Header Ads

जानिए क्यों नहीं होती है प्रेगनेंसी

 आज हम प्रेगनेंसी नहीं होने के लाइफस्टाइल से संबंधित कारणों पर चर्चा कर रहे हैं. महिला के जीवन काल में प्रेग्नेंट होने का भी अपना एक समय होता है जिसमें काफी आसानी से महिला गर्भवती हो सकती है आइए बड़ी उम्र से हम शुरू करते हैं.


40 की उम्र पार कर लेने के बाद 12 मासिक चक्र के दौरान अगर महिला गर्भाधान की कोशिश करें तो मात्र 50% महिलाएं ही गर्भाधान कर पाती हैं.


अगर हम 35 वर्ष से ऊपर और 40 वर्ष से कम महिलाओं की बात करें तो 12 मासिक चक्र के दौरान अर्थात 1 साल के अंदर अगर वह गर्भाधान की कोशिश करती हैं तो मात्र 70 से 75% महिलाएं ही गर्भाधान कर पाती हैं.


30 वर्ष से ऊपर की महिलाएं और 35 वर्ष से कम की महिलाएं अगर 1 साल के अंदर अर्थात 12 मासिक चक्र तक लगातार गर्भवती होने की कोशिश करती है तो उनकी सक्सेस रेट 85 परसेंट तक होता है.


20 वर्ष से लेकर 30 वर्ष तक का समय गर्भाधान के लिए सबसे उत्तम रहता है. उसके बाद भी अगर एक स्त्री इस उम्र के दौरान 12 मासिक चक्र लगातार गर्भाधान की कोशिश करें तब भी 90% महिलाएं ही गर्भाधान कर पाती हैं.

हमारी लाइफ स्टाइल से जुड़े बहुत सारे ऐसे कारण होते हैं जिसकी वजह से महिलाओं के गर्भवती होने में समस्या आती है. 

 

प्रेग्नेंट नहीं होने के लाइफस्टाइल से जुड़े मुख्य कारण

अनिद्रा की समस्या

यह समस्या देखने में जितनी छोटी लगती है, असल में यह उतनी ही घातक होती है. नींद ना आने की वजह से स्त्री और पुरुष दोनों की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है. इसकी वजह से महिलाओं का पीरियड्स भी काफी हद तक डिस्टर्ब हो सकता है. साइकिल का डिस्टर्ब होना अपने आप में इनफर्टिलिटी की तरह एक कदम बढ़ाने जैसा होता है.

 अनिद्रा की समस्या से पुरुषों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ने लगती है उन्हें आसानी से संक्रमण, बुखार, दस्त छोटे-मोटे समस्याएं होने लगती हैं जिससे उनके शुक्राणु की मात्रा कम होने लगती है. गर्भाधान होने में समस्या आती है.

अनियमित वजन

अगर पुरुष या स्त्री का चलो स्त्री की बात कर लेते हैं, अगर महिला का वजन कम हो जाता है, या अधिक हो जाता है, तो दोनों ही स्थिति में यह आपकी गर्भधारण की क्षमता को प्रभावित करता है. कम वजन होना अर्थात आप कुपोषण का शिकार है. आपको पर्याप्त मात्रा में शरीर को चलाने लायक पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं, तो ऐसे में शरीर एक और जिंदगी का वजन सहन नहीं कर पाएगा. और शरीर स्वयं प्रेगनेंसी को अवॉइड करेगा. अगर आपका वजन ज्यादा हो जाता है तो यह भी आपकी क्षमता को प्रभावित करता है आपके शरीर की सारी गतिविधियां सुस्त पड़ जाती हैं तो स्वयं ही एक हाई प्रोफाइल कार्य जिसे गर्भाधान कहते हैं, शरीर उसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं रहता है.
इसी प्रकार से पुरुष के लिए भी कम वजन और अधिक वजन उसकी क्षमताओं को प्रभावित करता है.

चिकनाई का प्रयोग

अगर दंपत्ति संतान प्राप्ति के लिए कोशिश कर रहे हैं, और चिकनाई का प्रयोग करते हैं जो कि बाजारों में मिलती है. तो यह एक्स क्रोमोसोम और वाई क्रोमोसोम की गति को रोकने का कार्य करते हैं संतान प्राप्ति में परेशानी आती है.

नशे की लत

आजकल युवा नशे के काफी आदि होते जा रहे हैं वह नए-नए प्रकार की ड्रग्स लेते हैं जिसकी वजह से उनके शरीर की अधिकतर गतिविधियां सुस्त पड़ जाती हैं. वह एक तरह से कुपोषण का शिकार हो जाते हैं. उनकी क्षमता भी घट जाती है यह स्त्री और पुरुष दोनों के लिए है. जो दंपत्ति नशे का शिकार है उनके यहां जल्दी से संतान की प्राप्ति नहीं होती है.

टाइट वस्त्र और अंडर गारमेंट्स

यह पॉइंट खासकर पुरुषों के लिए है जो पुरुष टाइट कपड़े पहनना पसंद करते हैं . अगर उनके यहां संतान प्राप्ति नहीं हो रही है, तो टाइट वस्त्र या अंडर गारमेंट पहनना इसका एक कारण होता है इसकी वजह से जो गर्मी पैदा होती है, वह पुरुष के एक्स और वाई क्रोमोसोम को नुकसान पहुंचाती है.

प्रदूषण

यह एक नया कारण इनफर्टिलिटी का पूरे संसार के अंदर बनता चला जा रहा है. आधुनिकता की दौड़ में हम अपने वातावरण को खराब करते चले जा रहे हैं. वातावरण में कई प्रकार के प्रदूषित पदार्थ जैसे कि विषैले रसायन कीटनाशक सिगरेट का धुआं प्लास्टिक इत्यादि यह सब के सब स्त्री और पुरुष दोनों की सेहत पर बुरा असर डालते हैं. इसके कारण भी कहीं ना कहीं इनफर्टिलिटी की समस्या नजर आती है.खासकर उन लोगों पर जो इस तरह के माहौल में कार्य करते हैं.

स्मार्टफोन  

स्मार्टफोन ने लोगों की दूरियों को कम कर दिया है और बहुत से कार्य भी स्मार्टफोन के द्वारा कम समय में संपन्न हो जाते हैं यह इसकी बहुत बड़ी खूबी है. लेकिन इसकी एक सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है, कि इससे हमेशा रेडिएशन निकलती रहती है यह रेडिएशन व्यक्ति को स्त्री या पुरुष को इनफर्टिलिटी का शिकार बना देती है. तो जब तक आप संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे हैं. फोन का इस्तेमाल कम से कम करें बात करने के लिए ही करें दूसरे कार्यों के लिए फोन को कुछ दिनों के लिए छोड़ दें.

अधिक व्यायाम

व्यायाम सेहत को दुरुस्त रखने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है. लेकिन जो महिलाएं फिट रहने की लत के चलते अत्यधिक व्यायाम करती हैं. एक रिसर्च के अनुसार ऐसी महिलाओं की इगर्भवती होने की क्षमता काफी कम हो जाती है. असल में अति हर चीज की खतरनाक ही होती है बहुत सी चीज बल्कि हर चीज जहां फायदा करती है कहीं ना कहीं उसका साइड इफेक्ट भी होता है. तो अधिक व्यायाम का साइड इफेक्ट यही है कि यह आपकी गर्भधारण की क्षमता को कम कर देता है.

निश्चित उम्र

जैसा कि हमने इस वीडियो के शुरू में ही आपको बताया था कि महिला की मां बनने की एक उम्र होती है. अगर महिला उस निश्चित उम्र में मां बनने की कोशिश करती है. तो उसे इतनी ज्यादा परेशानी नहीं होती है. लेकिन अगर महिला एक निश्चित उम्र निकल जाने के बाद मां बनने की कोशिश करती है, या उस उम्र से पहले मां बनने की कोशिश करती है तो गर्भाधान में दिक्कत का सामना करना ही पड़ता है.

तनाव

तनाव एक ऐसी चीज है जो हर किसी प्रकार के रोग को सहारा देने का कार्य करता है. यह एक तरह से उत्प्रेरक की तरह कार्य करता है. शरीर में अगर कोई भी रोग किसी भी वजह से पनप रहा हो तो तनाव हो जाए तो वह रोग बहुत जल्दी शरीर को घेर लेता है. ऐसे ही इनफर्टिलिटी की समस्या है अगर महिला को या पुरुष को तनाव रहता है तो गर्भधारण की क्षमता कम होती जाती है.

बिसफिनोल ए (बीपीए)

शरीर में बिसफिनोल ए यानी बीपीए की उपस्थिति भी गर्भधारण न कर पाने का एक कारण हो सकती है. बता दें कि यह एक ऐसा तत्व है, जो खासकर प्लास्टिक पदार्थों में पाया जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में इस तत्व की अधिक मात्रा उनकी क्षमता पर बुरा असर डालती है. कुछ मामलों में यह तत्व बांझपन का कारण भी बन सकता है.

इसके अलावा और बहुत छोटे-छोटे पॉइंट हैं जैसे कि महिलाओं को संतान प्राप्ति की कोशिश करने के बाद कम से कम आधा घंटा सीधे लेटा रहना चाहिए नियमित अंतराल पर संतान प्राप्ति की कोशिश लगातार करते रहना चाहिए चाहे तो 1 दिन चाहे तो 2 दिन छोड़कर अर्थात नियमित अंतराल के बाद आप इन सब छोटी छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित तौर पर आपको संतान सुख की प्राप्ति अवश्य होगी.


 

No comments

Powered by Blogger.