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प्रेगनेंसी के 5 महीने की सावधानियां - 5th month precaution during pregnancy

प्रेगनेंसी के 5 महीने में किस प्रकार की समस्याएं आने का डर रहता है और कब हमें डॉक्टर से मिलना चाहिए. प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए और कुछ शारीरिक समस्याओं पर भी अपनी नजर बनाकर रखनी चाहिए.


  • प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं को बहुत सारी छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए जो कि कुछ बातें पिछले महीने से भी ध्यान में रखने योग्य है.

  • गर्भावस्था अगर गर्मियों में है तो पसीने की वजह से रैशेज़ आ सकते हैं, इसके लिए नहाना काफी फायदेमंद रहता है.
5th month precaution during pregnancy

  • अब महिला का पेट लगातार बढ़ रहा है महिला को बाएं तरफ करवट लेकर सोना फायदेमंद रहता है.

  • महिला को इस वक्त ढीले ढाले कपड़े पहनने चाहिए . इस बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देना चाहिए कि मैं कैसी दिखाई दे रही हूं.  आपका ध्यान अपने बच्चे की सुरक्षा पर होना चाहिए. 


  • गर्भावस्था के दौरान महिला को अपनी पोश्चर  का ध्यान रखना चाहिए ज्यादा समय लंबे खड़े ना रहे. समय-समय पर आराम करते रहे दिन में भी थोड़ा सोना चाहिए.

  • गर्भ में पल रहे बच्चे से आप बातें करें। आप हैरान रह जाएंगी, जब आपकी आवाज़ सुनकर आपका बेबी किक के रूप में प्रतिक्रिया देगा.
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  • शुरू के 3 महीने में महिला को चक्कर आना नॉर्मल बात माना जाता है. अगर पांचवे महीने में भी महिला को चक्कर आने की समस्या नजर आ रही है, तो यह हाइपरटेंशन की वजह से है. इस समस्या का समाधान ले.

  • तनाव, खून की कमी व मोटापे से कई बार गर्भवती महिला की धड़कनें और नब्ज़ बढ़ जाती है। ऐसे में महिला को सीने में दर्द व सांस लेने में तकलीफ़ जैसा अनुभव हो सकता है. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.


  • प्रेग्नेंसी के पांचवे महीने में अक्सर महिलाओं को पीठ दर्द की समस्या रहती है लेकिन अगर पीठ दर्द असहनीय हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. 


  • इस महीने में आपको अधिक बार पेशाब आता है क्योंकि गर्भावस्था में किडनी का काम थोड़ा कठिन हो जाता है.


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