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प्रेग्नेंसी चेक कैसे करें | कब और कैसे करें प्रेगनेंसी चेक - How to Check Pregnancy

प्रेग्नेंसी चेक कैसे करें.
प्रेगनेंसी किट पर जो मानक दिए होते हैं. उनका क्या मतलब होता है. 

प्रेगनेंसी किट हिंदुस्तान में Rs. 25 से लेकर Rs.50 तक की कीमत में मिल जाती है. भारत में हमने जो प्रेगनेंसी किट देखी है. वह आपके सामने हैं. आपको प्रेगनेंसी किट के ऊपर C और T दो अक्षर अंकित दिखाई पड़ रहे होंगे. 

इस किट के ऊपर एक छेद होता है जिसके माध्यम से हम यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए एक ड्रॉपर के माध्यम से किट के अंदर स्थित  पैड पर डालते हैं. यह ड्रॉपर भी किट  के साथ ही आता है.

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चर्चा करेंगे----

प्रेगनेंसी टेस्ट का क्या आधार है.
प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए यूरिन कब लेना चाहिए.
किस समय का यूरिन लेना चाहिए.
किट पर स्थित अक्षरों का क्या मतलब होता है यह प्रेगनेंसी टेस्ट में इस तरह से मदद करते हैं.
कैसे जाने कि टेस्ट पॉजिटिव है, नेगेटिव है
प्रेगनेंसी टेस्ट में इनवैलिड का मतलब
 
इस विषय पर चर्चा करते हैं.

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प्रेगनेंसी टेस्ट का क्या आधार है - Pregnancy test ka Aadhaar 

प्रेगनेंसी के बाद ओवुलेशन टाइम में महिला की ओवरी से फैलोपियन ट्यूब में अंडे आते हैं. जहां वह शुक्राणुओं से संपर्क करके निषेचित होते हैं. और प्रेगनेंसी की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

इस भ्रूण की देखभाल के लिए महिला का शरीर एक हार्मोन बनाना करना शुरू करता है.
इसे कहते हैं एचसीजी – ह्यूमन क्रोनिक गोनाडोट्रोपिन हार्मोन

इसका कार्य गर्भ में रहता है, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में बनता है. तो यह धीरे-धीरे महिला के यूरिन और ब्लड में भी आ जाता है. इस हार्मोन की उपस्थिति से ही हम कंफर्म करते हैं, कि प्रेगनेंसी है कि नहीं.

यह हारमोंस है तो प्रेगनेंसी है. हारमोंस नहीं है तो प्रेगनेंसी नहीं है.


कब करें प्रेगनेंसी चेक- Kab Kare Pregnancy Check

प्रेगनेंसी होने के बाद जब यह HCG हार्मोन बनना शुरू होता है, तो 5 दिन के भीतर ही यह यूरिन और ब्लड में आ जाता है.

लेकिन तब इसकी मात्रा काफी कम होती है.  कभी-कभी हम यह पता नहीं कर पाते हैं, कि प्रेगनेंसी है कि नहीं.

10 से 14 दिन के भीतर यहां महिला के ब्लड में और यूरिन में इतनी मात्रा में आ जाता है, की इसकी उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है. पता लगाया जा सकता है, कि महिला प्रेग्नेंट है कि नहीं है.
 
प्रेगनेंसी होने के 14 दिन बाद तो कन्फर्म पता चल जाता है.  हम मान लेते हैं कि महिला का नेक्स्ट पीरियड जो कि मिस हो गया है, उसके 5 दिन के बाद रिजल्ट सही आएगा.  पहले भी आ सकता है लेकिन 5 से 7 दिन के बाद तो हंड्रेड परसेंट आएगा.


किस समय का यूरिन लेना चाहिए -pregnancy test ke lie urin kab lena chaahie

उस समय का यूरिन लेना सबसे अच्छा होता है, जिस समय यूरिन अंदर एचसीजी हार्मोन की मात्रा सबसे अधिक होती है.

जब महिला रात को सो कर सुबह होती है. उस वक्त सर्वप्रथम जो यूरिन रिलीज होता है. उस यूरिन में एचसीजी हार्मोन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है.

सोकर सुबह  उठने के बाद पहला यूरिन लेना चाहिए हमेशा, या यह कह सकते हैं कि जिस दिन आप को टेस्ट करना है सुबह-सुबह टेस्ट कर लीजिए, रिजल्ट की सटीकता अधिकतम होगी.

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प्रेगनेंसी किट पर C और T का मतलब - Pregnancy kit par C aur T ka matalab

हर प्रेगनेंसी किट पर C और T मार्क नहीं होते हैं. सिर्फ लाइनिंग के आधार पर यह बताया गया होता है, कि प्रेगनेंसी है कि नहीं है, अलग-अलग कंपनी अलग-अलग प्रकार की प्रेजेंटेशन के साथ किस मार्केट में उतारती है, कौन कितनी यूजर फ्रेंडली है.

लेकिन हमने भारत में देखा है कि खासकर उत्तर भारत में यहां प्रेगनेंसी किट के ऊपर C और T की मार्किंग होती है.

यहां पर C का मतलब होता है कंट्रोल, प्रेगनेंसी टेस्टिंग के समय C लाइन का उभरना यह बताता है कि यह किट सही तरह से काम कर रही है.

अगर प्रेगनेंसी टेस्ट करते समय यह लाइन नहीं उभरती है तो किट बेकार मानी जाती है.

यहां पर T का मतलब होता है, टेस्टिंग इस लाइन के दिखने या ना दिखने से यह पता चलता है प्रेगनेंसी है या नहीं है. कैसे चेक करते हैं, आगे बात करते हैं.

कैसे करें प्रेगनेंसी चेक - Kaise Kare Pregnancy
Check

प्रेग्नेंसी चेक करने से पहले हम आपको बता दें, कि किट के साथ आपको एक ड्रॉपर भी मिलेगा. जिसकी सहायता से आप किट में 5 से 8 बूंद यूरिन पास करोगे.

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अलग-अलग कंपनी की प्रेगनेंसी किट अलग-अलग रंग और प्रजंटेशन के साथ हो सकती हैं
इसके अंदर आपको रिजल्ट के लिए दो लाइने दिखाई पड़ेगी वह रेड, पिंक, ग्रे या नीले कलर में हो सकती हैं क्योंकि अलग-अलग कंपनी की अलग-अलग प्रेजेंटेशन होती है, लाइन के कलर को लेकर आप कंफ्यूज ना हो.

प्रेग्नेंसी चेक कैसे करें. किट में यूरिन पास करने के 5 से 7 मिनट के अंदर रिजल्ट आता है. पहले भी आ जाता है, लेकिन आप 10 मिनट का टाइम कम से कम दो, उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचो अच्छा रहेगा.

दोस्तों टेस्ट करते समय तीन प्रकार के रिजल्ट आपके सामने आ सकते हैं.
यह हो सकता है पॉजिटिव मतलब प्रेगनेंसी है दूसरा निगेटिव अर्थात प्रेगनेंसी नहीं है तीसरा इनवैलिड, किट बेकार है.


पॉजिटिव रिजल्ट में लाइन C आ जाती है, और उसके कुछ देर बाद लाइन T धीरे-धीरे डार्क होना शुरू होती है. अर्थात प्रेगनेंसी है.

कभी-कभी एचसीजी हार्मोन की कमी होने के कारण लाइन T हल्की रह जाती है. इसका मतलब भी प्रेगनेंसी है. मान कर चलो. इसके लिए आप 4 से 5 दिन बाद फिर टेस्ट कर ले तो यह हल्की लाइन भी आपको डार्क मिलेगी.

नेगेटिव रिजल्ट में लाइन C आ जाती है, लेकिन एचसीजी हार्मोन  ना होने के कारण Testing  लाइन T आती ही नहीं है, अर्थात प्रेगनेंसी नहीं है.

साधारण भाषा में प्रेगनेंसी टेस्ट में  1 लाइन का मतलब प्रेगनेंसी नहीं है, और प्रेगनेंसी टेस्ट में  2 लाइन का मतलब आप गर्भवती है.

प्रेगनेंसी टेस्ट में इनवैलिड का मतलब

इनवैलिड रिजल्ट में कंट्रोल लाइन C आती ही नहीं है. चाहे टेस्टिंग लाइन T आए या ना आए.

क्योंकि कंट्रोल लाइन C ना दिखने की वजह से किसको खराब मान लिया जाता है. प्रेगनेंसी टेस्ट में 1 लाइन का मतलब आपको दूसरी किट का प्रयोग करना होगा.




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