बच्चे विकलांग क्यों होते हैं, जबकि प्रेगनेंसी में कोई प्रॉब्लम नहीं थी

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नमस्कार दोस्तों आज हम चर्चा करने वाले हैं,
कि अगर माता-पिता प्रेगनेंसी का बहुत ज्यादा अच्छे से ध्यान रख रहे हैं. उसके
बाद बच्चे विकलांग क्यों पैदा होते हैं. दोस्त उसके कुछ कारण है. उनका कारणों पर हम
चर्चा करने वाले हैं.

What Causes Disability during Pregnancy

दोस्तों अगर माता अपना ध्यान ठीक ढंग से नहीं रखती है, तो बच्चों में विकलांगता की दिक्कत आ जाती है.  महिला का शरीर शुरू में प्रेगनेंसी के लायक नहीं होता है. लेकिन जैसे ही प्रेगनेंसी हो जाती है, तो शरीर में अधिक बदलाव होने लगते हैं. जो की प्रेगनेंसी को संभालने का कार्य करते हैं.

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महिला की लाइफ स्टाइल खानपान या किसी प्रकार की बीमारी होने की वजह
से बच्चे में विकलांगता आने का डर रहता है. लेकिन अगर इस दौरान बहुत ज्यादा ध्यान रखा
गया हो, और किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम ना हो तो बच्चे में विकलांगता नहीं आनी चाहिए.
लेकिन कुछ ऐसे cases देखे गए हैं, कि ध्यान देने के बाद भी बच्चे में विकलांगता आ जाती
है, चर्चा करते हैं, वह कौन कौन से कारण होते हैं.

माता पिता के अस्वस्थ जींस के कारण विकलांगता

अगर माता या पिता दोनों के जींस या माता या पिता किसी एक के जींस स्वस्थ
नहीं होते, तो ऐसी अवस्था में गर्भस्थ बच्चे में विकलांगता आने का डर रहता है.
अस्वस्थ होने के कई कारण हो सकते हैं. उम्र का अधिक होना, शरीर का स्वस्थ ना होना, कोई बीमारी
होना या पोषण की कमी.  इन वजह से भी जींस खराब हो सकता है.

 
बच्चे में विकलांगता क्यों आ जाती है

माता-पिता के जींस की अच्छे से बाउंडिंग नहीं होना

जो माता पिता एक ही परिवार के होते हैं. दोनों के दिन एक ही प्रकार के होते हैं. तो उनमें अच्छे से मिलन या माउंडिंग बाउंड्री नहीं हो पाती. क्योंकि प्रकृति का नेचर है, बाउंडिंग हमेशा ऑपोजिट चीजों में ही होती है. एक जैसी चीजों में हमेशा डिस्ट्रक्शन
होता है. अट्रैक्शन नहीं होता है.  एक जैसे जींस में अच्छे से  बॉन्डिंग ना हो पाने के कारण बच्चे में जन्मजात
विकलांगता आ जाती है.

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हिंदू समाज में इस बात को हजारों वर्ष पहले ही समझ लिया गया था. इसलिए वहां शादी ब्याह में गोत्र को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है. एक गोत्र में शादी नहीं की जाती है. उन्हें भाई बहन समझा जाता है.क्योंकि उनकी जींस एक जैसे होते हैं, और हमेशा दूसरे गोत्र में ही शादी की जाती है. ताकि होने वाली संतान में किसी भी प्रकार की जन्मजात विकलांगता से बचा जा सके.

अनुवांशिक बीमारी की वजह से गर्भस्थ शिशु में विकलांगता

अगर किसी परिवार में किसी प्रकार की अनुवांशिक बीमारी चली आ रही हो,
तो उस वजह से भी कभी-कभी बच्चा मंदबुद्धि या अपंग पैदा हो सकता है,

क्योंकि इस प्रकार की बीमारियां हर एक बच्चे में तो नहीं आती है, लेकिन किसी किसी बच्चे में आ जाती है.
ऐसी अवस्था में प्रेगनेंसी का कितना भी ध्यान रखा जाए.

अगर बच्चे को उस अनुवांशिक बीमारी ने पकड़ लिया हो, जो कि माता-पिता की जींस में पहले से ही चली आ रही है, तो भी बच्चा विकलांग हो सकता है.

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गर्भस्थ शिशु पर बैक्टीरिया या वायरस का अटैक

कभी-कभी दुर्भाग्यवश किसी गर्भस्थ शिशु को अगर कोई बैक्टीरिया या वायरस पकड़ लेता है. तो उसका विकास अच्छे से नहीं हो पाता है.

क्योंकि वह विकास को बाधित कर देता है. इस वजह से भी कभी-कभी बच्चों में विकलांगता आ जाती है. चाहे आप प्रेगनेंसी
का कितना भी ध्यान रखें, उस अवस्था में भी विकलांगता आने का खतरा बहुत ज्यादा होता है.

 

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