी 15 दिन के बाद कंफर्म होती है क्यों?
ANS:
प्रेगनेंसी किट के द्वारा प्रेगनेंसी कंफर्मेशन महिला के यूरिन में एचसीजी हारमोंस की उपस्थिति के आधार पर ही होता है. कुछ महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस थोड़ा जल्दी नजर आता है और कुछ महिलाओं के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस शुरू में थोड़ा कम मात्रा में बनता है, बाद में प्रचुर मात्रा में बनता है. इसी के आधार पर प्रेगनेंसी 5 या 10 दिन आगे पीछे कंफर्म होती है.

Q.प्रेगनेंसी टेस्ट में हल्की गुलाबी लाइन का क्या मतलब है?
ANS
: प्रेगनेंसी टेस्ट किट के अंदर हल्की गुलाबी लाइन का रिजल्ट से कोई भी मतलब नहीं होता है. जब तक प्रेगनेंसी को दर्शाने वाली लाइन डार्क नजर नहीं आती है, तब तक प्रेगनेंसी कंफर्म नहीं मानी जाती है. हल्की गुलाबी लाइन वातावरण से प्रेगनेंसी किट के केमिकल का रिएक्शन हो जाने की वजह से या यूरिन के वाष्पीकृत हो जाने की वजह से भी नजर आती है.

Q.मैं कितनी जल्दी प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हूं?
ANS:
इस प्रश्न का उत्तर बिल्कुल भी नहीं दिया जा सकता है. क्योंकि यह महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस अर्थात एचसीजी हार्मोन की प्रोडक्शन मात्रा पर निर्भर करता है. और प्रेगनेंसी हार्मोन की मात्रा यूरीन में कितनी जल्दी बढ़ती है. अगर महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस उचित मात्रा में थोड़ा जल्दी बन जाता है, तो प्रेगनेंसी जल्दी कंफर्म हो जाती है. 

अगर यह प्रेगनेंसी हारमोंस महिला के शरीर में कुछ दिन लेट अधिक मात्रा में बनता है, तब प्रेगनेंसी बाद में कंफर्म होती है. कभी-कभी महिला के शरीर में प्रेगनेंसी हारमोंस बनने लगता है लेकिन वह यूरिन में उतनी अधिक मात्रा में नहीं आता है. जिससे की प्रेगनेंसी चेक की जा सके. माना जाता है, कि पीरियड मिस होने के एक हफ्ते के बाद कभी भी प्रेगनेंसी चेक करें तो रिजल्ट सही आता है. हालांकि कुछ महिलाओं में रिजल्ट जल्दी भी नजर आ जाता है.

Q.क्या प्रेगनेंसी टेस्ट किट का प्रयोग करते समय डॉक्टर की सलाह जरूरी है?
ANS:
प्रेगनेंसी होम टेस्ट किट के द्वारा प्रेगनेंसी चेक करने में किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह की आवश्यकता नहीं होती है. प्रेगनेंसी चेक किसी भी प्रकार से आप को हेल्थ से संबंधित समस्या नहीं देता है. यह अत्यधिक सामान्य बात है. हां अगर प्रेगनेंसी कंफर्म हो जाती है, तो उसके बाद आपको डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता होती है.

Q.पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे?
ANS:
यह बात सत्य है, की प्रेगनेंसी हो जाने पर महिला के पीरियड मिस हो जाते हैं लेकिन यह बात भी उतनी ही सत्य है, कि अगर पीरियड मिस हो गए हैं, तो इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं होता है,कि महिला गर्भवती है.
 बिना प्रेगनेंसी के भी महिला के पीरियड मिस हो सकते हैं. 

पीरियड मिस होने के 10 दिन बाद भी रिजल्ट नेगेटिव आता है, तो इसका मतलब यही होता है कि महिला के हारमोंस बैलेंस नहीं है. इस परिस्थिति में महिला को डॉक्टर से मिलकर अपने हारमोंस की बिगड़ी हुई स्थिति को ठीक कराने के लिए ट्रीटमेंट लेना चाहिए. क्योंकि अगर महिला आगे चलकर मां बनने की सोच रही है या मां बनेगी तो हारमोंस का बैलेंस होना बहुत आवश्यक होता है.

Q.क्या प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत हो सकता है?
ANS:
प्रेगनेंसी टेस्ट किट लगभग हर उस महिला के द्वारा प्रयोग में लाई जा रही है, जो मां बनने की इच्छा रखती है. यह बहुत सुरक्षित है, और इनसे किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य हानि नहीं होती है. इसका रिजल्ट लगभग लगभग 100 परसेंट तक ही सही होता है. कुछ विशेष परिस्थितियों में यह रिजल्ट गलत देती है,  प्रेगनेंसी टेस्ट किट गलत हो सकता है.

अगर कि खराब हो गई है, तो किसके ऊपर इंडिकेटर होता है, कि किट खराब है. उसका रिजल्ट मान्य नहीं होता है. डॉक्टर हमेशा एक बार और कंफर्म करने की सलाह देते हैं. इसलिए इस के रिजल्ट में किसी भी प्रकार की शंका नहीं रहती है.

Q.प्रेगनेंसी टेस्ट किट कैसे यूज़ करते है?
ANS:
मुख्य रूप से भारत में मिलने वाली हर प्रेगनेंसी टेस्ट किट यूरिन के माध्यम से ही रिजल्ट देती है. मार्केट में मिलने वाली हर किट अलग-अलग मैन्युफैक्चरर्स के द्वारा डिवेलप की जाती है. इसलिए उनकी रिजल्ट विंडो में भी अंतर होता है, लेकिन यह रिजल्ट विंडो काफी user-friendly होती है. और आपको किट पर इसका यूजर मैनुअल भी उपलब्ध रहता है, इसका प्रयोग कैसे करना है. इन किट का प्रयोग करना अत्यधिक सरल होता है.

Q.अनवांटेड किट खाने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए?
ANS:
अनवांटेड किट लेने के बाद महिला को ब्लडिंग शुरू हो जाती है, और लगभग यह 15 दिन तक चल सकती है मुख्यतः ब्लडिंग 7 से 8 दिन तक ही चलती है. उसके बाद आप प्रेगनेंसी चेक कर सकते हैं. 

Q. कौन सी बेस्ट प्रेगनेंसी टेस्ट किट से प्रेगनेंसी टेस्ट करनी चाहिए?
ANS:
बेस्ट प्रेगनेंसी टेस्ट किट इन इंडिया  आजकल प्रेगा न्यूज़ है. यह आपको ऑनलाइन भी  बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है और इसका  सक्सेस रेट भी लगभग सौ परसेंट के आसपास ही माना जाता है.
 कुछ परिस्थितियों में यह काम नहीं करती है , तो प्रेगा न्यूज़ का इंडिकेटर बता देता है कि यह किट सही रिजल्ट नहीं दे रही है.

प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट किट
 

 Q. पीरियड मिस होने के 20 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझे?
ANS:
महिला को 20 दिन तक पीरियड नहीं हुए हैं, और प्रेगनेंसी चेक करने पर भी प्रेगनेंसी नेगेटिव आ रही है.  इसका स्पष्ट मतलब यही है, कि महिला गर्भवती बिल्कुल भी नहीं है.  कभी-कभी पीरियड महिला के हारमोंस अनियमित हो जाने की वजह से भी मिस हो जाते हैं. यह कई कई महीने तक नहीं आते हैं.

इसलिए प्रेगनेंसी नहीं है यह तो कंफर्म है. लेकिन पीरियड बिना प्रेगनेंसी के मिस होने ठीक नहीं होते हैं. इस समस्या की वजह से आगे मां बनने में परेशानी आ सकती है. इसलिए महिला को अपने हारमोंस को नियमित कराने के लिए ट्रीटमेंट लेने की आवश्यकता है.


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