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क्या प्रेगनेंसी में मुलेठी खानी चाहिए? | Should I eat liquorice during pregnancy?

प्रेगनेंसी के पॉइंट ऑफ व्यू से एक जड़ी बूटी मुलेठी के विषय में चर्चा करने जा रहे हैं. दोस्तों मुलेठी प्राचीन समय से ही एक आवश्यक जड़ी-बूटी के रूप में प्रसिद्ध है. बहुत से छोटे मोटे रोगों में घरेलू उपचार के तौर पर इसका इस्तेमाल हमारे समाज में हजारों वर्षों से हो रहा है.

क्या प्रेगनेंसी के दौरान मुलेठी का प्रयोग करना सुरक्षित होता है. इस विषय पर हम चर्चा करने जा रहे हैं.


जब आप गर्भवती होती है, तो घर की बड़ी महिलाएं दादी, नानी माता आपको ढेर सारी चीजें खाने को बताती हैं. बहुत सी चीजों का परहेज बताती हैं. काफी सारी एक्सरसाइज और रेमेडीज का सुझाव आपको देती हैं, ताकि आप प्रेग्नेंसी के साथ आसानी से डील कर सके.



क्या प्रेगनेंसी में मुलेठी खानी चाहिए


ऐसे ही एक होम रेमेडीज में प्रयोग होने वाली जड़ी बूटी है, जिसका नाम मुलेठी है. क्या इसे प्रेगनेंसी में लेना चाहिए तो इसका उत्तर है बिल्कुल भी नहीं.

इसे क्यों नहीं लेना चाहिए. इस पर हम आगे चर्चा करेंगे. साथ ही साथ यह भी बताएंगे कि क्या यह उस माता को भी लेना चाहिए या नहीं लेना चाहिए जो अपने बच्चे को दूध पिला रही है.

जैसे कि आपको प्रेगनेंसी के दौरान अल्कोहल स्मोकिंग आदि से दूर रहने की सलाह दी जाती है. ऐसे में आपको प्रेगनेंसी के दौरान मुलेठी का सेवन नहीं करने को भी कहा जाता है. इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो प्रेगनेंसी के लिए काफी खतरनाक होते हैं.

प्रेगनेंसी में मुलेठी खाने के फायदे, पर क्यों नहीं खाए


इसमें ऐसे कुछ कंपाउंड भी होते हैं, जो काफी लाभदायक माने जाते हैं, जो एंटी डिप्रेशन का कार्य करते हैं. स्ट्रेस हारमोंस को कंट्रोल करने का काम करते हैं. घबराहट हो बेचैनी में आप को शांत बनाए रखने में मदद करते हैं.

अगर प्रेगनेंसी के दौरान मुलेठी का प्रयोग बड़ी ही लिमिटेड मात्रा में किया जाए तो यह काफी लाभदायक मानी जाती है. लेकिन थोड़ा सा भी अधिक होने पर नुकसानदायक हो जाती है, तो इसी कारण से इसे नहीं लेने की सलाह दी जाती है.

 वैसे हम बता दें और भी दूसरे बहुत से कारण हैं जिसके वजह से यह काफी फायदेमंद मानी जाती है जैसे कि यह सीने में जलन अस्थमा, फंगल इनफेक्शन, वायरल इनफेक्शन आदि में भी राहत प्रदान करती है.

दूसरे प्रकार के इंफेक्शन में भी यह काफी फायदेमंद है, और खांसी में भी फायदेमंद है. खांसी में फायदेमंद है तो इसका सीधा-सीधा अर्थ यह है कि यह गर्म तासीर की होती है, और गर्म तासीर के भोज पदार्थ प्रेगनेंसी में खाने से बचना चाहिए.

प्रेगनेंसी में मुलेठी खाने के नुकसान


कई रिसर्च के बाद यह सामने आया है कि यह गर्भवती महिलाओं में कुछ गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन सकती है.

जैसे कि हाई लेवल का ब्लड शुगर सर दर्द वाटर रिटेंशन थकान या दिल का दौरा जैसी समस्याएं इसकी वजह से हो सकती हैं अंगों में दर्द या उनका सुन पड़ जाना भी इसकी वजह से हो सकता है.

मुलेठी खाने से महिलाओं को मिसकैरेज ऐसी संभावनाएं बन सकती हैं.
मुलेठी का सेवन करने से प्लेसेंटा संबंधी समस्याएं आने का डर रहता है.
मुलेठी का सेवन करने से बच्चों में कुछ कंपलेक्स बीमारियां होने का खतरा रहता है.
मुलेठी हार्मोन अल डिसबैलेंस के लिए भी जानी जाती है.

जो महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं उन्हें भी मुलेठी का सेवन करने से बचना चाहिए इसकी वजह से बच्चे में कुछ गंभीर समस्या होने का खतरा रहता है.



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