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प्रेगनेंसी में पालक खाने के 6 फायदे | Six benefits of eating spinach in pregnancy

 पालक की सब्जी काफी पोस्टिंग मानी जाती है, क्या इस सब्जी को प्रेगनेंसी के दौरान खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए इसके संबंध में हम आपको बहुत कुछ बताने वाले हैं इसके लाभ हानि के संबंध में चर्चा करेंगे. जिससे आप बड़ी आसानी से इस बात का पता लगा सकते हैं कि आपको अपनी प्रेगनेंसी में पालक की सब्जी खानी चाहिए या नहीं खानी चाहिए.

पालक खाने के क्या-क्या लाभ हैं,
क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए

आदि विषयों पर चर्चा करेंगे


पालक खाने के क्या-क्या लाभ हैं क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए

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गर्भावस्था में पालक खाने के स्वास्थ्य लाभ - Pregnancy me Palak Khane ke Labh

एक गर्भवती स्त्री पालक को अपने भोजन में शामिल करती है तो उसे कई प्रकार के लाभ प्रेगनेंसी के दौरान होते हैं,
पालक के अंदर आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है और एक गर्भवती स्त्री को आयरन की अत्यधिक आवश्यकता होती है क्योंकि आयरन ब्लड को बनाने का कार्य करता है प्रेगनेंसी में ब्लड की मात्रा लगभग सामान्य अवस्था की तुलना में दुगनी हो जाती है ऐसे में महिला एनीमिया का शिकार हो सकती है अगर वह पालक का प्रयोग अपने भोजन में करती है तो एनीमिया का शिकार नहीं होती है अगर महिला चाहे तो पालक के जूस का प्रयोग करें काफी फायदा होगा.


प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं की त्वचा पर काफी ज्यादा दिक्कतें नजर आती है कई बार आंखें भी कमजोर हो जाती है और साथ ही साथ बाल भी झड़ने लग सकते हैं ऐसे में अगर महिला अपने भोजन के माध्यम से पालक का सेवन करती है तो इस प्रकार की समस्या में काफी राहत नजर आती है.


पालक में पाया जाने वाला कैल्शियम गर्भ शिशु की हड्डियों को मजबूत करने का कार्य करता है साथ ही साथ महिलाओं की कैल्शियम की आवश्यकता को भी पूरा कर सकता है.


अक्सर महिलाओं की पाचन क्रिया प्रेगनेंसी के दौरान सही नहीं रहती है अगर महिलाएं ऐसे में पालक का जूस पीती है तो उसे काफी फायदा नजर आता है.


पालक में बीटा-केरोटीन ज्यादा मात्रा में होने से बच्चे के फेफड़ों के विकास में मदद मिलती है. बीटा-केरोटीन आमतौर पर विटामिन-ए में परिवर्त्तित होता है जिससे आपके बच्चे का विकास संपूर्ण रुप से होता है। यही नहीं पालक में पाए जाने वाला विटामिन-ए आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास में भी मदद करता है.


पालक में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गर्भवती स्त्री की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य करते हैं.
पालक में नाइट्रेट भी पाया जाता है यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कार्य करता है.


प्रेगनेंसी में पालक कब नहीं खाएं - Pregnancy me Kab Palak Nahi Kahna hai

किडनी में पथरी होने पर पालक न खाएं. दरअसल पालक में ऑक्सालेट नामक पदार्थ होता है जो शरीर में मौजूद कैल्शियम के साथ मिलकर कैल्शियम-ऑक्सालेट (किडनी स्टोंस) बनाता है.


पालक के अंदर प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. अधिक प्रोटीन अगर शरीर में पहुंच जाएं तो वह यूरिक एसिड को बढ़ा देता है जिसकी वजह से घुटनों में दर्द की समस्या हो जाती है. जिन महिलाओं को पहले से ही इस तरह की समस्या है, उन्हें पालक नहीं खाना चाहिए.


इस महिला को वायु विकार की समस्या हो गया अत्यधिक बनती हो तो उसे बरसात के मौसम में पालक नहीं खाना चाहिए.

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