पीरियड मिस होने के बाद वाइट डिस्चार्ज क्या सामान्य है

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 किसी भी महिला के पीरियड मिस होना यह कुछ कारणों की वजह से हो सकता है जैसे कि महिला गर्भवती हो गई है या फिर महिला के हारमोंस बैलेंस नहीं होते और भी बहुत सारे छोटे छोटे कारण होते हैं, जिनकी वजह से महिला को पीरियड मिस हो सकते हैं.

कभी-कभी महिला को पीरियड मिस होने के बाद डिस्चार्ज वाइट डिस्चार्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो चर्चा करते हैं क्या पीरियड मिस होने के बाद वाइट डिस्चार्ज क्या सामान्य है.

वेजाइनल डिसचार्ज महिला को जब से पीरियड शुरू होते हैं और जब तक महिला को पीरियड रहते हैं अर्थात मैनोपोज तक वेजाइनल डिसचार्ज की स्थिति रहती है.

यह डिस्चार्ज होना बहुत कॉमन है, लेकिन यह किस रंग का हो रहा है इससे इस बात का पता चलता है कि इसका होना सही है, कॉमन है या इस रंग का नहीं होना चाहिए.

पीरियड मिस होने के बाद वाइट डिस्चार्ज क्या सामान्य है

क्या होता है वाइट डिस्चार्ज

सीमित मात्रा में और आवश्यकता पर यह वाइट डिस्चार्ज एक तरह से महिला के लिए लुब्रिकेंट का कार्य करता है.
यह महिला को इंफेक्शन से बचाने का कुदरती तरीका है, और यह वजाइना को शुष्क होने से बचाता है.

महिलाओं में 1 दिन में वाइट डिस्चार्ज 1 मिलीमीटर से लेकर 5 मिलीमीटर  तक होना सामान्य माना जाता है. लेकिन अधिक मात्रा में इसका डिस्चार्ज एक समस्या बन सकता है.

महिला के लिए आवश्यक यह वाइट डिस्चार्ज जब आवश्यकता से अधिक मात्रा में होने लगता है तो इसे लुकोरिया नाम की बीमारी से जाना जाता है. यह महिलाओं में होने वाली कॉमन समस्या है. खासकर एशियाई देशों में, वह भी दक्षिण एशियाई देशों में इस प्रकार की समस्या होना काफी आम बात है.

जैसे-जैसे महिला के पीरियड का समय नजदीक आता है, वैसे वैसे यह वाइट डिस्चार्ज थोड़ा-थोड़ा बढ़ने लगता है.

पीरियड मिस होने के बाद व्हाइट डिसचार्ज

जैसा कि हमने चर्चा की है कि व्हाइट डिस्चार्ज किसी भी महिला के लिए काफी जरूरी होता है. यह महिला को योनि मार्ग से होने वाले इन्फेक्शन से सुरक्षित रखने का कार्य करता है.

लेकिन 1 दिन में लगभग 1 चम्मच तक वाइट डिस्चार्ज होना काफी सामान्य और सही माना जाता है. यह सफेद रंग का पतला और चिकना होता है. अगर यह बिल्कुल स्मेल रहित है, तो कोई भी समस्या वाली बात नहीं होती है.
अगर वाइट डिस्चार्ज की समस्या अधिक हो जाती है तो उस परिस्थिति में यह समस्या वाली बात होती है. इसके कई सारे कारण हो सकते हैं.

महिला प्रजनन तंत्र संचालित होने में हारमोंस की का बहुत बड़ा रोल होता है. शरीर में कुछ हारमोंस की कमी या अधिक मात्रा अर्थात हारमोंस के डिसबैलेंस हो जाने पर इस प्रकार की समस्या देखने में आ सकती है.

कभी-कभी महिला को वेजाइनल इंफेक्शन हो जाता है, उस परिस्थिति में भी वह डिस्चार्ज अधिक हो सकता है. सामान्यता यह देखा गया है कि अगर इंफेक्शन के कारण वेजाइनल डिस्चार्ज या वाइट डिस्चार्ज  अधिक हो रहा है तो उसमें बदबू आ सकती है.

महिला के शरीर में गर्भाशय ग्रीवा और योनि की ग्रंथियों के द्वारा इस तरल का निर्माण होता है. अगर यह ग्रंथियां अधिक उत्तेजित हो जाती है, तो इस अवस्था में भी वाइट डिस्चार्ज अधिक होता है.

निष्कर्ष

पीरियड मिस होने के बाद भी वाइट डिस्चार्ज सामान्य रूप से होना अत्यधिक आवश्यक होता है. इसमें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है. 

अगर वह डिस्चार्ज आवश्यकता से अधिक हो रहा है. और असुविधा हो रही है, तो फिर इस संबंध में डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए. ऐसा हो सकता है, कि हारमोंस बैलेंस नहीं होने की वजह से या इंफेक्शन की वजह से यह समस्या हो रही है.

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