एलर्जी क्या है | एलर्जी क्यों होती है – एलर्जी के लक्षण

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 एलर्जी क्या है, एलर्जी क्यों होती है. एलर्जी के लक्षण क्या क्या होते हैं. एलर्जी की आयुर्वेदिक दवा या एलर्जी का देसी इलाज इस संबंध में हम यहां बात करने वाले हैं.

एलर्जी एक ऐसी समस्या है, जिसके पीछे कोई ठोस वजह नहीं होती है. यह किसी वस्तु से क्यों हो जाती है इसका पता ही नहीं चलता है. बस हमें यह पता रहता है कि एलर्जी है. हमें उस पर्टिकुलर वस्तु से एलर्जी है. खाद्य पदार्थ से एलर्जी है.

एलर्जी के संबंध में ताकि आप इसके नेचर, सेंसटिविटी और प्रकार को समझकर अपने आपको प्रेगनेंसी के दौरान अपने आप को सुरक्षित रख सकें.

प्रेगनेंसी में एलर्जी | एलर्जी क्यों होती है -एलर्जी क्यों होती है

एलर्जी क्यों होती है

एलर्जी होने की कोई भी उम्र नहीं होती है. यह बच्चों में भी पाई जाती है, और बड़े होने के बाद इसके लक्षण काफी ज्यादा नजर आने लगते हैं, तो इसका असर समझ में आता है.

ऐसे ही एलर्जी आपको तब ज्यादा इफेक्ट दिखाती है, जब आपका इम्यून सिस्टम किसी कारणवश कमजोर हो जाता है. इसी वजह से प्रेगनेंसी में भी यह काफी ज्यादा देखने में आती है.

एक प्रकार से बाहरी तत्वों के प्रति आपके शरीर की अति संवेदनशीलता को एलर्जी कहा जाता है, और यह अति संवेदनशीलता आपके शरीर को किसी भी वस्तु से हो सकती है.

अक्सर व्यक्ति को पता ही नहीं होता है, कि बहुत सारी समस्याएं उसे एलर्जी के कारण हो रही है. क्योंकि वह इस पर ध्यान ही नहीं देता है. अगर आपको एलर्जी की समस्या नजर आ रही है, तो समझ जाइए कि आप की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है. ऐसे में कुछ परिस्थितियों में हमारा शरीर कुछ खास चीजों को स्वीकार करने से मना कर देता है.

एनर्जी मुख्यतः त्वचा पर नजर आती है लेकिन यह आपके हाथों, मुंह, नाक, फेफड़ों आदि पर भी अपना असर दिखाती है. शरीर की प्रकृति जैसी हो उसी के अनुसार एलर्जी अलग-अलग प्रकार की होती है.

किन वस्तुओं से एलर्जी अधिक होती है

भारत के अंदर भी लगभग 20% से लेकर 30% लोग किसी ना किसी प्रकार की एलर्जी से पीड़ित पाए जाते हैं.  एक शोध के अनुसार

  • 34% लोग झींगे से
  • 31% लोगों को गेहूं से
  • 28% लोगों को दूध से
  • 20% लोगों को बादाम से और
  • 25% लोगों को सोयाबीन से और
  • 18% लोगों को अंडे से
  • 17% लोगों को नारियल से और
  • 10 परसेंट को चिकन से और
  • 9% लोगों को मछली से

एलर्जी देखने में नजर आती है.  यहां तक कि मूंगफली, काजू, चॉकलेट इन से भी किसी किसी को एलर्जी हो जाती है. अगर आप गर्भवती हैं तो आपको उस वस्तु के पास भी नहीं जाना है जिससे आपको एलर्जी है.

एलर्जी के लक्षण

एलर्जी के लक्षणों में कुछ लक्षण काफी ज्यादा नजर आते हैं जैसे की —

  • आंखों से पानी आना या आंखों में खुजली होना
  • त्वचा का रंग लाल होना चकत्ते पड़ जाना
  • नाक बहना
  • लगातार छींके आना
  • शरीर में जगह जगह खुजली होना
  • चेहरे पर, होंठ पर, आंखों पर, जीभ पर सूजन होना
  • उल्टी होना
  • बुखार होना
  • बीमार बीमार सा महसूस होना
  • थकावट महसूस होना
  • सांस फूलना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • पेट की समस्याएं
  • चक्कर आना
  • गले और मुंह में सूजन
  • होठों का या स्किन का नीला पड़ जाना

जैसे लक्षण, यह सब एलर्जी की वजह से भी होता है.

एलर्जी के प्रकार

कई प्रकार की एलर्जी होती है जैसे कि

नाक की एलर्जी

नाक की एलर्जी को एलर्जी राइनाइटिस भी कहा जाता है, यह अक्सर तभी नजर आती है जब मौसम बदलता है मौसम बदलने से टेंपरेचर में उतार-चढ़ाव आता है और इस वजह से इम्यून सिस्टम थोड़ा सा कमजोर पड़ जाता है. इस एलर्जी के अंदर

  • श्वास नली में सूजन आ सकती है,
  • लगातार छींके आ सकती हैं,
  • नाक में खुजलाहट ला सकती है,
  • नाक बहने लगती है.

खाद्य पदार्थों की एलर्जी

जैसा कि हमने अभी आपको बताया था कि बहुत सारे खाद्य पदार्थ जैसे कि दूध, अंडा, मछली, गेहूं, मूंगफली और दूसरे खाद्य पदार्थ इनसे भी एलर्जी होने का खतरा रहता है.

ड्रग एलर्जी

आपने देखा होगा कि बहुत सारी दवाइयों को लेने से उनके साइड इफेक्ट के रूप में

  • त्वचा पर एलर्जी की समस्या नजर आने लगती हैं,
  • दाने हो जाते हैं,
  • त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं,
  • त्वचा पर जलन होने लगती है,

और भी दूसरी प्रकार की समस्याएं शरीर में आ जाती हैं. यह सब ड्रग एलर्जी के अंतर्गत आता है.

एटॉपिक डर्मेटाइटिस

यह एलर्जी

  • रासायनिक प्रदूषण,
  • पर्यावरण प्रदूषण और
  • कॉस्मेटिक

वगैरह के इस्तेमाल के कारण होती है. इसमें त्वचा में सूजन आ जाती है.

मौसमी एलर्जी

कभी-कभी मौसम में अचानक से होने वाले बदलाव की वजह से भी मौसम में एलर्जी नजर आती है. इसके अंदर मुख्यतः

  • छींके आना,
  • नाक के अंदर जलन होना,
  • शरीर में खुजलाहट की समस्या,
  • आंखों में पानी आना

जैसी समस्याएं देखने में आती हैं.

फंगल एलर्जी

कई बार फंगल इन्फेक्शन यानी फफूंदी के बीजाणुओं के कारण तीव्र एलर्जिक प्रतिक्रिया होती है.

डस्ट एलर्जी

यह भी बड़ा ही कॉमन टाइप है. डस्ट एलर्जी अक्सर देखने में नजर आती है.

  • यह एलर्जी हवा चलने पर या तूफान आने पर धूल होने से
  • वायु प्रदूषण से और
  • धुए के कारण नजर आती है.
  • अगर कहीं झाड़ू लग रही है आप वहां से गुजर जाए यह आपके घर में ही यह तब आपको नजर आती है.

एलर्जी की आयुर्वेदिक दवा – एलर्जी का देसी इलाज

एलर्जी की आयुर्वेदिक दवा या एलर्जी का देसी इलाज प्राचीन समय से भारत में उपलब्ध है. आयुर्वेद के अंदर इसके घरेलू उपचार पर बल दिया जाता है. एलर्जी को जड़ से खत्म करना इतना आसान नहीं होता है, लेकिन इसके प्रभावों को कम अवश्य किया जा सकता है.

अगर आपको एलर्जी की शिकायत है तो —–

  • आपको घर में कालीन नहीं बिछाना चाहिए.
  • आप अपने कपड़े, तकिए, गद्दे, बेडशीट, चद्दर सभी को नियमित तौर पर साफ करते रहें, धोते रहें.
  • फलों के द्वारा जैसे कि नींबू विटामिन सी प्रचुर मात्रा में लेते रहे यह है इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है.
  • अधिक तला-भुना व मसालेदार भोजन खाने से बचें.
  • फलों के जूस अथवा पानी में पांच-छह बूंद अरंडी का तेल मिलाकर पिएं.
  • रात में जल्दी भोजन करें.
  • एक ग्राम गिलोय पाउडर और एक ग्राम सितोपलादि चूर्ण को शहद के साथ सवेरे-शाम खाली पेट खाने से श्वसन तंत्र की एलर्जी में राहत मिलती है.
  • नाक की एलर्जी बार-बार होती है तो सवेरे खाली पेट दो चम्मच आंवले का रस, एक चम्मच गिलोय का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज लें.

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