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क्या प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए - Pregnancy me Doodh Peena Chaheye ya Nahi

आज हमारा टॉपिक है क्या प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए या नहीं पीना चाहिए आज हम चर्चा करेंगे
प्रेगनेंसी के नजरिए से दूध में पोषक तत्व,
प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए या नहीं पीना चाहिए,
दूध के कितने प्रकार होते हैं.
कौन सा दूध गर्भावस्था में सुरक्षित माना जाता है.
दूध पीना कब से शुरू करें.
1 दिन में महिला कितना दूध पी सकती है.
गर्भावस्था में दूध पीते समय कुछ टिप्स.

Pregnancy me Doodh Peena Chaheye ya Nahi


दूध एक अत्यधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों में आता है जिससे कंप्लीट भोजन भी माना जाता है किसी भी नवजात शिशु के लिए चाहे वह इंसान का हो या इंसान का नहीं हो उसके लिए पहला भोजन उसकी माता का दूध ही होता है यह चर्चा करते हैं दूध में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं.

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दूध में पोषक तत्व - Doodh ki Nutrition Value

दूध के अंदर प्रचुर मात्रा में फास्फोरस, आयोडीन, पोटेशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन B12 राइबोफ्लेविन सहित दूसरे कई प्रकार के पोषक तत्व उच्च मात्रा में पाए जाते हैं. जो कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी भ्रूण के लिए अत्यधिक आवश्यक और लाभदायक हो सकते हैं. इसलिए प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए.

 क्या प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए - Kya Pregnancy me Doodh Peena Chaheye

अब आपके मन में यह प्रश्न आ रहा होगा कि दूध हमें कब से पीना शुरू करना चाहिए उस तो दूध इतना पोस्टिक खाद्य पदार्थ है इसके लिए कोई समय सीमा प्रेगनेंसी के अंदर नहीं है आप जबसे चाहे जिस दिन से चाहे प्रेगनेंसी के पहले से चाहे प्रेगनेंसी के बाद से आप किसी भी दिन से दूध पीना शुरू कर सकते हैं.


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1 दिन में महिला कितना दूध पी सकती है - Ek Din me Kitna Doodh Peena Hai

अब बात आती है कि गर्भवती स्त्री को कितना दूध 1 दिन में पीना चाहिए तो यह महिला की कैपेसिटी के ऊपर भी काफी हद तक निर्भर करता है. उसकी दूध की डाइट किस प्रकार की है. उसकी लंबाई उसका वजन उसकी आवश्यकता कितनी है. काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर कर सकता है. लेकिन फिर भी एक महिला को 1 दिन में दो या तीन कब दूध अवश्य पीना चाहिए.

दूध के प्रकार – गर्भावस्था के दौरान कौन सा सुरक्षित है

वैसे तो दूध के कोई खास प्रकार नहीं होते हैं लेकिन आजकल भूत को कई तरह से दूध को कई तरह से प्रोसैस्ड किया जाता है जिसकी वजह से दूध के गुणधर्म थोड़े से चेंज हो जाते हैं

पाश्चुरीकरण दूध : पाश्चुरीकरण दूध सबसे बेहतर दूध माना जाता है इसका रीजन यह है कि इसको इस ढंग से प्रोसेस किया जाता है कि इसके अंदर बैक्टीरिया समाप्त हो जाते हैं. यह दूध गर्भस्थ महिला और उसके गर्भस्थ शिशु के लिए सबसे उत्तम माना जाता है.

कच्चा दूध : गाय भैंस बकरी या दूसरे जानवर का कच्चा दूध गर्भावस्था के दौरान ठीक नहीं रहता है इसमें लिस्ट रिया नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है, जो गर्भवती महिला को संक्रमित कर सकता है. इस प्रकार के दूध का ज्यादा सेवन करने से गर्भपात की संभावना बन सकती है. और शिशु की भी मौत हो सकती है.

स्किम्ड दूध: साधारण दूध को प्रोसेस्ड करके इसके अंदर से वसा और दूसरे वजन बढ़ाने वाले तत्वों को निकाल दिया जाता है. यह आपके स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए एक अच्छा विकल्प है. इसके सेवन से कंट्रोल नहीं बढ़ता है और जरूरी पोषक तत्व भी इसके अंदर होते हैं, क्योंकि शिशु के विकास में मदद करते हैं.

फुल क्रीम दूध : फुल क्रीम दूध के अंदर अतिरिक्त वसा और पोषक तत्व होते हैं, एक कप फुल क्रीम दूध में 146 कैलोरी होती हैं जबकि स्किम्ड दूध के अंदर मात्र 43 कैलोरी ही होती है. अगर आपका वजन नहीं बढ़ता है, तो यह आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर आपका वजन प्रॉपर तरीके से बढ़ रहा है तो आपके लिए फुल क्रीम दूध अच्छा ऑप्शन नहीं है.


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क्या प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए


गर्भावस्था में दूध पीते समय कुछ टिप्स - Pregnancy me Doodh Peene ke Tips

आप हमेशा कच्चा दूध पीने से बचें इससे आप बीमार हो सकती हैं .
रात को खाना खाने के बाद आप एक कप स्किम्ड दूध पी सकती हैं .
सुबह नाश्ते के समय दूध में जाई मक्का या कॉर्न फ्लेक्स आदि अनाज को मिलाकर दूसरे प्रकार के ऑप्शन से भी दूध को लिया जा सकता है.
बचपन से हर व्यक्ति दूध पिता आया है महिलाओं को यह पता होना चाहिए कि किस समय उन्हें दूध नहीं पचता है उस समय दूध पीने से बचें.

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