पुरुष के लिए केसर के फायदे | केसर की कीमत

[Article in English]

केसर (kesar) एक मसाला है. केसर का पौधा (kesar ka paudha) भारत के अंदर एक सीमित क्षेत्र में ही पैदा होता है. केसर की खेती (kesar ki kheti) कश्मीर के एक सीमित क्षेत्र में ही की जाती है. हालांकि केसर की खेती कुछ अन्य देशों में भी की जाती है. जैसे कि ईरान, चीन, इटली, ग्रीस इत्यादि.



भारत के अंदर कश्मीर के पामपुर क्षेत्र में तथा जम्मू के किश्तवाड़ क्षेत्र में ही केसर की खेती होती है. केसर को कुछ दूसरे नामों से भी जाना जाता है, जैसे कि जाफरान, सैफरन (saffron), केशल, कुंकुम, जापैंरान, केसरम, कोंग, कुंकुमकेसरी इत्यादि. 

केसर तासीर में गर्म होता है. इसलिए इसका प्रयोग बहुत कम मात्रा में किया जाता है.

केसर क्या है

केसर, केसर के फूल से प्राप्त किया जाता है. केसर का फूल (kesar ka phool )  नीले और सफेद रंग का होता है. फूल के रेशे के रूप में केसर का उत्पादन होता है.

 

kesar ki kheti, kesar ka phool


केसर के प्रत्येक फूल के अंदर तीन रेशे पाए जाते हैं, जो गहरे लाल रंग के होते हैं. इन्हीं रेशों को प्रोसेस के बाद केसर के रूप में प्राप्त किया जाता है.

केसर का वानस्पतिक नाम क्रोकस सैटाइवस (Crocus sativus) है. अंग्रेजी भाषा में केसर को सैफरन के नाम से जाना जाता है. यह पौधा मुख्यतः ठंडे स्थानों में पाया जाता है. दक्षिणी यूरोप अर्थात स्पेन में बड़ी मात्रा में की जाती है.

केसर की कुछ प्रजाति ईरान में भी पैदा होती हैं. ईरान और स्पेन पूरे विश्व की आवश्यकता का 80% केसर का उत्पादन करते हैं.

विश्व में केसर उगाने वाले प्रमुख देश हैं -  स्पेन, ईरान, भारत, इटली, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ग्रीस, रूस, तुर्किस्तान, स्विटज़रलैंड, चीन, पाकिस्तान के क्वेटा एवं आस्ट्रिया.

केसर का पौधा कैसा होता है

केसर का पौधा सुगंध देनेवाला बहुवर्षीय होता है और क्षुप 15 से 25 सेमी (आधा गज) ऊंचा, परंतु कांडहीन होता है.
इसमें घास की तरह लंबे, पतले व नोकदार पत्ते निकलते हैं. जो मूलोभ्दव (radical), सँकरी, लंबी और नालीदार होती हैं.

इनके बीच से पुष्पदंड (scapre) निकलता है, जिस पर नीललोहित वर्ण के एकाकी अथवा एकाधिक पुष्प होते हैं। अप्रजायी होने की वजह से इसमें बीज नहीं पाए जाते हैं. प्याज तुल्य केसर के कंद / गुटिकाएँ (bulb) प्रति वर्ष अगस्त-सितंबर माह में बोए जाते हैं, जो दो-तीन महीने बाद अर्थात नवंबर-दिसंबर तक इसके पत्र तथा पुष्प साथ निकलते हैं.

इसके पुष्प की शुष्क कुक्षियों (stigma) को केसर, कुंकुम, जाफरान अथवा सैफ्रन (saffron) कहते हैं. इसमें अकेले या 2 से 3 की संख्या में फूल निकलते हैं. इसके फूलों का रंग बैंगनी, नीला एवं सफेद होता है. ये फूल कीपनुमा आकार के होते हैं.

इनके भीतर लाल या नारंगी रंग के तीन मादा भाग पाए जाते हैं. इस मादा भाग को वर्तिका (तन्तु) एवं वर्तिकाग्र कहते हैं. यही केसर कहलाता है. प्रत्येक फूल में केवल तीन केसर ही पाए जाते हैं. लाल-नारंगी रंग के आग की तरह दमकते हुए केसर को संस्कृत में 'अग्निशाखा' नाम से भी जाना जाता है.

केसर की कीमत - Kesar ka Price


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केसर की कीमत - Kesar ka Price

केसर दुनिया के सबसे महंगे मसालों में से एक मसाला है. यह बहुत सुगंधित और पौष्टिक होता है. यह आयुर्वेद के अंदर जड़ी बूटी की तरह इस्तेमाल किया जाता है.

1 ग्राम केसर की कीमत क्या होती है : 1 ग्राम केसर का मूल्य बिल्कुल भी निर्धारित नहीं होता है. केसर की कीमत लगाने से पहले इसकी क्वालिटी पर भी ध्यान दिया जाता है.

अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग जलवायु में अलग-अलग क्वालिटी की केसर पैदा होती है. इसलिए अलग-अलग केसर की कीमत अलग-अलग होती है.  केसर एक अत्यधिक महंगा मसाला है.  इसलिए इसके अंदर डुप्लीकेसी भी होती है. नकली केसर आपको कुछ कम कीमत पर प्राप्त हो जाता है, जबकि असली ओरिजिनल केसर आपको कुछ अधिक कीमत पर प्राप्त होता है.

भारत के अंदर 1 ग्राम केसर की कीमत ₹200 से लेकर ₹350 तक हो सकती है. अलग अलग माध्यम से प्राप्त करने पर और अलग-अलग क्वालिटी होने पर कीमत में अंतर आ जाता है. केसर नया और पुराना होने पर भी कीमत अलग हो जाती है.

केसर कितने रुपए किलो है (kesar price 1 kg) :  केसर अत्यधिक महंगा मसाला है. इसकी कीमत लाखों में होती है. यह ग्राम की क्वांटिटी में खरीदा जाता है, जैसे कि 1 ग्राम, 2 ग्राम मैक्सिमम 10 ग्राम. भारत के अंदर 1 किलो केसर 2,00000 से लेकर ₹300000 तक आ जाता है. इसके लिए आपको सही स्थान और केसर बिजनेस का ज्ञान होना चाहिए.

केसर के फायदे और नुकसान

केसर एक आयुर्वेदिक हर्ब है. इसलिए केसर खाने के फायदे (Kesar khane ke fayde in hindi) बहुत सारे हैं. यह विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं, मानसिक समस्याओं में बहुत अधिक लाभदायक होता है. पुरुषों के लिए केसर खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं, इस पर बात कर करते हैं.

पुरुष के लिए केसर के फायदे

पुरुषों के लिए केसर के फायदे बहुत सारे हैं. कई तरह की शारीरिक परेशानियों को दूर करने में केसर अत्यधिक लाभदायक माना जाता है. इसके अंदर कई तरह के पोषक तत्व विद्यमान होते हैं. जैसे कि विटामिन बी सिक्स, फॉलेट, थायमिन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन जिसमें प्रमुख रूप से पाए जाते हैं. यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों सभी के लिए हर प्रकार से फायदेमंद है. यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. शरीर को फिट रखने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

स्वप्नदोष में लाभ

यह समस्या पुरुषों के साथ होती है. अचानक रात में सोते समय शुक्राणुओं का उत्सर्जन स्वप्नदोष कहलाता है. अगर पुरुष नियमित तौर पर केसर का प्रयोग करता है, तो यह समस्या समाप्त हो जाती है.

यौन शक्ति को बढ़ाएं

कई बार अपने बिजी लाइफस्टाइल की वजह से व्यक्ति अपने भोजन का ध्यान नहीं रख पाता है. अपने शरीर की आवश्यकताओं का ध्यान नहीं रख पाता है. कार्य की वजह से तनाव और डिप्रेशन की समस्या बन जाती है. ऐसे में पुरुष की यौन शक्ति कमजोर होने लगती है.

केसर की एक निश्चित मात्रा लेने पर यह समस्या धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है.

केसर का प्रयोग करने से यह शरीर में इस प्रकार के तत्वों की बढ़ोतरी करता है, जो तनाव को दूर करने का कार्य करते हैं, और व्यक्ति के मन में खुशी आती है.

शुक्राणु की क्वालिटी और क्वांटिटी बताएं

केसर का प्रयोग करने से यह पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन में सहायक होता है. इस वजह से पुरुष के शुक्राणु की क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों अच्छी हो जाती है.

शीघ्रपतन समस्या में लाभदायक

पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के निर्माण में सहायक होने की वजह से यह उसकी स्तंभन शक्ति को भी मजबूत प्रदान करता है. इस वजह से शीघ्रपतन की समस्या धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है.

पुरुष के लिए केसर के फायदे

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केसर के सामान्य फायदे - Kesar ke Fayde

केसर पुरुषों के प्रजनन तंत्र से संबंधित समस्याओं के लिए ही लाभदायक नहीं होता यह और भी बहुत सारी सामान्य समस्याओं में और क्रॉनिकल समस्याओं में लाभदायक होता है. यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का भी कार्य करता है.

  • केसर की तासीर गर्म होती है इस वजह से यह विंटर सीजन में सर्दी खांसी हो जाने पर दूध के साथ लेने पर लाभदायक होता है.

  • अगर व्यक्ति को ठंड अधिक लगती है तो उसे दूध के साथ केसर का प्रयोग करना चाहिए अधिक ठंड लगना कम हो जाएगा.

  • पेशाब रुक रुक कर आने की समस्या में या फिर आपकी पेशाब से संबंधित दूसरे विकारों में केसर बहुत लाभदायक होता है. अपनी समस्या में आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेकर इसका प्रयोग कर सकते हैं.

  • हारमोंस बिगड़ जाने पर महिलाओं को प्रकार की समस्याएं होने लगती है. खासकर प्रजनन तंत्र से संबंधित समस्याएं अधिक होती है. महावारी से संबंधित विकार आ जाता है. इसमें केसर बहुत लाभदायक है. यह हारमोंस को संतुलित करता है.

  • केसर में पाए जाने वाले पोषक तत्व आंतों को मजबूती प्रदान करते हैं. इस वजह से यह पाचन क्रिया को मजबूत रखने में मदद करता है. अपच, गैस, एसिडिटी जैसी समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है.

  • लाइफस्टाइल की वजह से लिवर संबंधी काफी सारी समस्याएं सामने आती है इसमें एक चुटकी केशर के चूर्ण में 10 मिली करेले का रस मिला लें. इसे पिलाने से लिवर से संबंधित विकार ठीक हो सकते हैं. रोजाना कम से कम 21 दिन ले या अपनी परिस्थिति अनुसार आयुर्वेदाचार्य से सलाह करके इसका प्रयोग करें.

  • बकरी का दूध मिलाकर केसर का प्रयोग करने से किसी भी प्रकार का रक्त स्राव अगर  हो रहा है तो उसमें राहत मिलती है. जैसे कि मुंह, गुदा,योनि या फिर किसी भी इंद्री में रक्त स्राव है, तो इसका प्रयोग करें.

  • केसर सांस संबंधित समस्याओं में भी काफी लाभदायक होता है. यह फेफड़ों की सूजन को कम करता है. एलर्जी को कंट्रोल करता है, और अस्थमा जैसी समस्या में भी यह लाभदायक होता है.

  • केसर के फायदे स्किन के लिए बहुत सारे हैं. मुंह पर कील मुंहासे और काले धब्बे को दूर कर त्वचा में चमक लाने का कार्य केसर करती है.

गर्भवती महिला के लिए केसर के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान महिला का मूड बहुत जल्दी-जल्दी बदलता है. यह हारमोंस में आए बदलाव की वजह से होता है. अगर महिला प्रेगनेंसी में केसर का प्रयोग करती है तो यह समस्या काफी हद तक कम हो जाती है.

  • प्रेगनेंसी में महिलाओं को प्रेगनेंसी हारमोंस की वजह से और प्रेगनेंसी की वजह से नींद नहीं आने की समस्या हो जाती है और नींद में अनियमितता नजर आती है. केसर का प्रयोग करने से यह समस्या दूर हो जाती है.

  • प्रेगनेंसी हारमोंस की वजह से मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या प्रेगनेंसी के दौरान नजर आती है. लेकिन केसर हारमोंस के इस साइड इफेक्ट को कंट्रोल करता है.

  • प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है. ऐसे में महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, या कई बार प्रेगनेंसी हारमोंस की वजह से ब्लड प्रेशर लो भी हो जाता है.

  • यह महिला की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन अगर महिला केसर का प्रयोग प्रेगनेंसी के दौरान करती है, तो ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है.

  • प्रेगनेंसी के दौरान अगर महिला केसर का प्रयोग दूध के साथ करती है, तो गोरा बच्चा होने की संभावना बहुत अधिक बन जाती है.

केसर के नुकसान

केसर एक जबरदस्त आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जानी जाती है लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यह नुकसान भी दे सकती है इसलिए इसे लेने में थोड़ी सावधानी रखने की आवश्यकता होती है.

  • केसर किसी भी गर्भवती स्त्री को खाने से पहले इसकी मात्रा के विषय में जानना बहुत जरूरी होता है. दूध के साथ दो से तीन रेशे ही एक गिलास दूध में मिलाकर लेने चाहिए. इससे अधिक नहीं लेना चाहिए. क्योंकि यह तासीर में गर्म होती है, और गर्म तासीर के भोज्य पदार्थ प्रेगनेंसी में काफी संयमित मात्रा में लेने चाहिए. इसके साथ ठंडी तासीर के भोजन भी ले. जैसे कि कि केसर साथ दूध.

  • एक बार में 10 ग्राम केसर खा लेने पर गर्भवती महिलाओं को गर्भपात की संभावना बहुत अधिक हो जाती है.

  • अगर किसी कारणवश किसी महिला को या पुरुष को केसर से एलर्जी है, तो उन्हें केसर का प्रयोग नहीं करना चाहिए. अगर करे तो आयुर्वेदाचार्य की सलाह अवश्य लें.

  • केसर की अधिक मात्रा खा लेने पर सिर दर्द मुंह सूखना चक्कर आना बेचैनी होना इत्यादि समस्याएं हो सकती हैं. कभी-कभी केसर की वजह से उल्टियां भी आने लगती हैं.

  • मुख्यता केसर एक काफी सुरक्षित आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है लेकिन इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखें अधिक मात्रा होने पर यह नेगेटिव प्रभाव छोड़ सकती है.

प्रेगनेंसी में केसर कब खाना चाहिए

केसर एक गर्म तासीर का भोज्य पदार्थ है. इसलिए इसे काफी सावधानी के साथ अपनी प्रेगनेंसी के दौरान डाइट में शामिल करना होता है.
  • शुरू के 3 महीने गर्भस्थ शिशु अत्यधिक नाजुक रहता है, इसलिए इस दौरान आप अपनी डाइट में केसर का प्रयोग बिल्कुल नहीं करें.

  • 3 महीने से लेकर अगले 6 महीने तक आप संयमित मात्रा में केसर का प्रयोग अपनी डाइट में कर सकते हैं. एक गिलास दूध के अंदर 3 से 2 रेशों रैसे को डालकर उस दूध का प्रयोग करना चाहिए.

  • दूध में केसर कैसे मिलाए यह काफी आसान है. इसके लिए आप एक गिलास दूध में 2 से 3 रेशों को दूध में डालकर उबाल ले और उसके बाद गुनगुना करके पी ले.

  • अगर महिला की प्रेगनेंसी में किसी भी प्रकार की कॉम्प्लिकेशन है तो फिर केसर का प्रयोग करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले. अगर महिला को पहले भी मिसकैरेज हो गए हैं और अब भी मिसकैरेज की संभावना बनी हुई है तो फिर केसर का प्रयोग बिल्कुल नहीं करें.

केसर को अपने भोजन में कैसे शामिल करें

केसर एक बहुत ही पौष्टिक जड़ी-बूटी है, मसाला है. इसे भोजन में मिलाकर अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है. लेकिन मुख्यतः इसे दूध के साथ प्रयोग में लाया जाता है. इसके लिए आप एक गिलास दूध में 3 से 4 रेशों को दूध में डालकर उबाल ले और उसके बाद दूध का प्रयोग करें. इस प्रकार से आप गर्मियों के सीजन में इसका प्रयोग करें.

आप शाम के समय 4 से 5 रेशों केसर के पानी में भिगो दें और सुबह रेशों  सहित उस पानी का प्रयोग करें.
आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर कई प्रकार की शारीरिक बीमारियों और समस्याओं में विभिन्न जड़ी बूटियों के साथ केसर का योग तैयार करके भी इसका प्रयोग किया जाता है. लेकिन यह योग एक्सपर्ट की राय के आधार पर ही तैयार किए जाते हैं.



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