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उत्तम बुद्धि और सुंदर सी संतान की प्राप्ति के लिए - Uttam aur Budhimaan Santan Prapti ke Nuskhe

 अगर महिला गर्भवती है तो वह किस तरह से कोशिश करें कि उसके यहां एक तेजस्वी संतान की प्राप्ति हो.
दोस्तों यहां तेजस्वी संतान से तात्पर्य है, संतान गोरी हो, ताकतवर हो, उसका स्वास्थ्य भी अच्छा रहे, और बच्चे का मस्तिष्क भी तेज हो,

दोस्तों इसके लिए हम आपको कुछ आयुर्वेदिक योग बताएंगे. जिनका प्रयोग करके आप एक तेजस्वी संतान की प्राप्ति बड़ी आसानी से कर सकते हैं. इन योगों की पुष्टि के लिए आप किसी उत्तम और काबिल आयुर्वेदाचार्य से भी संपर्क कर सकते हैं.


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उत्तम बुद्धि और सुंदर सी संतान की प्राप्ति के लिए:   Sundar aur Buddhimaan Santaan Praapti ke Lie

यह प्रयोग आपको गर्मियों के मौसम में प्रयोग में लाना है जैसे कि अब 1 या 2 महीने बाद आप इसका प्रयोग कर सकते हैं. गर्भिणी स्त्री गर्मियों के मौसम में 100 मिलीलीटर दूध के अंदर 100 मिलीलीटर पानी मिला ले. अब उसे एक चम्मच गाय के दूध से खाएं या पीले और साथ में इस बात का ध्यान रखना है, कि इस योग को लेने से 2 घंटे पहले और 2 घंटे बाद कुछ ना ले. और दूध भी गाय का ही होना चाहिए.

इससे उसका जो उसके गर्भ में है. वह बड़ा ही बुद्धिमान होगा. उसकी त्वचा भी कोमल और सुंदर होगी.

गौर-वर्ण संतान की प्राप्ति के लिए गर्भिणी प्रथम 3 मास तक - Goree Santaan Praapti ke Lie

उपाय 1

 महिला को केसर युक्त दूध का सेवन करना चाहिए. माना जाता है, इसे पीने से  सुंदर और गोरी संतान की प्राप्ति होती है .

उपाय 2

जो देसी बबूल होता है उसके कोमल पत्ते, लगभग 2 ग्राम पत्ते रोज 3 माह तक खाने से  भी गोरी संतान होती है. यह प्रयोग तब से शुरू करना चाहिए, जब आपको पता लगे कि आप गर्भवती हो गई हैं.

उपाय 3

यह प्रयोग दक्षिण भारत में बड़े अच्छे से किया जा सकता है. रोज गर्भवती स्त्री को हरे नारियल का पानी पीना चाहिए.

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संतान की त्वचा की चमक के लिए -  Santaan ki Tvacha ki Chamak ke Lie


10-10 ग्राम सौंफ सुबह-शाम खूब चबा-चबाकर नियमित रूप से खाने से त्वचा कांतिमय बनती है. गर्भवती स्त्री यदि पूरे गर्भकाल में सौंफ का सेवन करे, तो शिशु गोरे रंग का होता है. साथ ही जी मिचलाना, उल्टी, अरुचि जैसी शिकायतें नहीं होतीं और रक्त शुद्ध होता है.


 
लेकिन दोस्तों यह भी माना जाता है, कि ज्यादा सौंफ खाना प्रेगनेंसी में लाभदायक नहीं होता है. इसलिए आप सौंफ को खाने से पहले आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें.

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हृष्ट-पुष्ट व गोरी संतान पाने हेतु -  Hrsht-Pusht va Goree Santaan Paane Hetu

गर्भिणी रोज प्रातःकाल थोड़ा नारियल और मिश्री चबा के खाये तो गर्भस्थ शिशु हृष्ट-पुष्ट और गोरा होता है
.

शक्तिशाली व गोरे पुत्र की प्राप्ति के लिए :
गर्भिणी पलाश के एक ताजे कोमल पत्ते को पीसकर गाय के दूध के साथ रोज ले.  इससे बालक शक्तिशाली और गोरा उत्पन्न होता है. माता-पिता भले काले वर्ण के हों लेकिन बालक गोरा होता है.

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दोस्तों यह तो नेचुरल जड़ी बूटियां थी, तेजस्वी बच्चे की प्राप्ति के लिए जैसे दोस्तो आप महिला डॉक्टर के संपर्क में रहते हैं. वह महिला को आयरन कैल्शियम और फोलिक एसिड की टेबलेट साथ साथ लेने के लिए बोलती है.

अगर आप किसी काबिल आयुर्वेदाचार्य के संपर्क में भी रहे और उससे तेजस्वी संतान की प्राप्ति के लिए और प्रेगनेंसी की सुरक्षा के लिए ट्रीटमेंट लेते हैं, तो वह भी आपको एक से एक अच्छी औषधि जो कि बाजार में भी आयुर्वेदिक स्टोर पर मिल जाती है.  जिससे आपका बच्चा तेजस्वी और साथ ही साथ प्रेगनेंसी की सुरक्षा भी पूरे गर्भ काल तक रहेगी.
 
माता को पूर्ण 9 महीने तक अपना भी अत्यधिक ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. अगर माता स्वस्थ रहेगी तो माता के गर्भ में पल रही संतान अपने आप स्वस्थ रहती हैं.


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