गर्भपात के 5 रिस्की घरेलू नुस्खे

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गर्भपात के 5 रिस्की घरेलू नुस्खे आयुर्वेद से संबंधित हैं. घरेलू उपचार के रूप में प्रयोग में लाए जाते हैं, तो इन्हें एलोपैथी डॉक्टर असुरक्षित मानते हैं. ऐसे ही कुछ और घरेलू उपाय हैं. जिन्हें हमारे एलोपैथी डॉक्टर असुरक्षित गर्भपात की संज्ञा देते हैं.

डॉक्टर इन कुछ गर्भपात के तरीकों को सुरक्षित नहीं मानते हैं. 

गर्भपात के 5 रिस्की घरेलू नुस्खे

ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल

उत्तरी अमेरिका में पैदा होने वाला इवनिंग प्रिमरोज पौधे से प्राप्त होने वाला ऑयल औषधियों के अंदर प्रयोग में लाया जाता है.

इसके द्वारा कैप्सूल का निर्माण किया जाता है, जो कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इसका एक गुण यह भी है कि यह गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर देता है और गर्भाशय ग्रीवा तभी नरम होनी चाहिए, जब डिलीवरी का समय होता है.

अगर महिला गर्भवती नहीं है तो कोई बात ही नहीं है, लेकिन अगर गर्भवती है तो समय से पहले प्रसव प्रक्रिया शुरू हो सकती है या दूसरे शब्दों में कहें तो गर्भपात की संभावना बहुत ज्यादा बन जाती है, और यह एक असुरक्षित तरीका गर्भपात के लिए हो सकता है.

ब्लू कोहोश

कुछ जड़ी बूटियों को गर्भपात के लिए प्रयोग में लाया जाता है जिसमें ब्लू कोहोश का प्रयोग किया जाता है. यह एक जंगली पौधा है और यह मासिक स्राव लाने के लिए या गर्भपात के लिए, दोनों ही के लिए घरेलू जड़ी बूटियों के रूप में प्रयोग में लाया जाता है.

जब इस पौधे पर एलोपैथी में रिसर्च की गई तो उन्होंने पाया कि इसके अंदर एक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो विषैला प्रभाव दिखाता है, और यह गर्भस्थ महिला के शरीर पर भी निगेटिव प्रभाव दिखा सकता है. इसलिए इसके द्वारा गर्भपात कराना जोखिम भरा होता है यह सुरक्षित है.

ब्लू कोहोश में नेगेटिव इफेक्ट दिखाने वाले तत्व का नाम मेथिलसिटिसिन है.

कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल एक जड़ी-बूटी है, जिस पर लगने वाले सफेद फूल को उपयोग में लाया जाता है. असल में यह चाय अगर कम मात्रा में पी जाती है तो यह फायदा देती है.

लेकिन अगर इसे थोड़ी सी भी अधिक मात्रा में पी लिया जाए तो यह उत्तेजना पैदा करती है, और शरीर में अधिक उत्तेजना गर्भवती महिला को प्रसव की ओर ले जाने में सहायता करती है. गर्भपात हो सकता है. अगर गर्भपात के लिए इसका प्रयोग किया जाता है, तो यह असुरक्षित तरीका माना जाता है.

बबूल की फली और केले के पत्ते

इन दोनों प्राकृतिक पौधों के अंशों को मिलाकर एक जड़ी-बूटी बनाई जाती है. जो गर्भपात के लिए प्रयोग में लाई जाती है. इसमें बबूल के फलियों के अंदर जो बीज होते हैं, उन्हें निकाल लिया जाता है, और उन्हें पीस दिया जाता है.

साथ ही केले के पत्तों को सुखाकर उसका पाउडर बना लिया जाता है. अब इन दोनों पाउडर को एक साथ मिलाकर एक जड़ी-बूटी बनाई जाती है, जिसका प्रयोग मासिक धर्म आने तक किया जाता है. डॉक्टर्स के अनुसार इस जड़ी बूटी द्वारा कराई गई गर्भपात प्रक्रिया सुरक्षित नहीं होती है.

मगवॉर्ट की पत्तियां

यह एक प्रकार की जड़ी बूटी है, जिसे आर्टेमिसिया मोनोस्पर्मा भी कहा जाता है. यह एक बारहमासी सुगंधित पौधा है, जो अरब के रेगिस्तान में व्यापक रूप से पाया जाता है.

गर्भपात के लिए महिलाओं द्वारा इस पौधे की पत्तियों का सेवन किया जाता है. इसकी पुष्टि के लिए गर्भवती मादा चूहों पर शोध किया गया है. उससे पता चला कि इसके सेवन से सीरम ऑक्सीटोसिन हार्मोन के स्तर में वृद्धि होने के कारण ऐसा होता है.

हालांकि, मगवॉर्ट के कौन से बायोएक्टिव तत्व गर्भपात का कारण बनते हैं, इस पर शोध किए जाने की जरूरत है. वैज्ञानिक शोध के बाद भी इसे सुरक्षित नहीं माना गया है.

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