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शादी के पहले साल में होने वाली समस्याएं

शादी के समय हर चीज बहुत अच्छी लगती है. यही नहीं शादी के कुछ महीनों तक भी सब कुछ रोमांटिक और खुशनुमा माहौल लगता है. लेकिन समस्या तब आती है, जब एक साल बीतते हुए समस्याएं आने लगती हैं. रिश्तों में तालमेल ना होने के कारण मनमुटाव शुरू हो जाते हैं. शादी के बाद आई जिम्मेदारियां भी इन समस्याओं को बढ़ा देती हैं. लेकिन क्या आप जानते है यदि आप थोड़ी सी सूझबूझ दिखाएं तो आप शादी के बाद तुरंत आने वाली समस्याओं से निजात पा सकते हैं. बहरहाल, आइए जानें शादी के पहले साल में होने वाली समस्याएं कौन-कौन सी है जो रिश्तों में कड़वाहट भर देती हैं.

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शादी के बाद होने वाली समस्याओं में सबसे बड़ी समस्या डिप्रेशन है. जी हां, डिप्रेशन शादी के बाद होना बहुत आम है. दरअसल, नया माहौल, नए लोगों के बीच एडजस्ट करना थोड़ा मुश्किल होता है, इतना ही नहीं अचानक से आई जिम्मेददारियों और उम्मीदों के भार के कारण भी डिप्रेशन की समस्या हो जाती हैं. हालांकि ये डिप्रेशन लड़कियों में अधिक देखा जाता है.



एडजस्ट करने में समस्या आना. दोस्तों कुछ लड़कियां शादी को एडजस्टमेंट का नाम लेती है तो ऐसे में उनके ऊपर दबाव आना लाजमी है, जिससे वह अनचाहा दवाब महसूस करती हैं और नतीजन उनकी सोच के कारण उन्हें शादी के शुरूआत में ही समस्याएं होने लगती हैं. अगर शादी को एक एडजस्टमेंट ना मानकर इसे एक चैलेंज के रूप में स्वीकार किया जाए और यह माना जाए कि यहां मेरी लिमिट की परीक्षा होगी जिसमें मुझे पास होना है तो समस्या काफी हद तक छोटी लगने लगेगी, और आपको इसे पार करने में मजा भी आएगा.
 

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हर घर का एक अपना माहौल होता है उसे चलाने का अपना एक तरीका होता है रिश्तों में तालमेल ना बिठाना भी एक ऐसी समस्या है, जो कि लड़के-लड़की दोनों को ही होती है. यदि आप बहुत मिलनसार नेचर के नहीं हैं, तो यह समस्या आना स्वाभाविक है. ऐसे में लड़कियां खासतौर पर बहुत से लोगों के बीच भी अपने आपको अकेला महसूस करने लगती हैं, मैं अपने आप को घर से जोड़ नहीं पाती इससे समस्या आने लगती है.

 

शादी के शुरूआत में लोगों से कम्यूनिकेट करने की समस्या बहुत आती है. हर कोई नया-नया और अजनबी जैसा लगता है. ऐसे में अपनी बात कहने में भी झिझक महसूस होने लगती है.

 


कभी-कभी लड़की के मां-बाप और घरवाले लड़की की इतनी चिंता करते हैं कि वह उसके जीवन में दखल देने लगते हैं और दोनों परिवारों के रहन-सहन और सोच समझकर तरीका अलग होता है तो इस वजह से भी परिवार में परेशानियां बढ़ने लगती . लड़की के परिवार वालों को चाहिए कि वह परिवार की जिम्मेदारी लड़की को अकेले ही उठाने दे

 

यदि पति-पत्नी अकेले रहते हैं तो उन पर आई जिम्मेदारियों के लिए आने वाली जो समस्याएं होती हैं घर के काम और बाहर के काम को मैंनेज करने की. ऐसे में दोनों में कलेश होने और रिश्तों में कड़वाहट आने का भी डर रहता है.
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मनी मैटर शादी के बाद बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि शादी के बाद खर्चा बढ़ना लाजमी है. ऐसे में मनी अरेंजमेंट होने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं.

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यदि पति वर्किंग है तो पत्नी घर पर है तो पत्नी का बोर होना स्वाभाविक है. ऐसे में दोनों के रिश्ते में तनाव आ सकता है. लेकिन यदि दोनों ही वर्किंग है तो दोनों के पास एक-दूसरे के लिए समय की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं.

 

स्वास्थ्य समस्याओं में महिलाओं में जो सबसे अधिक समस्या आती है अनियमित पीरियड्सकी. जिसकी वजह से वह असुरक्षित और असहज महसूस करती हैं और इसका प्रभाव बाकी चीजों पर पड़ना भी जायज है.
 


मोटापा शादी के बाद होना एक बड़ी समस्या हैं. ऐसा देखा गया है कि आमतौर पर महिलाएं शादी के बाद तुरंत वेट गेन कर लेती हैं जिसका असर उन पर मानसिक रूप से भी पड़ता है.
 

शादी के बाद मोटापा बढ़ने से और कम होने से स्ट्रेच मार्क पड़ जाते हैं जिससे महिलाएं अकसर तनाव में आ जाती हैं.
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यदि आप चाहते हैं कि शादी के बाद आपको समस्याए ना आएं तो आपको परिस्थितियों को समझकर चीजों को खुली मानसिकता से अपनाना होगा. साथ ही अपने पार्टनर से सभी चीजें आराम से और खुलकर डिस्कस करनी होंगी. तभी आप हैप्पी मैरेड लाइफ जी सकते हैं.

कोई भी महिला अपने ओवुलेशन टाइम में गर्भवती होती है. इसलिए महिला को अपना ओवुलेशन टाइम पता होना चाहिए. ओवुलेशन टाइम का पता लगाने के लिए मार्केट में kit उपलब्ध है, जिसे प्रयोग करके महिला अपना ओवुलेशन टाइम पता लगा सकती है. किट के बारे में अधिक जानकारी के लिए Amazon लिंक को क्लिक करें.


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