कीड़ा जड़ी खाने का तरीका – स्पर्म काउंट और क्वालिटी के लिए

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कीड़ा जड़ी

कीड़ा जड़ी खाने का तरीका अर्थात कीड़ा जड़ी को अपने भोजन में किस प्रकार से शामिल करेगी यह स्पर्म काउंट के लिए फायदेमंद और स्पर्म की क्वालिटी को मजबूती प्रदान करें.

भारत के अंदर प्रेगनेंसी नहीं होने के लिए महिलाओं को ही जिम्मेदार माना जाता रहा है लेकिन वास्तविकता यही है कि संतान ना होने के लिए जितना दोष महिलाओं का हो सकता है उतना ही दोष पुरुषों का भी हो सकता है.

संतान प्राप्ति में समस्या का एक कारण

कभी-कभी क्या होता है कि प्रेगनेंसी नहीं होने के लिए पुरुषों के शरीर में स्पर्म काउंट ना के बराबर होता है और कभी-कभी यह भी होता है कि पुरुषों के स्पर्म की जीवन ऊर्जा काफी कम होती है. अर्थात वह कमजोर होते हैं और वह महिला के शरीर में अपने आप को सरवाइव नहीं कर पाते हैं.

जिस वजह से अंडे तक पहुंचने से पहले ही वह सभी के सभी समाप्त हो जाते हैं. और प्रेगनेंसी नहीं हो पाती है.

इस प्रॉब्लम को जानने के लिए पुरुषों को स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी चेक करवाना पड़ता है. उसके बाद इस समस्या पर काम करना पड़ता है.

पुरुषों की नपुंसकता और संतान प्राप्ति

आज हम आपसे कीड़ा जड़ी के बारे में बात कर रहे हैं, जो हिमालय के ऊंचे स्थानों पर पाई जाती है. यह भी आपकी इस समस्या में रामबाण की तरह कार्य करके करती है.

देखें अगर स्पर्म काउंट कम है, तो इसका मतलब यह है, कि पुरुष के शरीर में प्रेगनेंसी के लिए जितने स्पर्म की आवश्यकता होती है, उतने नहीं बन रहे हैं.

 दूसरा अगर स्पर्म काउंट तो ठीक है, लेकिन उनकी क्वालिटी ठीक नहीं है. अर्थात उनकी जीवन ऊर्जा कम है तो वह महिला के शरीर में सरवाइव नहीं कर पाते हैं.

 होता क्या है कि महिला के शरीर में इन्हें बाहरी समझकर इन पर अटैक किया जाता है और इन्हें मारने की कोशिश की जाती है. अगर इनकी जीवन ऊर्जा मजबूत होगी तो यह अपने आप को जीवित रख पाने में सक्षम होंगे और अंडे तक पहुंच सकते हैं. लेकिन अगर यह कमजोर होते हैं, तो रास्ते में ही मारे जाते हैं.

एक तरह से यह कमी पुरुषों की नपुंसकता कहलाती है. इनफर्टिलिटी की समस्या होती है.

प्रेगनेंसी नहीं होने का कारण यह भी होता है कि पुरुषों के अंदर कामेच्छा समाप्त हो जाती है. पुरुषों को काफी सारे यौन रोग हो सकते हैं. जिसका असर पुरुष की की स्पर्म काउंट और क्वालिटी पर पड़ता है.

स्पर्म क्वालिटी और क्वांटिटी के लिए कीड़ा जड़ी के फायदे

कीड़ा जड़ी इन सभी समस्याओं को दूर करने में सक्षम है, और यह इनका रामबाण इलाज भी मानी जाती है.

कीड़ा जड़ी
  • अगर पुरुषों को अपना स्पर्म काउंट ठीक करना है,
  • स्पर्म की क्वालिटी को मजबूत करना है.
  • सभी यौन रोगों को दूर करना है
  • अपने शरीर की ताकत को बढ़ाना है.
  • शरीर में ऑक्सीजन की कमी को दूर करना है,

इसके लिए हिमालय में पाई जाने वाली कीड़ा जड़ी अत्यधिक लाभदायक होती है. इसके साथ यही समस्या है कि यह काफी कीमती और दुर्लभ है लेकिन मिल जाती है.

कीड़ा जड़ी देसी वायग्रा मानी जाती है, लेकिन इसे यह कहना गलत है क्योंकि यह शरीर में हर प्रकार के रोग से लड़ने में सक्षम है यहां तक कि यह बिगड़े हुए कैंसर और लीवर और गुर्दे की समस्या को जड़ से ठीक कर सकती है. हर प्रकार की योन रोग को ठीक करके पुरुषों की स्पर्म क्वांटिटी और क्वालिटी को बढ़ा सकती है. पुरुषों में अद्भुत ताकत पैदा करती है, क्योंकि यह शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ा देती है.

इसके प्रयोग से पुरुषों के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का अभूतपूर्व विकास होता है, और मजबूत प्रतिरोधक क्षमता शरीर के हर समस्या को दूर करने में मददगार होती है.

कीड़ा जड़ी खाने का तरीका

कीड़ा जड़ी को खाने का तरीका बहुत आसान है.एक स्वस्थ व्यक्ति एक बार में 0.3 से 0.7 ग्राम के बीच कीड़ा जड़ी का सेवन रोजाना कर सकता है.
कीड़ा जड़ी को आप निम्न तरीके से खा सकते हैं:

  • गर्म पानी में घोलकर.
  • कीड़ा जड़ी के चूर्ण को दूध में मिलाकर पीना.
  • अन्य किसी प्रकार के पेय में मिलाकर.
  • अलग-अलग प्रकार की समस्याओं में इसे अलग-अलग मात्रा के साथ लिया जाता है पर यह काम संपूर्ण शरीर पर करती है.

कीड़ा जड़ी खाने के दौरान सावधानियां

अगर आप इसे ले रहे हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान आपको जरूर रखना चाहिए.

सबसे पहले तो आप को कब्ज नहीं होना चाहिए.  क्योंकि कब्ज होने से इसका संपूर्ण गुण आपके शरीर को नहीं लगता है.

  • इसे लेने से पूर्व अपने कब्ज की समस्या को ठीक करें, और जब तक आप इसे ले रहे हैं, तब तक इस बात का ध्यान रखें, कि आपको कभी नहीं होना चाहिए.
  • इसके लिए आपको जो भी करना पड़े आप करें.
  • आप अपने भोजन को सुधारे. तला, भुना, नमक, मिर्च, मसालेदार नहीं खाए.
  • फलों का प्रयोग ज्यादा करें.
  • हरी सब्जी ज्यादा खाए, रोटी कम खाएं.
  • अपनी लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करना पड़े तो करें और योगाभी करें. बस कब्ज नहीं होना चाहिए.
  • सुबह जल्दी उठे, शाम को जल्दी सोए. लंच, डिनर और ब्रेकफास्ट का समय निश्चित करें.

आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपकी समस्या तुरंत दूर हो जाएगी और 1 महीने के बाद आप प्रेगनेंसी के लिए कोशिश करेंगे तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी. 

किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का असर आपके शरीर में  पूर्ण रूप से 40 दिन के बाद आता है, लेकिन 15 दिन के बाद से आना शुरू हो जाता है.

2 से 3 महीने में आप प्रेगनेंसी के लिए कोशिश करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी. बस कोशिश करें कि आप महिला के Ovulation Period पर ही कोशिश करें.

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