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प्रेगनेंसी में मूली खाने के 8 फायदे | क्या सावधानियां रखें?

 प्रेगनेंसी के दौरान मूली हमें खानी चाहिए या नहीं खानी चाहिए.  हम मूली को लेकर कुछ facts आपको बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप बड़ी आसानी से इस बात का पता लगा सकते हैं कि आपको अपनी प्रेगनेंसी के दौरान मूली खानी चाहिए या नहीं खानी चाहिए.
दोस्तों आज हम बात करेंगे ----


मूली के क्या फायदे होते हैं
और भी कुछ जरूरी बातें 

 
जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं--


8 Benefits and precautions of eating radish in pregnancy


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प्रेगनेंसी में मूली खाने के लाभ - Pregnancy me Mooli Khane ke Labh

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का ब्लड प्रेशर ऊपर नीचे हो ही जाता है अगर महिला मूली का सेवन करती है तो यह उसके लिए फायदेमंद रहता है ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने का कार्य मूली कर सकती है.


प्रेगनेंसी के दौरान वजन बढ़ने के कारण मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिसके कारण महिला को बवासीर जैसी समस्या से परेशान होना पड़ सकता है. लेकिन यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान मूली का सेवन करती है। तो ऐसा करने से पाइल्स की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है.


आजकल शुगर काफी कम उम्र में हो जाती है और ऐसी अवस्था में अगर कोई महिला शुगर से ग्रसित है और वह गर्भवती हो जाती है तो शुगर के साइड इफेक्ट को दूर करने के लिए महिला मूली का सेवन कर सकती है. मूली को शुगर कंट्रोल करने के लिए जाना जाता है.


मूली के अंदर पानी की काफी अच्छी मात्रा होती है अगर महिला गर्भावस्था के दौरान मूली का सेवन करती है तो वह महिला को हाइड्रेट रखने में मदद करता है.


मूली के अंदर फाइबर की मात्रा उचित होती है जिसकी वजह से कब जैसी समस्याएं समस्या में राहत नजर आ सकती है यह फाइबर महिला के शरीर में फैट को जमा नहीं होने देता है अतिरिक्त वजन नहीं बढ़ता है.


प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की त्वचा पर तरह-तरह के दाग धब्बे नजर आने लगते हैं. अगर महिला प्रेगनेंसी के दौरान मूली का प्रयोग अपने भोजन में करती है, और मूली की स्लाइस काट कर त्वचा को उससे साफ करती है तो स्क्रीन की प्रॉब्लम में काफी मदद मिलती है.


गर्भावस्था के दौरान प्रेगनेंसी हार्मोन की वजह से मांसपेशियां मुलायम हो जाती हैं और पेट की मांसपेशियां भी मुलायम हो जाती है. जिसकी वजह से पेट संबंधी काफी सारी समस्याएं नजर आने लगती हैं. 

अगर गर्भवती स्त्री अपने भोजन में मूली का प्रयोग करती है तो उसे कब्ज एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत मिलती है, क्योंकि मूली के अंदर घुलनशील फाइबर मौजूद होता है, इसके अलावा मूली का प्रयोग अपने भोजन में करने से किडनी भी स्वस्थ रहती है. मूली शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करती है. जिसकी वजह से महिला और शिशु दोनों को काफी लाभ मिलता है.


कुछ सावधानियां

प्रेगनेंसी के दौरान गैस अक्सर महिलाओं को बनती है ऐसे में मूली गैस बनने को और बढ़ा सकती है क्योंकि यह वायु पैदा करती है. 


मूली अधिक खाने से माना जाता है यह महिला को अबॉर्शन की तरफ ले जाती है इसलिए मूली को संतुलित मात्रा में ही अपने भोजन में शामिल करना चाहिए, अपने डॉक्टर से पूछ कर अपने भोजन में शामिल करना चाहिए.


कुछ ऐसे भोजन होते हैं जिन्हें मूली के साथ कभी भी नहीं खाना चाहिए और प्रेगनेंसी में इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए आपको मूली को करेले के साथ नहीं खाना है अगर आप अपने भोजन में संतरे का प्रयोग कर रहे हैं तो उसके साथ मूली का प्रयोग नहीं करना है.

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