रुके हुए पीरियड्स लाने की रामबाण औषधि | बस एक गिलास

पीरियड ना होने के बहुत सारे छोटे छोटे कारण हो सकते हैं. जिनके समाधान पर पीरियड्स आ जाते हैं, लेकिन यह समस्या बड़ी इसलिए भी समझी जाती है, क्योंकि प्रेगनेंसी का एक लक्षण पीरियड का नहीं होना भी माना जाता है. 

प्रेगनेंसी अपने आप में काफी बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है, और सामाजिक दृष्टिकोण से हर एक महिला को गर्भवती होने का हक भी नहीं होता है.

बात करते हैं उसे 1 तरीके के ऊपर जिसका प्रयोग करने से अगर आपकी पीरियड रुक गए हैं तो रुके हुए पीरियड्स भी 90% तक आ जाते हैं.

पीरियड लाने के लिए हल्दी वाला पानी


यहां हम प्रेगनेंसी के नजरिए से बात करेंगे, तो आपको यह बात जल्दी समझ में आएगी. असल में प्रेगनेंसी के दौरान एक बात सभी को पता है, कि गर्म तासीर के भोज्य पदार्थ का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं किया जाता है.

अगर महिला इस प्रकार के भोजन का प्रयोग काफी ज्यादा कर लेती है, तो महिला को गर्भपात का खतरा बना रहता है. गर्भपात का खतरा अर्थात पीरियड आ जाते हैं.

अब हम यहां प्रेगनेंसी को अलग कर देते हैं. अगर महिला को किसी कारणवश पीरियड्स नहीं आ रहे हैं. यह जरूरी नहीं है, कि उसके पीरियड प्रेगनेंसी की वजह से ही रुके हुए हैं. अगर उसके पीरियड किसी दूसरी वजह से भी रुके हुए होते हैं. तब भी यह नुस्खा महिला के लिए कार्य करेगा.

आप सभी जानते हैं, कि सर्दी, खांसी, जुखाम के दौरान या किसी चोट लग जाने के दौरान, मोच आ जाने के दौरान हमारे समाज में प्राचीन समय से ही हल्दी वाले दूध का प्रचलन काफी बड़ी मात्रा में है.

यहां हम आपको बता दें कि हल्दी की तासीर गर्म होती है. यह हमारे भोजन में मसालों के रूप में प्रयोग होता है, और मुख्यता सभी मसाले गर्म प्रकृति के होते हैं.

यहां हम हल्दी के गर्म प्रकृति को पीरियड लाने के लिए प्रयोग में लाएंगे. अब इसका प्रयोग कैसे करना है. किस समय करना है यह काफी जरूरी है और कैसे नहीं करना है इस बात को भी समझना जरूरी है.

यहां हम हल्दी का प्रयोग दूध के साथ नहीं करेंगे. हालांकि इसका प्रयोग करने से हल्दी की जो गर्म प्रकृति के गुण हैं. वह हमारे शरीर में फायदा करते हैं. लेकिन दूध ठंडी प्रकृति का होता है. इस कारण से यह हल्दी के गर्म प्रकृति के गुणों को न्यूट्रल करने का कार्य करता है.

इसलिए हम यहां हल्दी का प्रयोग पानी के साथ करेंगे. इस बात का ध्यान रखें. हमें सुबह के समय खाली पेट एक चम्मच हल्दी लगभग 10 दिन तक गुनगुने पानी के साथ लेनी है.

अगर हम कुछ खा लेते हैं, तो और उसके बाद हम हल्दी वाले पानी का प्रयोग करेंगे तो वह भोजन हल्दी की जो गर्म प्रकृति है. उसको कमजोर करेगा. इसलिए आपको यह खाली पेट लेना है. और कोशिश करें कि 25 से 40 मिनट तक आप किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ नहीं ले.

अगर आपको यह प्रयोग करने पर किसी भी प्रकार की समस्या लगे तो आपको यह प्रयोग रोकना पड़ेगा. और आपको फिर कुछ और उपाय करना पड़ेगा.

 क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि हल्दी खाली पेट आपको पच जाए.  यह आपके अपने शरीर की प्रकृति पर भी निर्भर करता है. हालांकि हल्दी हम पूरे जीवन भर अपने भोजन के माध्यम से लेते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं होती है. लेकिन फिर भी 1% चांस ऐसा हो सकता है कि आपको दिक्कत हो.

समाज में ऐसा भी माना जाता है, कि अगर महिला को नई-नई प्रेगनेंसी हुई होती है और वह खाली पेट कुछ दिन तक एक चम्मच हल्दी पानी के साथ लेती है तो उसे गर्भपात हो जाता है. 

इसलिए आप प्रेग्नेंसी के समय पानी के साथ हल्दी लेने से बचें और कोशिश करें, कि आप हल्दी वाला दूध पीने से भी बचे. हालांकि कभी-कभी खांसी जुखाम की अवस्था में आप किसी आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर प्रेगनेंसी के दौरान हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं.

अगर आपको किसी कारणवश पीरियड नहीं हो रहे हैं तो आप इसका प्रयोग 10 दिन तक करें आप देखेंगे कि आप को पीरियड हो जाएंगे.

हमें उम्मीद है कि आप इस नुस्खे का प्रयोग बहुत सोच समझकर और समझदारी से करेंगे.



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