प्रेगनेंसी में किन चीजों को खाने से बच्चे का रंग काला पड़ता हैं

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हम महिलाओं की एक समस्या, कहीं उनके बच्चे का रंग काला ना हो. इसके लिए क्या करें, इस टॉपिक पर बात करने जा रहे हैं.

हम आपसे बात करेंगे प्रेगनेंसी के दौरान कौन-कौन से भोजन करने से बचना चाहिए, ताकि आपके गर्भस्थ शिशु का वजन बाद में काला नहीं हो. जब वह पैदा हो तो वह एक गोरे रंग का बच्चा हो.
हम बात करेंगे ……

बच्चे का रंग किन किन बातों पर निर्भर करता है. बच्चे का रंग काला क्यों पड़ता है, और कौन कौन से भोजन खाने से प्रेगनेंसी के दौरान थोड़ा सा बचना चाहिए.

एक माता होने के नाते आप के लिए बहुत सारी काम की बातें हैं.

बच्चे का रंग किन किन बातों पर निर्भर करता है

सबसे पहले तो हम सभी को यह पता होना चाहिए, कि अगर माता-पिता काले रंग के हैं, तो बच्चे करो एकदम से साफ रंग का हो जाए, ऐसा संभव नहीं है. अगर माता-पिता में से एक काले रंग का है, और एक गोरे रंग का है, तो बच्चा काले रंग का भी हो सकता है.
गोरे रंग का भी हो सकता है और
साथ ही साथ दोनों के रंगों का मिलाजुला प्रभाव भी बच्चे के रंग में आता है.
अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान अपने भोजन का ध्यान रखते हैं, तो फिर थोड़ा सा फर्क बच्चे के रंग में आ सकता है. और यह फर्क ही काफी महत्वपूर्ण होता है.

बच्चे का रंग काला क्यों पड़ता है

आपके बच्चे का रंग इस बात पर निर्भर करता है, कि आपके बच्चे की त्वचा सूर्य की रोशनी से कितनी ज्यादा सेंसिटिविटी रखती है. आपकी त्वचा सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से जितनी ज्यादा सेंसिटिव होगी , उतना ही त्वचा की रक्षा के लिए मेलेनिन बच्चे की त्वचा में बनेगा और त्वचा काले रंग की नजर आएगी.

वैसे तो बच्चे की त्वचा की सेंसिटिविटी माता-पिता की त्वचा की सेंसिटिविटी जितनी होती है उसी के अनुसार निश्चित होती है क्योंकि यह गुण माता-पिता के जींस से बच्चे के अंदर आता है.

वैसे तो बच्चे की त्वचा की सेंसिटिविटी माता-पिता की त्वचा की सेंसिटिविटी जितनी होती है उसी के अनुसार निश्चित होती है. क्योंकि यह गुण माता-पिता के जींस से बच्चे के अंदर आता है, लेकिन अगर हम अपने भोजन के माध्यम से उस में पाए जाने वाले पोषक तत्व के माध्यम से त्वचा की सेंसिटिविटी को कुछ हद तक काम भी कर सकते हैं.

 हालांकि हम मात्र अच्छा और पौष्टिक भोजन ही ले सकते हैं. वह किस प्रकार से शरीर में जाकर कार्य करेगा इसका कंट्रोल हमारे पास नहीं है ऐसे ही कुछ भोजन ऐसे हो सकते हैं जो बच्चे की त्वचा की सेंसिटिविटी को बढ़ा सकते हैं उन्हें खाने से बचना चाहिए. 

प्रेगनेंसी में किन चीजों को खाने से बच्चे का रंग काला पड़ता हैं

हालांकि इन सब पर कोई भी रिसर्च उपलब्ध नहीं है मात्र समाज में अनुभव के आधार पर यह सब बातें बताई गई हैं. हालांकि अनुभव भी काफी महत्वपूर्ण होता है. उसका महत्व भी रिसर्च से कम नहीं होता है.

हम यहां आपको एक छोटी सी बात और बता दें, किसी भी व्यक्ति की सुंदरता उसके रंग से कम बल्कि उसकी त्वचा की चमक से ज्यादा नजर आती है. अगर रंग हल्का सा भी दबा हुआ है, लेकिन त्वचा में अलग ही चमक नजर आती है तो वह व्यक्ति बहुत सुंदर नजर आता है. अगर आप का रंग साफ है, लेकिन त्वचा बेजान है तो वह व्यक्ति सुंदर नहीं लगता.

प्रेगनेंसी में कौन से भोजन खाने से बचे

समाज में अनुभव के आधार पर कुछ भोजन प्रेगनेंसी में खाने से मना किया जाता है, जो बच्चे के रंग को डार्क कर सकते हैं.

जामुन

जामुन एक ऐसा फल है, जो पोषक तत्वों से भरा हुआ होता है, और इसे प्रेगनेंसी में खाने को डॉक्टर प्रिसक्राइब करते हैं. लेकिन सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इसे खाने से बच्चे का रंग काला होता है.

इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान जामुन कम ही खानी चाहिए, हालांकि यह गर्भ में शिशु और माता दोनों की आंखों के लिए अत्यधिक फायदेमंद है.

मेथी

महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान मेथी खाने से बचना चाहिए. मेथी एक प्रकार से घरेलू आयुर्वेदिक औषधि है. कई बार गैस और एसिडिटी के लिए प्रेगनेंसी में मेथी का पानी लेना बताया जाता है, और यह वजन को भी कंट्रोल करती है. आप इसे प्रेगनेंसी में लेने से बचें. क्योंकि यह तासीर में गर्म होती है. गर्म तासीर के भोजन बच्चे के रंग पर नेगेटिव प्रभाव डालते हैं.

इसलिए कोई सा भी गर्म तासीर का भोजन आप बच्चे के रंग के नजरिए से लेने से हमेशा बचे हैं लेकिन अगर बच्चे के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कुछ मात्रा में लेना पड़े तो अवश्य लें.

आयरन

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में खून की अत्यधिक आवश्यकता होती है, और खून को बनाने के लिए आयरन की उतनी ही ज्यादा जरूरत पड़ती है. इसलिए महिला को आयरन की टेबलेट के साथ-साथ आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को भी लेना बताया जाता है. लेकिन आप जितना अधिक आयरन भोजन के अंदर लेते हैं.

यह बच्चे के रंग को उतना ही ज्यादा डार्क करता है. इसलिए आयरन अवश्य ले, क्योंकि यह अत्यधिक आवश्यक है. लेकिन बहुत अधिक मात्रा में आयरन युक्त भोजन खाने से बचें.

गर्मी और तेज धूप से भी बचें

महिला को प्रेगनेंसी से पहले भी और प्रेगनेंसी के बाद भी गर्म में स्थानों पर जाने से बचना चाहिए. और धूप में अधिक रहने से बचना चाहिए क्योंकि इससे आपकी त्वचा काली पड़ती है, और इसका असर आपके जींस में आता है, और यही जींस बच्चे के लिए तक पहुंचते हैं, और बच्चे के रंग पर फर्क पड़ता है.

अगर महिला धूप में अधिक रहेगी घर में स्थानों पर रहेगी और अधिक गर्म तासीर का भोजन खाएगी तो उससे शरीर में गर्मी बढ़ेगी और गर्मी हमेशा रंग पर विपरीत प्रभाव डालती है.

आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें आपकी गर्भ में शिशु का रंग अपेक्षाकृत अधिक गोरा रहेगा.  
 

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