गर्भावस्था में दीपावली के दौरान क्या करें क्या नहीं करें | Pregnancy during Deepavali festival

दीपावली, सनातन धर्म मानने वाले अनुयायियों के लिए सबसे बड़े त्योहारों में से एक त्योहार माना जाता है. इस दिन महालक्ष्मी की पूजा की जाती है. 

गर्भवती स्त्री और उसके गर्भस्थ शिशु पर मां भगवती लक्ष्मी की कृपा बनी रहे. इसके लिए गर्भवती स्त्री को थोड़े से विशेष कार्य करने चाहिए. आइए इसी विषय पर चर्चा करते हैं .



गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए काफी कठिन समय होता है, और कभी-कभी ऐसी स्थिति भी होती है, कि महिला कुछ भी करने की स्थिति में नहीं होती है. सबसे पहले तो महिला इस बात को कंफर्म करें कि जो बातें हम बता रहे हैं, वह उसे कर सकती है. जितनी बातें कर सकती है. उसे फॉलो करने की कोशिश करें जो भी कार्य उसके लिए उसे कठिन हो उन्हें छोड़ देना चाहिए.

प्रेगनेंसी और दीपावली


आखिर गर्भवती स्त्री भी एक मुश्किल दौर से गुजर रही है. उसके लिए हर एक कार्य की बाध्यता नहीं होती है.

यहां हम जो भी उपाय बता रहे हैं. इनसे घर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार बढ़ता है. अगर घर की एनर्जी पॉजिटिव रहती है, तो घर के हर एक सदस्य की, गर्भवती स्त्री की एनर्जी  पॉजिटिव होगी और शरीर की एनर्जी पॉजिटिव होने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. उसकी प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहती है, और गर्भस्थ शिशु भी स्वस्थ रहेगा. 


दिवाली के दिन गर्भवती महिला को क्या करना चाहिए

  • सबसे पहले तो दीपावली वाले दिन गर्भवती स्त्री को बिल्कुल खुश रहना चाहिए. उसे किसी भी प्रकार की टेंशन या तनाव नहीं लेना चाहिए. साथ ही साथ उसे घर के सभी बड़े लोगों का उस दिन सम्मान करना चाहिए. उनसे प्यार से बात करनी चाहिए.

  • ऐसा नहीं है कि उसके बाद आप कुछ भी कर सकते हैं. इस बात का ध्यान आप हमेशा रखें कि आपको बड़ों का सम्मान करना है.

  • दीपावली वाले दिन थोड़ा जल्दी उठने की कोशिश करें. उस दिन आप नहा धोकर पूजा पाठ करें, और इस बात का भी विशेष ध्यान रखें, कि उस दिन आप की पूजा पाठ से पहले घर की सफाई हो गई हो.

  • खासकर दीपावली वाले दिन आपको अपने मेन गेट और उसके आसपास के क्षेत्र को साफ रखना बहुत जरूरी होता है. माना जाता है, इसी रास्ते महालक्ष्मी आपके घर आएंगे और आपको आशीर्वाद देंगी.

  • दिवाली के दिन घर के बाहर रंगोली अवश्य बनाएं. हिंदू धर्म में रंगोली को बहुत शुभ माना जाता है. माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए रंग-अबीर से रंगोली बनाएँ.   

  • दिवाली के दिन घर के साथ-साथ अपने तन और मन की स्वच्छता पर भी ध्यान दें.  इस दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए.  सुबह नहाकर साफ कपड़े पहनने के  बाद पूजा करें. 

  • दीपावली का दिन काफी शुभ दिन माना जाता है, इस दिन गर्भवती स्त्री को अपने घर के सभी बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद जरूर प्राप्त करना चाहिए.


दिवाली के दिन गर्भवती महिला को क्या नहीं करना चाहिए

  • इस दिन किसी भी प्रकार के तनाव में नहीं रहना चाहिए.

  • घर में छोटी मोटी बातों से आपको बचना चाहिए जिनसे घर में झगड़ा होने की संभावना रहती है. आप स्वयं इन बातों को अवॉइड करें जिससे घर का माहौल खराब होता हो.

  • आप शाम के समय दीपावली वाले दिन बिल्कुल नहीं सोए. इससे आपको मां लक्ष्मी की कृपा नहीं प्राप्त होगी और यही बात आप के शिशु के लिए भी लागू होती है .

  • आपको दीपावली वाले दिन शुद्ध और सात्विक भोजन ही खाना है.  मांस मदिरा और बीड़ी सिगरेट तंबाकू इत्यादि जो भी नशीले पदार्थ है इनसे आप बिल्कुल दूर रहे. हालांकि प्रेगनेंसी में इनका सेवन पहले से ही वर्जित होता है लेकिन आप नॉन वेज भोजन से बिल्कुल दूर है.


कुछ और भी पॉइंट्स है जो गर्भवती स्त्री के लिए ही नहीं बल्कि घर के दूसरे सदस्यों के लिए भी लागू होते हैं जैसे कि –

  • जिस दिन आप को झाड़ू पर बिल्कुल भी पैर नहीं मारना है. झाड़ू के अंदर मां लक्ष्मी जी का वास होता है. माना जाता है माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है.

  • दिवाली वाले दिन किसी को भी पैसा उधार नहीं देना चाहिए. यह बात घर का हर एक व्यक्ति ध्यान में रखें.

  • अगर गर्भवती स्त्री अपने ऊपर और अपने परिवार के ऊपर मां लक्ष्मी जी का की कृपा चाहती है. तो उसे कोई भी लक्ष्मी मंत्र जिसे वह जानते हो जिससे वह मां लक्ष्मी जी की आराधना करते हो उसका जप करना चाहिए.


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