लड़का पैदा करने की विधि बताएं - लड़का होने के उपाय और लक्षण

एक प्रश्न काफी आता है लड़का पैदा करने की विधि बताएं. लड़का होने के उपाय (Ladka Hone ke Upay) क्या-क्या है. यहां हम आपको बता रहे हैं, कि यह बात आप बिल्कुल अपने माइंड में क्लियर कर ले कि लड़का पैदा करने की कोई विधि नहीं होती है.
 
कोई भी ऐसा उपाय नहीं है जो बिल्कुल 100% कंफर्म आपको लड़का पैदा करने की गारंटी दे सके. मात्र कुछ उपाय हैं जिनके माध्यम से आप लड़का पैदा करने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं.

हम चर्चा करने जा रहे हैं गर्भ में लड़का होने को लेकर, हम  चर्चा करने वाले हैं कि --

गर्भ में अगर लड़का होता है तो उसके कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं. लड़का पैदा करने के लिए क्या करना चाहिए (Ladka Kaise Hota Hai). गर्भधारण के समय किस प्रकार का आहार ले जिससे लड़का हो. कौन-कौन सी जड़ी बूटी और अनुपूरक आहार में लड़का पैदा करने में सहायता करते हैं.


लड़का पैदा करने के लिए क्या करना चाहिए - What to do to have a boy


 
गर्भ में लड़का होने के उपाय (Ladka Hone ke Upay) के अंतर्गत हमें तैयारी गर्भधाना करने से पहले से ही करनी होती है.

अगर दंपत्ति पहले से ही गर्भाधान कर चुके हैं, तो और वह जानना चाहते हैं कि गर्भ में कौन सा शिशु है, तो उसके लिए कुछ लक्षण नजर आते हैं. जो काफी हद तक आपको इस बात का आईडिया दे सकते हैं, कि आपके गर्भ में कौन सी संतान आने वाली है.

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 दोस्तों भ्रूण हत्या के उद्देश्य से जेंडर प्रेडिक्शन करना कानूनन जुर्म है इसके लिए जेंडर परीक्षण कराने वाले माता-पिता दोनों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है इसलिए आप भ्रूण हत्या के उद्देश्य से जेंडर परीक्षण बिल्कुल भी ना करें.

 जो भी तरीके हम इसमें बता रहे हैं वह कभी भी 100% सही रिजल्ट नहीं देते हैं आप मात्र आइडिया ले सकते हो आप 80 से 90% तक सही-सही पता लगा सकते हैं कि गर्भ में क्या है लेकिन अगर आप यह सोचे कि 100% आप पता लगा लेंगे तो यह आपकी भूल है यहां तक कि अल्ट्रासाउंड से भी 100% सही पता नहीं चलता है.

आप सिर्फ आने वाले बच्चे के लिए उसके अनुसार तैयारी करना चाहते हैं तो आपका स्वागत है.


लड़का होने के लक्षण - Garbh me Ladka Hone ke Lakshan


 1. पेट के आकार से जेंडर प्रेडिक्शन

अगर महिला का पेट नीचे की ओर झुका हुआ होता है दोनों तरफ चौड़ाई कम होती है, लेकिन आगे की तरफ ज्यादा निकला होता है. और झुका हुआ होता है जैसा कि आप चित्र में देख पा रहे हैं. यह गर्भ में लड़का होने की निशानी माना जाता है अधिकतर केसेज में ऐसी स्थिति हो तो लड़का ही होता है.

2. गर्भवती महिला की त्वचा से जेंडर प्रिडिक्शन

प्राचीन समय से माना जाता है कि महिला की त्वचा अगर रूखी सूखी हो चेहरा मुरझाया मुरझाया सा लगता है और महिला के हाथ पैर ठंडे और सूखे सूखे से हैं तो यह भी गर्भ में लड़का होने की निशानी होती है.

3. गर्भवती महिला के स्वाद से जेंडर प्रिडिक्शन 

अगर महिला गर्भावस्था के दौरान अधिक चटपटा भोजन खाना पसंद करती है तो गर्भ में लड़का होने की संभावना ज्यादा होती है.

4. गर्भस्थ शिशु की धड़कन से जेंडर प्रिडिक्शन

गर्भस्थ शिशु में लड़की के दिल की धड़कन लड़के के दिल की धड़कन से अपेक्षाकृत तेज होती है 10% मामलों में यह उल्टा भी होता है लेकिन 90% मामलों में लड़कों के दिल की धड़कन लड़की के दिल की धड़कन से कम ही होती है अगर धड़कन 140 से ऊपर है तो गर्भ में लड़की होने की निशानी है और 140 से कम है तो गर्भ में लड़का होने की निशानी है लेकिन यह तीसरी तिमाही में ही चेक करें शुरू के महीनों में तो धड़कन हमेशा 140 से ऊपर ही रहती है.

 

लड़का पैदा करने के लिए क्या करना चाहिए - Garbh me ladka Hone ke Tips

लड़का कैसे पैदा होता है या पैदा हो सकता है चर्चा करते हैं. देखिए कोई भी लड़का पैदा करने की विधि नहीं है. मात्र कुछ तरीके हैं. जिन्हें अपनाकर लड़का पैदा करने की संभावना को बढ़ाया जा सकता है. इसे ही हम लड़का पैदा करने की विधि कहते हैं.

किसी भी दंपत्ति को चाहिए कि उसे महिला का ओवुलेशन पीरियड का पता हो. ओवुलेशन के समय कोशिश करने पर लड़का होने के चांसेस काफी ज्यादा होते हैं. 

अगर दंपत्ति ओवुलेशन पीरियड का पता नहीं लगा पा रहे हैं, तो इसके लिए मार्केट में ओवुलेशन किट आती है. उसकी सहायता से भी आप इस समय का पता लगा सकते हैं.

मिलन के समय दंपत्ति की पोजीशन भी बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करती है. इसलिए दंपत्ति को इस प्रकार की पोजीशन का चुनाव करना चाहिए, जिससे कि पुरुष का अंश गहराई तक और जल्दी महिला के शरीर में जा सके. 

क्योंकि पुत्र प्राप्ति के लिए जिम्मेदार क्रोमोसोम गति में तो तेज होता है, लेकिन वह काफी कमजोर भी होता है. उसकी जीवन शक्ति कम होती है. महिला के शरीर में विषम परिस्थितियां होती हैं, और अंडे तक पहुंचने के मार्ग में उन्हें मारने की कोशिश भी की जाती है. इसलिए जितनी गहराई तक वह जल्दी से पहुंच जाएगा, आगे पहुंचकर पुत्र प्राप्ति को सुनिश्चित कर पाएगा .

  1. पुरुष को चाहिए कि उसका तत्व बलवान रहे.

  2. इसके लिए पुरुष को तामसिक और नशे वाली चीजों का सेवन करना बंद करना होगा. 

  3. अपनी कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए सुबह शाम योगा और व्यायाम करना भी उचित रहेगा.

  4. पुरुष को चाहिए कि वह ढीले ढाले कपड़े पहने क्योंकि टाइट कपड़ों से गर्माहट रहती है और यह गर्माहट अंडकोष में गर्मी पैदा करती है, जिससे शुक्राणुओं के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ता है.

स्त्री और पुरुष दोनों की दिनचर्या नियमित होनी चाहिए खाना सोना सब नियत नियत टाइम पर ही हो यह जरूरी है साथ ही सुबह जल्दी उठना भी जरूरी है.

यह थे कुछ बेटा होने के उपाय या कह सकते हैं कि यह सब उपाय करके बेटा होने की संभावना बढ़ जाती है.

लड़के को गर्भ में धारण करने के लिए आहार - Kya Khaye Garbh me Ladka ho

  • एल्कलाइन गुणों वाला भोज्य पदार्थ तथा पोटेशियम युक्त आहार पुरुष शुक्राणुओं को स्वस्थ रखने में काफी आवश्यक होता है. इस प्रकार का भोजन करने से गर्भ में पुत्र प्राप्ति की संभावना काफी प्रबल हो जाती है.
  • पुरुषों को अपने भोजन में ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाना चाहिए. ग्लूकोस की अधिक मात्रा लड़का पैदा करने की संभावना में वृद्धि करती है. इसलिए पुरुषों को चाहिए कि वह अपने भोजन में दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों को अधिकाधिक मात्रा में शामिल करें.
  • ऑयस्टर, कद्दू और मांस जैसे आहार में ज़िक प्रचूर मात्रा में पाया जाता है. जिंक से भरपूर भोज्य पदार्थ महिलाओं में गर्भधारण की क्षमताओं को भी बढ़ाता है साथ ही साथ यह नर शुक्राणुओं को भी पोषित करता है. इस प्रकार का भोजन पति-पत्नी दोनों के लिए लाभकारी है.
  • मशरूम भी बहुत ही ज्यादा पौष्टिक भोजन पदार्थ है यह नर शुक्राणुओं की सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है इसके अंदर विटामिन डी से ले लिया और पोटेशियम के अलावा और भी बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं.

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  • नींबू प्रजाति के फल जिसमें संतरा अंगूर मौसमी माल्टा इत्यादि आते हैं इनके अंदर विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है साथ ही साथ anti-oxidant भी होते हैं अगर आप लड़का पैदा करने की इच्छा रखते हैं तो आपको इनका सेवन करना चाहिए.
  • केले का महत्व वैज्ञानिक ही नहीं धार्मिक भी है कई प्रकार के धार्मिक उपायों में पुरुषों को केले खाने का बृहस्पतिवार की पूजा करने का नियम बताया गया है. असल में केले के अंदर अच्छी मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है जो नर शुक्राणुओं को लंबे समय तक जीवित रखने में उनकी शक्ति बढ़ाने में काफी मददगार होता है. इसका उपयोग लगातार करने से पुरुष द्वारा संतान के रूप में पुत्र प्राप्ति की क्षमता बढ़ती है.

दोस्तों अगर आप पुत्र प्राप्ति के उद्देश्य से इन खाद्य वस्तुओं का सेवन करने जा रहे हैं तो आप एक बार अपने डॉक्टर से संबंध में बात जरूर करें.
 

आपके प्रश्न

Q. लड़का कैसे पैदा होता है तरीका बताइए. लड़का पैदा करने के लिए क्या करें?

ANS: विज्ञान के दृष्टिकोण से ऐसा कुछ भी नहीं होता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार से ऐसा संभव बताया जाता है.
अगर आप स्पर्म से संबंधित कुछ विशेष बातों को समझते हैं तो पुत्र प्राप्ति की संभावना संभव हो जाती है. पुत्र संतान प्राप्ति के लिए जिम्मेदार वाई क्रोमोसोम कमजोर लेकिन बहुत तेज गति से महिला के शरीर में गति करता है. अगर महिला के  ओवुलेशन पीरियड के दौरान मिलन किया जाता है, तो उस वक्त महिला के शरीर में अंडा पहले से ही मौजूद होता है, और  वाई क्रोमोसोम तेज गति से चलकर अंडे तक एक्स क्रोमोसोम की तुलना में जल्दी पहुंच सकता है. पुत्र प्राप्ति की संभावना अधिक रहती है.

ध्यान रहे वाई क्रोमोसोम की गति तेज होती है लेकिन वह महिला के शरीर में अधिक समय तक सरवाइव नहीं कर पाता है. वही एक्स क्रोमोसोम की गति कम होती है लेकिन वह महिला के शरीर में वाई क्रोमोसोम की तुलना में अधिक समय तक जीवित रह सकता है. ओवुलेशन पीरियड पर ही पुत्र प्राप्ति की संभावना अधिक रहती है. अगर

आपका प्रश्न लड़का कैसे पैदा होता है (Ladka Kaise Paida Hota hai), गर्भ में लड़का ही हो, इस संबंध में है, तो यह लड़का पैदा करने के उपाय (Ladka Paida Karne ke Upay) के रूप में आप अपना सकते हैं.


Q. पुत्र प्राप्ति के लिए पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए?

ANS: महिला के ओवुलेशन वाले दिन ही पुत्र प्राप्ति की संभावना सबसे अधिक रहती है. महिला का ओवुलेशन पीरियड महिला के की मासिक चक्र पर निर्भर करता है, अर्थात मासिक चक्र कितने दिनों का है, इस बात पर निर्भर करता है. अलग-अलग मासिक चक्र में महिला का ओवुलेशन पीरियड अलग-अलग दिन आता है. इसलिए हर महिला के लिए ओवुलेशन पीरियड अलग-अलग होता है और उनके मिलन का दिन भी अलग अलग होता है.

Q. पुत्र प्राप्ति के लिए दंपत्ति को क्या तैयारी करनी चाहिए?

ANS: इस प्रश्न का उत्तर हम सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर दे रहे हैं. इन्हीं मान्यताओं के आधार पर आपको कौन सी संतान की प्राप्ति होगी, यह परमात्मा निश्चित करता है. लेकिन इंसान को अपनी कोशिश अवश्य करनी चाहिए.

माना जाता है अगर संतान प्राप्ति अगर दंपत्ति पुत्र प्राप्ति चाहते हैं तो प्रेगनेंसी के 6 महीने पहले से ही पुरुषों को दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए और महिलाओं को इनसे दूर रहना चाहिए. साथ ही साथ गर्भाधान ऋतुकाल की 10वीं, 12वीं, 14वीं और 16वीं रात्रि को ही किया जाना चाहिए. साथ ही साथ इस बात का ध्यान रखें इन तिथियों को शुक्ल पक्ष भी होना चाहिए. पुत्र प्राप्ति की संभावना बनती है.

Q. किस महीने में लड़का पैदा होता है?

ANS: भारतीय धर्म के अनुसार और सामाजिक अनुभव के आधार पर कोई भी महीना पुत्र प्राप्ति के लिए या पुत्री प्राप्ति के लिए कोई भी महीना निश्चित नहीं है. आप मनचाही संतान की कोशिश किसी भी महीने कर सकते हैं. मनचाही संतान प्राप्ति के लिए महीने का संबंध मात्र चाइनीस जेंडर प्रिडिक्शन कैलेंडर में ही दिया गया है.

Q. लड़का होने का बेस्ट टाइम कौन सा है?

ANS: अलग-अलग शास्त्रों में पुत्र संतान प्राप्ति के लिए दिन अलग-अलग बताए गए हैं लेकिन लड़की या लड़का होने का टाइम दोनों के लिए रात्रि का समय ही नियत है. दिन के समय प्राप्त की गई संतान कमजोर और निकृष्ट मानी जाती है.

Q. बच्चा पैदा करने के लिए पुरुष को क्या करना चाहिए?

ANS: बच्चा पैदा करने के लिए पुरुषों को बहुत सावधानी से काम लेना चाहिए. इसके लिए पुरुषों का स्पर्म काउंट अच्छा होना चाहिए. पुरुषों के स्पर्म की क्वालिटी भी अच्छी होनी चाहिए और पुरुषों को चाहिए कि वह महिला के ओवुलेशन  पीरियड का भी ध्यान रखें, क्योंकि इस दौरान संतान प्राप्ति की संभावना सबसे अधिक रहती है.

 

 

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