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गर्भावस्था के दौरान पिस्ता का सेवन सुरक्षित है या नहीं - Pregnancy me Pista Khana

नमस्कार दोस्तों आज की POST में हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं कि पिस्ता जो कि एक ड्राई फूड है क्या वह प्रेगनेंसी में खाना चाहिए कि नहीं खाना चाहिए क्योंकि हम सभी जानते हैं कि प्रेगनेंसी में सभी कुछ नहीं खाया जा सकता है यहां तक कि कुछ पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी प्रेगनेंसी में खाना मना होते हैं आज हम अपने इस POST के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं कि
पिस्ता की न्यूट्रिशन वैल्यू क्या होती है ,
पिस्ता को खाने से क्या-क्या लाभ होते हैं
और क्या क्या नुकसान होते हैं
जिसे जानकर आप बड़ी आसानी से यह गणना कर पाएंगे कि प्रेगनेंसी के समय पिस्ता खाना चाहिए कि नहीं खाना चाहिए.  आइए दोस्तों चर्चा करते हैं।

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पिस्ता की न्यूट्रिशन वैल्यू  - Pista ki Nutrition Value

चटख हरे रंग का आकर्षण पिस्ता, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, जिंक, कॉपर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम और कई तरह पोषक तत्वों से भरपूर है। न केवल आपको सेहतमंद बनाए रखता है बल्कि कई बीमारियों को आपसे दूर रखता है।

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इसमें मौजूद जरूरी फैटी एसिड्स आपकी त्वचा में freshness बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं, जिससे नैचुरल दमक बरकरार रहती है। पिस्ता में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।

पिस्ता में बाकी नट्स के मुकाबले कैलोरी कम और पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है। एक ओंस यानि 28 ग्राम पिस्ता में निम्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
160 कैलोरी
6 ग्राम प्रोटीन
2.8 ग्राम फाइबर
12.71 ग्राम फैट
2 ग्राम सैचुरेटेड फैट

पिस्ता खाने के लाभ - Pregnancy me Pista Khane Ke Labh

देखा गया है कि गर्भवती महिलाएं अक्सर कब्ज की समस्या से परेशान रहती है, पिस्ता के अंदर प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जिसके कारण कब्ज की समस्या नहीं हो पाती है।

पिस्ता में एंटी-इंफ्लेमेट्री प्रोपर्टीज होती है जो आपको जोड़ो के दर्द और सूजन की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इस तरह की समस्याएं गर्भवती महिला को अक्सर देखने में आती है।

पिस्ता में कॉपर होने के कारण यह आपको गर्भावस्था के दौरान लाल रक्त कोशिकाओं के संश्लेषण में मदद करते हैं। शरीर में ऊर्जा का संचार ठीक रहता है फ्रेशनेस बनी रहती है।

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गर्भवती महिलाओं की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए रिश्ता काफी मददगार होता है | पिस्ता में पाएं जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स जैसे पॉलीफैनॉलिक कम्पाउंड्स, विटामिन ई और कैरोटीन गर्भवती महिला की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।

पिस्ता में मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड गर्भावस्था के दौरान रक्त मे गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाते है।
काजू, बादाम से भी अधिक पौष्टिक होता है पिस्ता. पिस्ता खाने से दिमाग तेज होता है और इंसान की स्मरण शक्ति तेज होती है. इसलिए बच्चों को पिस्ता जरूर खिलाएं।

पिस्ता में प्रोटीन पाया जाता है जो कि शिशु की कोशिकाओं और टिशू के विकास में लाभदायक होता है।

शरीर के अंदर किसी भी तरह की जलन हो रही हो, चाहे वह पेट की जलन हो या छाती की जलन, आप पिस्ता का सेवन करें, फायदा मिलेगा।

प्रोटीन गर्भस्थ शिशु के कोशिकाओं के और टिशु के डेवलपमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, पिस्ता प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत मारा जाता है।

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पिस्ता को खाने से नुकसान - Pregnancy me Pista Khane ke Nuksan or Side Effect

जहां तक गर्भावस्था का सवाल है तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं उसके बारे में भी हम चर्चा कर लेते हैं जिसके बाद आती है निश्चित कर सकते हैं इसे खाना चाहिए कि नहीं खाना चाहिए।

पिस्ता में फ्रक्टेन्स होते हैं जो आपकी पाचन क्रिया को प्रभाावित करते हैं। इनके कारण आपको डायरिया, कब्ज, ब्लोटिंग, पेट दर्द आदि समस्या हो सकती हैं।

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क्योंकि पिस्ता एक नट्स है, नट्स में एनाकार्डिक एसिड नाम का एक केमिकल होता है जिसके कारण एलर्जिक रिएक्शन होते हैं। इसके कारण आपको त्वचा में खुजली, उल्टी, डायरिया आदि की समस्या हो सकती है। यह समस्या केवल पिस्ते के साथ ही नहीं बाकी दूसरे ड्राई फ्रूट्स के साथ भी है।

अगर आपको नट्स से एलर्जी है तो गर्भावस्था के दौरान पिस्ता खाने से बचें।

रोस्टेड पिस्ता में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है और इसके सेवन से आपका ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावनाएं होती हैं।

कुछ समस्याएं इस वजह से होती है क्योंकि आप अधिक मात्रा में इसका सेवन कर लेते हैं, जबकि प्रेग्नेंसी के समय किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ का सेवन लिमिटेड और संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए.


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