1 माह के बच्चे की शारीरिक क्षमता

 1 महीने का बच्चा, उसके शरीर में कौन-कौन सी क्षमताएं विकसित हो जाती है. ऐसे कौन-कौन से लक्षण हैं जिन्हें देखकर आप बच्चे की शारीरिक ग्रोथ को मॉनिटर कर पाएंगे.



यह कुछ बच्चे की एक्टिविटी हैं. जिन्हें देखकर आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं, कि बच्चे का विकास अच्छी तरह से हो रहा है.

हालांकि कभी-कभी इनमें से कुछ एक्टिविटी बच्चा थोड़ा समय लेकर भी कर सकता है. ऐसा नहीं है कि अगर आपका बच्चा लगभग 1 महीने का हो गया है, इनमें से कोई एक्टिविटी वह नहीं कर रहा है, तो उसका विकास नहीं हो रहा है.


वह कुछ ही दिनों में इन सब एक्टिविटी में परफेक्ट हो जाएगा, हालांकि फिर भी माना जाता है कि 1 महीने के बच्चे के अंदर यह सब लक्षण आ जाते हैं इनमें से कुछ लक्षण 1 महीने के बाद भी आ सकते हैं.

1 माह के बच्चे की शारीरिक क्षमता

बच्चे की दृष्टि

अगर आप बच्चे के सामने कोई चीज रख देंगे जो थोड़ी करण कलरफुल हो तो वह उसकी तरफ आकर्षित हो जाएगा और वह 8 से लेकर 12 इंच तक दूर पड़ी वस्तुओं को आसानी से देख सकता है. आप उस वस्तु को जहां जहां आसपास लेकर जाएंगे वह उसे देखेगा और उसकी आंखें उस तरफ जाएंगी.

बच्चे की नींद

बच्चा पैदा होने के बाद दिन में लगभग 8- 9 घंटे सोता है, और रात में भी 8, 9 घंटे सोता है. यह मान सकते हैं कि उसके नींद लगभग 24 घंटे में 16 घंटे की होती है. लेकिन 1 महीने होते होते उसकी नींद में थोड़ी सी कमी आ जाती है. हालांकि कभी-कभी यह कमी आप ट्रैक नहीं कर पाते हैं, लेकिन माना जाता है कि वह अब 1 महीने के बाद एक से आधा घंटा कम सोता है.

बच्चे की गतिविधियां

बच्चा जन्म के 1 हफ्ते में जितनी गतिविधि करता है. एक महीने का होते होते उसकी गतिविधियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं. अगर बच्चे की गतिविधि में कमी आती है तो फिर आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए.

अंगों की हरकत

एक महीना होते होते बच्चे के शरीर में इतनी जान आ जाती है, कि वह अपने सभी अंगों को अच्छी तरह से हिलाना डुलाना शुरू कर देता है.

स्पर्श करने की क्षमता

बच्चा 1 महीने का होते होते अपनी माता को पहचानने लगता है, और घर के दूसरे लोगों को भी पहचानने लगता है जब आप उसे गोद में लेते हैं, तो वह आपके चेहरे को आपके हाथों को स्पर्श करना शुरू कर देता है. यह उसके मस्तिष्क और शारीरिक क्षमता के विकास को दिखाता है.

पैरों और बाहों की तेज गति

बच्चा अपेक्षाकृत अब पहले दो हफ्तों की तुलना में तेज गति से अपने हाथ और पैरों को हिला सकता है.

सिर को उठाने की कोशिश  

अगर आप उसे पेट के बल लेटाएंगे, तो वह सिर को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करेगा. ऐसा वह गर्दन की मांसपेशियों व तंत्रिका तंत्र में हो रहे विकास के कारण कर पाता है.

मुट्ठी में पकड़ना

बच्चा पैदा होने के बाद ही कुछ भी चीज को अपनी मुट्ठी में भरने लगता है लेकिन 1 महीने का होते-होते बचा बच्चा अपनी मर्जी से मुट्ठी में भरना सीख जाता है, और वह कभी कभी मुट्ठी को खोल भी देता है और किसी चीज को जानकर पकड़ भी लेता है अर्थात अगर उसकी मुट्ठी में आपकी उंगली है तो अगर आप उंगली में थोड़ी सी हरकत करो तो वह कभी-कभी खोल भी देता है हालांकि शुरू शुरू में बच्चे के अंदर यह गुण नहीं होता.



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