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प्रेगनेंसी में बार-बार पेशाब आने की समस्या को कैसे कंट्रोल करें | 3 tips

 प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को यूरिन की समस्या लगभग लगभग पूरे प्रेगनेंसी काल रहती है.

गर्भावस्था के दौरान बार-बार गर्भावस्था के दौरान पेशाब आना एक सामान्य लक्षण माना जाता है अक्सर रात के समय बार-बार पेशाब आने से दिक्कत होती है.


pregnancy me urine ki problem


पहली तिमाही

प्रेगनेंसी हारमोंस ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी), इसके चलते पेल्विक  क्षेत्र में खून का बहाव बढ़ जाता है जिसकी वजह से बार-बार पेशाब आने की समस्या नजर आती है.

दूसरी तिमाही

दूसरी तिमाही में यह समस्या थोड़ी सी कम हो जाती है लेकिन सामान्य से ज्यादा पेशाब आना फिर भी जारी रहता है क्योंकि अब गर्भाशय बढ़ रहा है, लेकिन इतना भी नहीं होता है कि वह ज्यादा दबाव मूत्राशय पर डालें तो कुछ राहत इन 3 महीनों में आपको नजर आ सकती है.

तीसरी तिमाही

तीसरे तिमाही के अंदर मूत्राशय पर गर्भ की वजह से काफी दबाव पड़ने लगता है, और इसके कारण बार-बार आपको पेशाब जाना पड़ता है.

परेशानी से कैसे बचे

गर्भावस्था के दौरान बार बार पेशाब आने की समस्या से आप पूर्ण रूप से छुटकारा नहीं पा सकते हैं इस समस्या को थोड़ा कंट्रोल जरूर किया जा सकता है इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा.


आपको प्रेगनेंसी में किए जाने वाले योगा का भी अभ्यास करना चाहिए यह आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं. इसके लिए आपको किसी योगाचार्य से संपर्क करना होगा और उसके सानिध्य में ही योगा भी करें.


 जैसा कि हमने बताया था कि कैफीन मांसपेशियों को मुलायम कर देता है, इसलिए आपको ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना है जिनमें कैफीन पाया जाता है. इनमें आपके चार फेवरेट खाद्य पदार्थ है चाय, कॉफी, चॉकलेट और कैंडी.  इसके साथ-साथ आपको शराब और दूसरे नशीले पदार्थों को भी लेने से बचना है. इनके अंदर भी कैफिन अच्छी मात्रा में पाया जाता है.


बार-बार पेशाब आने की समस्या रात्रि में ही ज्यादा महसूस होती है इसलिए आपको रात्रि के समय तरल पदार्थों का सेवन कम से कम करना है. ऐसा नहीं है कि आपको तरल नहीं लेना है क्योंकि तरल भी बहुत ज्यादा आवश्यक होता है खासकर प्रेगनेंसी में, इसलिए आप भोजन का शेड्यूल इस तरह से बनाएं कि आप अधिकतम तरल पदार्थ दिन के समय अपने भोजन में शामिल करें.


हमारे पास प्रश्न आया था कि छींकने और खांसी आने से पेशाब हल्का सा लीक हो जाता है. क्या यह कुछ परेशानी की बात है तो हम बता दें कि -- 

यह बड़ा ही सामान्य है क्योंकि प्रेगनेंसी हारमोंस की वजह से मांस पेशियां मुलायम हो जाती है.  इस वजह से यह समस्या होती है. यह बेहद सामान्य बात है जैसे-जैसे डिलीवरी के बाद आपके शरीर से प्रेगनेंसी हारमोंस का असर खत्म होता जाएगा वैसे वैसे आपकी समस्या समाप्त हो जाएगी.
 

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