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शनिवार, 24 अगस्त 2019

प्रेगनेंसी में शहद का सेवन कितना फायदेमंद

शहद स्वाद से भरा मीठा पदार्थ है। कई लोग चीनी की जगह इसका इस्तेमाल करते हैं। हजारों सालों से इसका इस्तेमाल भोजन और दवाईयों के रुप में किया जाता है। यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है लेकिन जब आप प्रेग्नेंट हों तो ये जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि कौन सी चीज खानी चाहिए और कौन सी नहीं या कोई भी चीज कितनी मात्रा में खानी चाहिए। इसलिए आपका ये जानना भी जरूरी है कि क्या प्रेंग्नेंसी में शहद खाना सुरक्षित है ? प्रेंग्नेंसी में शहद खाने से क्या फायदे और क्या नुकसान होते है? आज हम आपको बताने जा रहे हैं प्रेंग्नेंसी के दौरान शहद खाने को लेकर आपके मन में उठने वाले हर सवाल का जवाब!!!!

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क्या शहद खाना प्रेंग्नेंसी में सुरक्षित है।
शहद में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।
शहद खाने से क्या लाभ और क्या हानियां हो सकती है।
कितनी मात्रा में शहद खाना चाहिए।
कौन सा शहद खाना चाहिए।
चर्चा करते हैं ARTICLE  शुरू करते हैं

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क्या शहद  खाना प्रेंग्नेंसी में सुरक्षित है
भारतीय समाज में प्राचीन काल से ही शहद का प्रयोग औषधि के रूप में किया जा रहा है
प्रेंग्नेंसी में महिलाओं को अपने खान–पान का खास ख्याल रखना होता है। साथ ही उन्हें इस बात की जानकारी भी होनी जरूरी है कि बच्चे के लिए कौन सी चीज लाभदायक है और कौन सी हानिकारक। ऐसे में सवाल ये उठना लाजिमी है कि क्या गर्भावस्था में शहद का सेवन किया जा सकता है तो इसका जवाब है हां, गर्भावस्था में शहद का सेवन करना सुरक्षित है लेकिन एक संतुलित मात्रा में, साथ ही शहद पाश्च्युरीकृत और प्रमाणित होना चाहिए। जहां तक संभव हो सरकार द्वारा प्रमाणित शहद ही खरीदें।

शहद में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं
शहद के अंदर प्रोटीन, फाइबर, फैट नहीं पाया जाता, इसमें कम मात्रा में बहुत से विटामिन और मिनरल होते हैं। इनमें कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैगनीशियम, फॉसफोरस, पोटैशियम और जिंक शामिल हैं।
शहद के अंदर फ्रक्टोज़, ग्लूकोज़, सकरोज़, माल्टोज़, उच्च शर्कराएं काफी अच्छी मात्रा में पाई जाती है ।
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कितनी मात्रा में शहद खाना चाहिए 
आमतौर पर एक गर्भवती महिला दो से पांच चम्मच शहद का सेवन कर सकती है परन्तु ध्यान रहें कि इसमें कैलोरी की मात्रा 180 से 200 रहें।
ऐसी महिलाएं जिन्हें शुगर की समस्या है वह शहद न खाएं।
तथा ऐसी महिलाएं जो प्रेग्नेंसी के समय मोटापे का शिकार है उन्हें शहर इससे अधिक कम मात्रा में लेना है, वे मैक्सिमम दो चम्मच शहद ही ले ।

कौन सा शहद खाना चाहिए
एक बॉटुलिज्म नाम का भी सिंड्रोम  होता है, जो कभी कभी शहद के अंदर पाया जाता है यह आपके शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है, अगर आप कच्चे शहद की तुलना में पाश्च्युरीकृत शहद  का प्रयोग करें , तो आपको किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना होगा क्योंकि पाश्च्युरीकृत शहद में बॉटुलिज्म सिंड्रोम समाप्त कर दिया जाता है।

शहद खाने के लाभ

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इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने में मददगार
शहद आपकी रोग–प्रतिरोधक क्षमता अर्थात आपके इम्यून सिस्टम बूस्ट करता है क्योंकि, इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट के गुण मौजूद होते हैं इस कारण यह आपको कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है, यहां तक कि इससे छोटे मोटे घाव, पेट में होने वाली जलन तक में बहुत आराम मिलता है।

इंसोमेनिया में मिलता है
आराम शहद का हाईपोनेटिक एक्शन यानी कि सम्माोहक कर देने वाले गुण के कारण यह इंसोमेनिया में लाभदायक है। प्रेगनेंसी के दौरान रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध में एक चम्मच शहद मिलाने से आप आराम से सो सकती है।

तनाव से राहत
एक शोध में यह बात सामने आई है कि जो भी गर्भवती महिला शहद का सेवन करती हैं उनके बॉडी को एंटी-ऑक्सीडेंट मिलता है। क्योंकि, शहद में एंटी-ऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जो आपके बॉडी को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने का काम करता है। साथ ही नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट न केवल आप में सुधार करता है बल्कि बच्चे के विकास में भी मदद करता है।


लड़ता है छालों से 
बहुत से शोधों में खुलासा हो चुका है कि शहद के नियमित सेवन से छालों के लिए जिम्मेदार बैक्टिरियां हेलीकोबैक्टर कम पनता है।

गले दर्द की समस्या से छुटकारा
शायद आपको पता होगा कि इसमें एंटीवायरल के गुण मौजूद होते हैं जो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं, इसलिए गर्भावस्था में यह सर्दी-खांसी से बचा सकता है।
नींबू या अदरक की चाय में शहद डालकर धीरे-धीरे पीने से गले के दर्द में राहत मिलती है।
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सर्दी-जुखाम में मिलती है राहत 
एंटीवारयल प्रोपर्टी के चलते शहद से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली सर्दी, कफ और जुखाम में बहुत आराम मिलता है। कफ के लिए शहद एक रामबाण इलाज है।

नींद की समस्या से राहत
अक्सर प्रेगनेंसी में नींद की समस्या रहती है, ऐसे में इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप शहद का प्रयोग कर सकती हैं। इसके लिए आप सोने से पहले गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पी लें इससे आपको काफी अच्छी नींद आएगी।

ऐलर्जी में भी राहत 
शहद के नियमित सेवन से लगभग सभी तरह कि मौसमी ऐलर्जी से राहत मिलती है।

रक्त की कमी को दूर करने में मदद
शहद में प्रोटीन होता है, जिसका सेवन गर्भावस्था में करने से लाभ होता है। शहद में कुछ हार्मोन होते हैं जो गर्भस्थ महिला के रंग-रूप को बनाए रखते हैं। गर्भावस्था में रक्त की कमी आ जाती है। इस दौरान रक्त को बढ़ाने वाली चीजों का सेवन अधिक किया जाना चाहिए। महिलाओं को एक चम्मच शहद प्रतिदिन पिलाते रहने से रक्त की कमी नहीं होती।

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कब्ज की समस्या से छुटकारा
प्रेगनेंसी में कब्ज की समस्या बेहद आम है ऐसे में शहद आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने का काम करता है। इसके अलावा, इसके सेवन से कम भूख लगने और अपच की समस्या से छुटकारा मिलती है।

शहद के नुकसान


गेस्टेशनल डायबिटीज
अगर आपको गेस्टेशनल डायबिटीज है तो भी आप थोड़ी मात्रा में शहद का सेवन कर सकती है।
 शहद में हाई शुगर पाया जाता है, जिससे रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती हैं और महिला को गेस्टेशनल डायबिटीज की शिकायत हो जाती है।

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