गर्भपात के बाद महिला कैसा भोजन खाए किन बातों का ध्यान रखें - Take Food after abortion

 गर्भपात के बाद महिला अपना ध्यान किस प्रकार से रख सकती है. उसे किस प्रकार से अपना ध्यान रखना चाहिए.

किसी भी मेडिकल स्थिति के बाद भोजन पर ध्यान रखने की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है.
गर्भपात के बाद महिला को किस प्रकार का भोजन खाना चाहिए. कौन-कौन से खाद्य पदार्थ अपने भोजन में शामिल करें पर बात करेंगे. गर्भपात के बाद ऐसी कौन कौन सी स्थिति होती है या कौन-कौन सी बीमारी या लक्षण नजर आते हैं जिसके बाद डॉक्टर से मिलना जरूरी है. इस पर भी बात करेंगे. कुछ जरूरी प्रश्न जो अक्सर पूछे जाते हैं उन पर भी बात करेंगे.

गर्भपात के बाद महिला कैसा भोजन खाए किन बातों का ध्यान रखें


जैसे कि दोस्तों आपने आज के टॉपिक सुने गर्भपात के बाद की स्थिति को संभालने के लिए आपको इन छोटी-छोटी बातों का पता होना बहुत जरूरी है.

  • गर्भपात की स्थिति काफी दुखद बात होती है.
  • ऐसे में महिला को समझने की जरूरत है.
  • मानसिक स्थिति को मजबूत बनाने की आवश्यकता होती है. और
  • उसे अपना ध्यान भी स्वयं रखने की आवश्यकता होती है.


ताकि वह जल्दी स्वस्थ होकर दोबारा से गर्भाधान कर सके.

कुछ चीजें हैं जो महिला को गर्भपात के बाद अपने आप का ध्यान रखने के लिए करनी है जैसे कि --

  • अगर महिला को थकावट महसूस हो रही है, तो उसे इस बात का ध्यान रखना है, कि वह आराम करें. यह उसके लिए अत्यधिक आवश्यक है. डिलीवरी के बाद या गर्भपात के बाद महिला के शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है. उस एनर्जी को रिस्टोर करने के लिए उसे आराम करना बहुत जरूरी होता है.
  • गर्भपात के बाद या डिलीवरी के बाद रक्तस्राव होना एक सामान्य प्रक्रिया है. इसमें घबराने की आवश्यकता नहीं होती है. इसे पॉजिटिव ले.
  • अगर पेट में काफी हल्का दर्द है, तो आराम ही करें. अगर दर्द थोड़ा सा बढ़ रहा है, तो आप इसके लिए डॉक्टर से कंसल्ट कर सकती हैं. डॉक्टर जो भी पेन किलर आपको दे, उसे ले सकती हैं.
  • रक्तस्राव की स्थिति में जो कि सामान्य बात है, महिला को हर 4 से 5 घंटे बाद पैड भरने की आवश्यकता होती है. इसका ध्यान रखें, यह आपको संक्रमण से बचाएगा.
  • महिला को चाहिए कि वे अपने शरीर की सफाई रोज करें, और प्रॉपर तरीके से करें. इसके लिए वह मार्केट में आने वाले हाइजीनिक लिक्विड जोकि डेटॉल या दूसरी कंपनी के को सकते हैं, जो डॉक्टर लिखे, उनका प्रयोग करें.
  • गर्भपात के बाद 3 से 4 महीने दोबारा से गर्भधारण के लिए देनी चाहिए. इस दौरान महिला गर्भ निरोधक उपायों का प्रयोग अवश्य करें.
  • महिला को चाहिए कि वह कुछ समय तक रेगुलर तौर पर डॉक्टर से अपना चेकअप कराते रहे, उसके अंडर कंसीडरेशन रहे. अपनी हेल्थ संबंधी स्थिति को डॉक्टर से अवगत कराती रहें.
  • महिला को चाहिए कि वह शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ अपनी मानसिक स्थिति और उसके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें. इसके लिए वे मेडिटेशन कर सकती हैं.

TIP: पीरियड्स आने के दौरान महिलाएं Reusable Menstrual Cup का इस्तेमाल करने लगी है. आजकल यह ट्रेंडिंग प्रोडक्ट है. यह काफी आरामदायक है. इसका प्रयोग करने से किसी भी प्रकार की लीकेज परेशानी इत्यादि का सामना नहीं करना पड़ता है. दिन में दो-तीन बार पैड बदलने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है. बदबू का सामना नहीं करना पड़ता है. यह काफी किफायती है. एक बार इसे परचेस करने के बाद इसे बार-बार प्रयोग किया जा सकता है. यह बहुत ही अच्छी क्वालिटी की फ्लैक्सिबल मैटेरियल का बना होता है. इसके साइज का भी ध्यान रखें.

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एबॉर्शन के बाद क्या खाएं

गर्भपात के बाद महिला को अपने भोजन में कुछ विशेष प्रकार के पोषक तत्व की अत्यधिक आवश्यकता होती है. जिनकी चर्चा में यहां पर करने वाले हैं. हम बताएंगे कि है, किस प्रकार के भोजन से आपको प्राप्त हो सकते हैं.

आयरन

महिला को गर्भपात के बाद एनीमिया की शिकायत का सामना करना पड़ सकता है. इसके लिए महिला को अपने भोजन में आयरन खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.

आयरन आपको खुबानी, ओटमील, किसमिस में, मूंगफली, पालक, फिश, सोयाबीन, मटर और किसमिस सेम में अच्छी मात्रा में प्राप्त हो जाता है. आपके पास जो भी साधन हो उनका प्रयोग करें.

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मैग्नीशियम युक्त आहार

गर्भपात के बाद महिला को शारीरिक तौर पर तो दिक्कत होती है, लेकिन ज्यादा समस्या मानसिक तौर पर नजर आ सकती है. महिला को काफी सारे लक्षण नजर आ सकते हैं जो मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाते हैं.

जैसे कि एंजायटी, नींद ना आना, चिड़चिड़ापन, उदास रहना, तनाव इन सब मानसिक समस्याओं में मैग्नीशियम काफी राहत प्रदान करने वाला होता है.

  • मैग्नीशियम आपको दूध से प्राप्त होगा.
  • इसके लिए आपको साबुत अनाज का सेवन करना होगा.
  • फलियां जैसे कि मटर और सेम इनको अपने भोजन में शामिल करें.
  • मेवे आपको प्रयोग करने होंगे काजू बादाम या दूसरे प्रकार के मेवे
  • फल जैसे कि खुबानी, केले, एवोकाडो इत्यादि अपने भोजन में शामिल करें.


विटामिन सी

गर्भपात के बाद महिला को विटामिन सी की भी काफी ज्यादा आवश्यकता होती है सिट्रस फलों में यह आपको अच्छी मात्रा में प्राप्त हो जाता है.

कुछ खाद्य पदार्थ है  जैसे कि कीवी, ब्रोकली, टमाटर, संतरे, स्ट्रॉबेरी और दूसरे प्रकार के खाद्य पदार्थ.

चॉकलेट

गर्भपात के बाद चॉकलेट खाना भी काफी फायदेमंद रहता है. यह एक शोध से सिद्ध हुआ है, असल में चॉकलेट मूड को ठीक करने और चिंता को कम करने में मदद करता है.

यह महिला की मानसिक स्थिति को सुधारने में मदद करता है. चॉकलेट के अंदर उच्च मात्रा में फ्लेवोनॉयड पाए जाते हैं, जो कि दिमाग के लिए ठीक रहते हैं.

Take food after abortion

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डॉक्टर से कब मिले

गर्भपात के बाद डॉक्टर के अंडर कंसीडरेशन तो रहना ही चाहिए, लेकिन फिर भी अगर कुछ विशेष प्रकार की समस्याएं आपको नजर आती हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए .

  • अगर महिला को लगातार दो-तीन दिन तक भारी रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए.


  • अगर इस स्थिति में महिला को तेज बुखार आ रहा है. तब भी डॉक्टर से तुरंत कांटेक्ट करना चाहिए.


  • महिला को ज्यादा नींद आ रही है. महिला को बेहोशी जैसा महसूस हो रहा है, तो भी डॉक्टर से मिलना अत्यधिक आवश्यक है.


  • कमर दर्द होने लगा है. इस स्थिति में भी डॉक्टर से मिलना चाहिए. क्योंकि यह संक्रमण के कारण भी होता है.


  • बार-बार महिला को उल्टी आ रही है. मतली की समस्या नजर आ रही है. तब भी डॉक्टर से मिलना चाहिए.


  • अगर बदबूदार रक्तस्राव हो रहा है. तब भी डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता है.


  • कुछ सवाल है जो महिलाएं अक्सर हमसे पूछती हैं जैसे कि गर्भपात के पर बाद कमर दर्द या पेट दर्द हो तो क्या करें -  यह सामान्य है , अक्सर हो जाता है. इस स्थिति में आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए.

कुछ सवाल है जो महिलाएं अक्सर हमसे पूछती हैं जैसे कि गर्भपात के पर बाद कमर दर्द या पेट दर्द हो तो क्या करें -  यह सामान्य है , अक्सर हो जाता है. इस स्थिति में आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए.

एक प्रश्न है स्तनों में सूजन या दर्द होना क्या सामान्य बात है. तो जी हां गर्भपात के बाद यह स्थिति आती है.  इसके लिए ट्रीटमेंट लेना होता है.

कुछ महिलाएं मानती है कि गर्भपात के बाद मोटापा आ जाता है तो ऐसा कुछ भी नहीं है यह आपके खान-पान और जीवनशैली पर निर्भर करता है. 

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