24 हफ्ते की प्रेगनेंसी

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हम 24 हफ्ते की प्रेगनेंसी को लेकर चर्चा करने जा रहे हैं. इसके दौरान हम बच्चे के विकास को लेकर चर्चा करेंगे. महिला के शरीर में लक्षण को लेकर चर्चा करेंगे और क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए और क्या परिवर्तन शरीर में आते हैं इन सब विषय पर बात करेंगे.

24 हफ्ते की प्रेगनेंसी

24 हफ्ते की प्रेगनेंसी

24 हफ्ते के अंदर शिशु का विकास काफी अधिक मात्रा में हो जाता है. उसका वजन 600 ग्राम तक होता है, और जो अब आप के गर्भाशय में काफी जगह लेने लगा है.

शिशु की लंबाई 30 सेंटीमीटर तक हो जाती है. करीब एक बड़े भुट्टे के बराबर होती है.

बच्चे के विकास की बात करें तो वह अब अपने अंदर सोने और जागने की आदतों को और ज्यादा स्पष्ट करता चला जा रहा है. कई बार आपको ऐसा भी महसूस हो सकता है कि आप आराम करना चाह रही हैं, और आपका शिशु अधिक क्रियाशील आपको नजर आएगा.आपको उसका एहसास लगातार होता रहेगा.

इस हफ्ते शिशु की पलकों और भौंहों का विकास हो रहा होता है.

आपके शिशु की स्वाद, स्पर्श, नज़र और श्रवण जैसी इंद्रियों का विकास हो रहा होता है, ताकि जन्म के समय तक शिशु, आहार उद्दीपन पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो जाए.

शिशु के बढ़ते वज़न के लिए हड्डियों, वसा और पेशियों का विकास जिम्मेदार होता है.

बच्चे का मस्तिष्क तेज गति से विकास कर रहा है.  वह बच्चा अलग-अलग प्रकार से अपने चेहरे की आकृतियां बदल सकता है. वह अलग अलग मुखाकृति बनाता है. इससे उसके चेहरे की मांसपेशियों को भी कसरत मिलती है. शिशु के फेफड़े अब काफी मजबूत हो चुके हैं, और वह प्रॉपर तरीके से सांस लेने की कार्य क्षमता से मात्र एक कदम दूर है.

उसके सिर पर अभी जो बाल हैं उनका रंग सफेद है. क्योंकि उन्हें काला रंग देने वाला पिगमेंट अभी नहीं बना है.
इसके अलावा उसकी त्वचा के नीचे फैट की परत भी नहीं बनी है. इसका मतलब यह है कि उसकी त्वचा पारदर्शी है. अगर आप उसे इस हालत में देखें तो उसके अंदरूनी अंग तक देखे जा सकते हैं.
अब आपके शिशु के फिंगरप्रिंट्स और फुट प्रिंट्स बन जाते हैं, जो शिशु की अनोखी पहचान होंगे.
गर्भावस्था का विकास तेज गति से हो रहा है. इस वजह से आपको अपना पेट कुछ अधिक बढ़ावा नजर आ सकता है.
त्वचा में खिंचाव की वजह से हल्की-हल्की लाइने आपको अपनी त्वचा पर नजर आ सकती हैं. यह लाइनें आपको अपनी ब्रेस्ट पर भी नजर आ सकती हैं. एक तरह से इन्हें स्ट्रेच मार्क्स की संज्ञा दी जा सकती है.

आपको आपकी त्वचा में खुजलाहट की समस्या नजर आ सकती है, जिसे आप कोई भी अपने डॉक्टर से पूछ कर सही क्रीम का इस्तेमाल कर सकती हैं. जिससे आपकी खुजलाहट में कमी आएगी और स्ट्रेच मार्क्स भी कम नजर आएंगे हालांकि इन्हें समाप्त नहीं किया जा सकता है.

प्रेगनेंसी के इस समय आपकी आंखें रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशीलता महसूस करेंगे अर्थात थोड़ी सी अधिक रोशनी में यह अपने आप बंद होने का प्रयास करेंगे .आंखों के अंदर सूखापन और किरकिरी जैसा आपको लग सकता है. अगर आपको अधिक परेशानी हो रही है तो किसी आंखों के डॉक्टर से आप ट्रीटमेंट ले सकते हैं.

गर्भकाल में होने वाले मधुमेह के लिए ग्लूकोज स्क्रीनिंग प्रायः गर्भ के 24 और 28 हफ्ते के बीच की जाती है.

कमर में दर्द

इस दौरान आपका वजन बढ़ा है. इसका सीधा असर आपकी कमर पर पड़ रहा है. कमर में होने वाला दर्द इसी का नतीजा है. इससे निपटने के लिए हल्की-फुल्की कसरत, टहलना, ज्यादा समय तक खड़े रहने से परहेज करना, बैठने पर तकिए का सहारा लेना, किसी के सहारे से उठना ये सब सावधानियां करनी होंगी.

हाथों और पैरों में सूजन

वॉटर रिटेन्शन या शरीर में अतिरिक्त द्रव इकट्ठा होने की वजह से हाथों और खासकर पैरों में सूजन बढ़ गई होगी. इससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन अब आपको अपने पुराने जूते नहीं आएंगे इसलिए अब नए साइज के हिसाब से बड़े जूते खरीद लीजिए.

6 महीने बीत जाने के बाद अब सातवें महीने में बच्चे के जन्म की संभावना बन जाती है. बच्चे का वजन काफी ज्यादा हो जाता है, और उसे बहुत ज्यादा पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है.

अगर आप अपने भोजन में पूर्ण रुप से ध्यान नहीं रख रही है, तो आगे चलकर बच्चे में किसी प्रकार की विकलांगता पोषक तत्वों की कमी के कारण देखने में आ सकती है. इसलिए आप अपने भोजन का बहुत ज्यादा ध्यान रखें. अब आपका गुरुत्वाकर्षण केंद्र भी बदल गया है. इसलिए आपको चलने में उठने में बैठने में भी काफी सामान रखने की आवश्यकता है.

अब आपको लगातार संकुचन की समस्या नजर आती रहेगी.  कई बार आपको फेक संकुचन भी नजर आते हैं. उन्हें आपको पहचानना आना चाहिए.

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