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गर्भावस्था के दौरान बार-बार पेशाब आने के 6 कारण है

 प्रेगनेंसी के दौरान पेशाब का आना एक नॉर्मल समस्या मानी जाती है लगभग हर एक के साथ यह समस्या होती है आज हम बात करेंगे..
क्या बार-बार पेशाब आना गर्भावस्था का संकेत माना जाता है ,
गर्भावस्था के दौरान बार-बार पेशाब आने के क्या कारण है.

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दोस्तों किसी भी महिला को बार बार पेशाब आना इसके कई सारे कारण होते हैं, लेकिन अगर महिला को प्रेगनेंसी ठहर जाती है, तब भी बार-बार पेशाब आने की शिकायत होने लगती है. तो हम कह सकते हैं कि बार बार पेशाब आना गर्भावस्था ठहरने का एक संकेत है.

गर्भावस्था के दौरान बार-बार पेशाब आने के क्या कारण है


प्रेगनेंसी के दौरान कई कारणों से बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है जिसमें से कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से है.


जैसे जैसे महिला का गर्भ बढ़ता जाता है, वैसे वैसे शरीर के अंदर जगह कम पड़ने लगती है. और मूत्राशय पर गर्भ की वजह से दबाव पड़ने लगता है तब भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है.


गर्भावस्था के दौरान महिला को ऐसे पदार्थों को खाने से बचना चाहिए जिसमें कैफीन होती है. यह बच्चे के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होते हैं. कैफीन एक काम और करता है, यह मूत्राशय की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है, जिसकी वजह से मूत्र पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो जाता है.


कभी-कभी इंफेक्शन के कारण भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है इसके साथ-साथ कुछ और लक्षण भी आते हैं जैसे कि
बदबूदार पेशाब आना
पेशाब में जलन होना
पेशाब का रंग बदल जाना
अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या नजर आए तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए.

जिन व्यक्तियों को मधुमेह की शिकायत होती है. उन्हें भी बार बार पेशाब आने की समस्या होती है. ऐसे ही गर्भावधि मधुमेह गर्भावस्था के दौरान होने वाला मधुमेह है. इसकी वजह से भी बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है.

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के कार्य की क्षमता में वृद्धि करनी पड़ती है जिसकी वजह से किडनी का काम भी बढ़ जाता है और अधिक अपशिष्ट तरल बनने लगता है. साथ ही, इस अवस्था में ब्लड प्लाज्मा की मात्रा करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है और मूत्राशय जल्दी भरने लगता है. गर्भावस्था में ये स्थितियां बार-बार पेशाब आने का कारण बनती हैं.

प्रेगनेंसी हार्मोन शरीर की मांसपेशियों को मुलायम कर देते हैं यह वैसे तो गर्भाशय की मांसपेशियों को मुलायम करने के लिए होते हैं, लेकिन यह खून में मिलकर शरीर के सभी प्रकार की मांसपेशियों को मुलायम कर देते हैं. इससे खाना पचने में भी दिक्कत आती है. साथ ही साथ मूत्राशय की मांसपेशियां जब कमजोर हो जाती हैं मुलायम हो जाती हैं, तो उनकी क्षमता कम हो जाती है, और कम दवा पर ही पेशाब जाने की इच्छा होने लगती है.

 

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