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प्रेगनेंसी के दौरान उपवास कैसे करें | किन बातों का ध्यान रखें | Fasting during pregnancy

 हम चर्चा करने वाले हैं प्रेगनेंसी के दौरान व्रत रखने को लेकर 


क्या प्रेगनेंसी के दौरान व्रत रखना सुरक्षित होता है,
पहली तिमाही में व्रत रखने को लेकर,
दूसरे तिमाही में व्रत रखने को लेकर,
तीसरे तिमाही में व्रत रखने को लेकर,
अगर आप व्रत रख रहे हैं तो व्रत के लिए खुद को गर्भावस्था के दौरान कैसे तैयार करें,
व्रत के दौरान किन किन बातों का ध्यान रखें,
कब व्रत नहीं करना चाहिए,
इसके क्या साइड इफेक्ट नजर आ सकते हैं,
व्रत को तोड़ते समय कैसे तोड़े,
और कुछ जरूरी प्रश्न. 

दोस्तों व्रत को लेकर आपकी जो भी शंका हैं उन शंकाओं को हम आज समाप्त कर देंगे.


प्रेगनेंसी के दौरान व्रत रखना

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क्या प्रेगनेंसी के दौरान उपवास रखना सुरक्षित होता है

किसी भी गर्भवती स्त्री को प्रेगनेंसी के दौरान काफी ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. ऐसे में जब शरीर को बहुत ज्यादा पोषण की आवश्यकता होती है, तो क्या व्रत रखना ठीक होता है. दोस्तों प्रेग्नेंसी के समय बिल्कुल भी खाली पेट रहने की सलाह नहीं दी जाती है. लेकिन कुछ ऐसी स्थितियां होती हैं, जिनमें आपको उपवास बिल्कुल भी नहीं रखना है. और अगर सब कुछ सही है तो कुछ स्थितियों में आप उपवास रख सकती हैं.

पहली तिमाही में उपवास

प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने में बिल्कुल भी उपवास रखने की सलाह नहीं दी जाती है इससे शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. वैज्ञानिकों की रिसर्च है, जो रिजल्ट सामने आया है, कि गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान जो भी महिलाएं उपवास रखती हैं, उनके बच्चे का वजन उपवास नहीं रखने वाली महिलाओं की तुलना में कम है.

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में उपवास

प्रेगनेंसी के दूसरे माह में भी तिमाही में भी महिला को व्रत रखने की सलाह नहीं दी जाती है. अगर प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में महिला हर प्रकार से स्वस्थ है, तो वह डॉक्टर की सलाह पर उपवास रख सकती है. अगर किसी भी प्रकार की थोड़ी सी भी कॉम्प्लिकेशंस महिला के साथ है, तो उसे व्रत नहीं रखना चाहिए. दूसरी तिमाही में भी बच्चे का विकास बहुत तेजी से होता है. उसे पोषण की आवश्यकता होती है.

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में उपवास,

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में बच्चे का विकास लगभग लगभग पूरा हो चुका होता है, और उपवास का बच्चे के विकास पर काफी कम प्रभाव नजर आता है, तो डॉक्टर से परामर्श करके महिला तीसरे महीने उपवास रख सकती है.

प्रेगनेंसी में उपवास की तैयारी

कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान उपवास करने में रखना चाहिए कुछ बातें सुनिश्चित करनी चाहिए. 


  1. बसे पहले तो महिला अपने डॉक्टर से मिलकर एक बार चेकअप करा ले.

  2. उपवास से पहली रात महिला को अच्छे ढंग से नींद लेनी चाहिए.

  3. दो-तीन दिन पहले से महिला को मसालेदार खाद्य पदार्थ नहीं खाने चाहिए.

  4. उपवास के दौरान महिलाओं को फलों का सेवन करते रहना चाहिए.

  5. व्रत के दौरान महिलाओं को नियमित अंतराल से पानी भी पीना चाहिए.

  6. अगर व्रत के दौरान पानी नहीं पीना है, तो व्रत से पहले भरपूर पानी पीना चाहिए.

  7. किसी भी प्रकार का नशा धूम्रपान शराब इत्यादि का सेवन बिल्कुल भी ना करें.


किस स्थिति में उपवास छोड़ देना चाहिए

अगर महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान कुछ लक्षण नजर आ रहे हैं, तो उन्हें उपवास करने से बचना चाहिए. उपवास है तो उपवास तोड़ देना चाहिए.

  1. अगर महिलाओं को बहुत ज्यादा थकावट महसूस हो रही है तो इस स्थिति में.

  2. यूरिन का रंग अचानक से बदल जाया जलन होने लगे तब भी.

  3. अगर महिला 5 महीने के बाद उपवास कर रही है, हलचल में बच्चे की कमी महसूस होती है, उस स्थिति में उपवास छोड़ दें.

  4. सर दर्द और चक्कर आने पर भी उपवास छोड़ दें.

  5. उल्टियां, दस्तकी स्थिति बनती है उस समय भी उपवास छोड़ दें.


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उपवास कैसे तोड़े

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को किसी पौष्टिक चीज का सेवन करके, किसी लिक्विड चीज का सेवन करके अपना उपवास तोड़ना चाहिए. उपवास के दौरान चीनी चाय कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों से उपवास तोड़ने से बचें. हो सके तो फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ उपवास तोड़ते समय खाएं. उसके बाद भोजन करने में फली और दाल को प्राथमिकता दें. एकदम से काफी ज्यादा ना खाएं.

उपवास रखने के दुष्परिणाम

प्रेगनेंसी के दौरान उपवास रखने के कुछ दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं. जिनमें से कुछ इस प्रकार से है .

  1. लेबर पेन की समस्या नजर आ सकती है. तीसरी तिमाही में यह समस्या उत्पन्न हो सकती है.

  2. विशेष परिस्थिति में हॉस्पिटलाइज्ड होना पड़ सकता है.

  3. गर्भस्थ शिशु की सांसों की गति भी हल्की पड़ सकती है.

  4. सिजेरियन बेबी की डिलीवरी की आशंका बढ़ जाती है.

  5. इससे मधुमेह की समस्या भी नजर आ सकती है.

  6. जन्म के समय शिशु का वजन कम हो सकता है.

  7. मां को उल्टी दस्त इत्यादि की समस्या भी नजर आ सकती है.

  8. अब यह ऐसा नहीं है कि आपने एक या दो बार उपवास रख लिया तो आपको यह समस्या हो जाएंगी. कुछ महिलाएं लगातार काफी ज्यादा उपवास रखती हैं. उस स्थिति में यह समस्या नजर आती है.


कुछ प्रश्न हमारे सामने आते हैं जैसे कि क्या महिलाएं रमजान के दिनों में उपवास रख सकती हैं.
तो यह पूर्ण रूप से आपके स्वास्थ्य और आपके डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है. आप की स्थिति पर निर्भर करता है.
जैसे कुछ महिलाएं पूछती हैं कि क्या वह नवरात्र के समय 8 से 9 दिन का उपवास रख सकती हैं, तो यहां भी वही बात लागू होती है. यह आपके गर्भ की स्थिति आपके स्वास्थ्य और आपके डॉक्टर की सलाह पर काफी हद तक निर्भर करता है.
 कुछ महिलाओं का प्रथम होता है कि मैं उलझन में हूं क्या मुझे उपवास रखना चाहिए तो बिल्कुल भी उलझन में रहने की आवश्यकता नहीं है अगर आप उपवास से बच सकती हैं तो प्रेगनेंसी के दौरान आप उपवास से बचें.



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