संतान या पुत्र प्राप्ति के लिए केला

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संतान या पुत्र प्राप्ति के लिए केलाअत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है केले में पाए जाने वाले पोषक तत्व पुरुष के स्पर्म को मजबूती प्रदान करने का कार्य करते हैंपुत्र प्राप्ति में महिलाओं के साथ साथ पुरुषों का भी काफी योगदान होता है. ऐसे में पुरुषों को भी कुछ विशेष तरीके अपनाने की आवश्यकता पड़ सकती है.

जिससे कि उनके यहां पुत्र संतान की प्राप्ति हो माना जाता है, कि पुत्र प्राप्ति के लिए पुरुष तत्व का बलवान होना अत्यधिक आवश्यक होता है.

ऐसे में अगर महिला तत्व बलवान रहता है तो कन्या रत्न की प्राप्ति की संभावना अधिक होती है. आज हम आपको पुत्र प्राप्ति के लिए पुरुषों से संबंधित एक टिप्स देने जा रहे हैं.

पुरुष तत्व अर्थात पुरुष के एक्स क्रोमोसोम और वाई क्रोमोसोम संतान प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और महिलाओं के शरीर में इनके लिए वातावरण इन के पक्ष में नहीं रहता है.

पुत्र प्राप्ति के लिए केला

वहां इन्हें बाहरी समझ कर मारने की कोशिश की जाती है. इसलिए अधिकतर तो महिला की ओवरी तक पहुंचने की कोशिश में समाप्त हो जाते हैं. इसलिए इनका बलवान और ताकतवर होना अत्यधिक आवश्यक होता है. ताकि यह संघर्ष करके जीवित रह सके.

खासकर पुरुष पुत्र प्राप्ति के लिए जिम्मेदार वाई क्रोमोसोम काफी कमजोर होता है. हालांकि उसकी गति अर्थात चलने की स्पीड अधिक होती है, लेकिन जीवन शक्ति कमजोर होती है. इसलिए उसका ताकतवर होना ही पुत्र प्राप्ति की संभावना को बढ़ाता है.

इसलिए पुरुष तत्व का मजबूत होना अर्थात वाई क्रोमोसोम का मजबूत होना भी आप मान सकते हैं. हालांकि जब वाई क्रोमोसोम को मजबूत करने के लिए भोजन लिया जाएगा तो उससे एक्स क्रोमोसोम भी मजबूत होगा.  लेकिन वाई क्रोमोसोम की गति एक्स क्रोमोसोम की तुलना में काफी तेज होती है, और जो क्रोमोसोम सबसे पहले अंडे तक पहुंचकर कोशिश करेगा वही संतान प्राप्ति में सफल हो.

यहां हम आपको टिप्स दे रहे हैं ताकि पुरुष तत्व बलवान बन सके या कह सकते हैं पुरुष की मर्दाना ताकत मजबूत हो.

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि पुत्र प्राप्ति की कामना के लिए बस पति देव बृहस्पति देव की उपासना की जाती है. बृहस्पतिवार के दिन पीली वस्तुओं का प्रावधान है. इसलिए केला उनका प्रसाद माना जाता है.

अगर व्यक्ति रोजाना एक केला दूध के साथ लेना शुरू करता है, तो 1 महीने के अंदर अंदर उसके अंदर गजब की ताकत महसूस होगी. उसकी मर्दाना ताकत बढ़ेगी और पुरुष तत्व बलवान हो जाएगा.

उसके बाद पुरुष को महिला के Ovulation पीरियड्स के दौरान संतान प्राप्ति की कोशिश करनी चाहिए.

ओवुलेशन पीरियड का जिक्र हम यहां इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इस वक्त महिला का अंडा ओवरी में एक्स क्रोमोसोम और वाई क्रोमोसोम का इंतजार कर रहा होता है.

ऐसे में अगर आप संतान प्राप्ति की कोशिश करते हैं तो पुरुष का वाई क्रोमोसोम जो की गति में काफी तेज होता है, जो कि अब मजबूत भी है, तो वह पहले पहुंचकर पुत्र प्राप्ति की संभावना को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है.

अगर पुरुष तत्व बलवान है, तो उस परिस्थिति में महिला पहले स्खलित हो जाएगी और ऐसे में महिला के शरीर में एक लिक्विड का रिसाव होता है जो एक्स और वाई क्रोमोसोम की सुरक्षा करता है, तो यह पुत्र प्राप्ति के लिए जिम्मेदार y क्रोमोसोम के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद रहता है, यह इस लिक्विड के सारे जल्दी से अंडे तक पहुंचकर पुत्र प्राप्ति की संभावना को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है.

अगर महिला के शरीर में इस लिक्विड का रिसाव नहीं होता है, तो महिला का शरीर जैसा कि हमने पहले भी बताया है, कि महिला के शरीर में पुरुष के एक्स और वाई क्रोमोसोम को मारने की कोशिश की जाती है, और बहुत ही कम क्रोमोसोम आगे बढ़ा पाते हैं.

अगर महिला पहले स्खलित होती है. तो महिला के शरीर में एक लिक्विड का रिसाव होता है जो एक्स और वाई क्रोमोसोम को आगे बढ़ने में काफी मदद करता है. इसलिए पुरुष तत्व का बलवान होना अत्यधिक आवश्यक होता है.

तो आप रोजाना केला खाइए और महिला के ओवुलेशन पीरियड का ध्यान रखें आपको पुत्र की प्राप्ति अवश्य होगी.
अगर आप इस दौरान योगा करते हैं, काफी सारे योगा होते हैं. जो पुरुष तत्वों को बलवान बनाने में मदद करते हैं.

तला भुना खट्टा मीठा चटपटा और फास्ट फूड खाना इस दौरान बंद कर दें. हल्का सुपाच्य भोजन ले आप का पाचन तंत्र अत्यधिक मजबूत होना चाहिए. इससे भी पुरुष की ताकत बढ़ती है.

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