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प्रेगनेंसी के दौरान किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए - Pregnancy Tips Part #3

नमस्कार दोस्तों दोस्तों यह बात किसी से भी छुपी हुई नहीं है कि प्रेग्नेंसी के समय महिला को बहुत ज्यादा ध्यान रखने की आवश्यकता होती है उसे उन हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखना होता है जिन बातों का ध्यान उसने आज तक कभी नहीं रखा. 
अधिकतर महिलाओं को पता ही नहीं होता है कि उन्हें अपने शरीर के अनुसार किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए हम आपको इस POST के माध्यम से कुछ बातों के विषय में बता रहे हैं जिन बातों का प्रेग्नेंसी के समय महिला को विशेष ध्यान रखना चाहिए आइए चर्चा करते हैं 


वैक्सीनेशन - Vaccination
आजकल जैसे जैसे वातावरण खराब होता जा रहा है पोलुशन बढ़ता चला जा रहा है इंसान का शरीर कमजोर होता चला जा रहा है वैसे वैसे ही नए नए बीमारियों का जन्म भी होता जा रहा है आजकल प्रेग्नेंसी के समय वैक्सीनेशन काफी जरूरी हो गया है जो महिला और महिला के गर्भ शिशु को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक भी होता है महिला को चाहिए कि वह अपनी वैक्सीनेशन का सही ढंग से ध्यान रखें और सही समय पर वैक्सीनेशन कराएं इसके लिए उसे डॉक्टर के संपर्क में हमेशा रहना चाहिए.

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कोलेस्ट्रॉल रहे नियंत्रित - Colestrol rahe Niyantrit
महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसका कोलेस्ट्रॉल प्रेग्नेंसी के समय नियंत्रित रहे हैं इसके लिए वह अपने कोलेस्ट्रॉल को चेक भी करा सकती है, वैसे तो यंग एज में कोलेस्ट्रॉल की समस्या ना के बराबर ही होती है फिर भी प्रेग्नेंसी में इस बात का ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए महिला को चाहिए कि वह तला भुना ऑयली भोजन ना के बराबर खाए. 
कई बार प्रेगनेंसी में महिलाएं जंक फूड लेना पसंद करती है क्योंकि प्रेगनेंसी में कभी-कभी ऐसी परिस्थिति होती है कि वह भोजन तैयार करने में असमर्थ होती हैं, तो वह रेडी टो ईट फूड ले लेती हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रहे यह भोजन कोलेस्ट्रॉल को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है मोटापा पैदा करता है. 



डाइट प्लान - Diet Plan
प्रेगनेंसी में जिस प्रकार का भोजन करना है इसका महिला को पता होना चाहिए क्योंकि भोजन में सभी प्रकार के पोषक तत्व शामिल होने चाहिए जो कि गर्भवती महिला को आवश्यक होते हैं उसके शिशु को आवश्यक होते हैं इसलिए उसके  लिए महिला को अपना डायट प्लान तैयार रखना चाहिए इसके लिए वह किसी डाइट एक्सपर्ट की भी सलाह ले सकती है 

इस बात का ध्यान रखें डाइट एक्सपर्ट जो भी है वह आपके ही क्षेत्र का होना चाहिए क्योंकि अगर आप कहीं दूर बाहर से डाइट एक्सपर्ट से सलाह लेकर आओगे डाइट प्लान लेकर आओगे तो वह उस प्रकार का डाइट प्लान पर बनाएगा जो वस्तुएं उसके आसपास मिलती हैं जरूरी नहीं कि वह भोज्य पदार्थ आपको आपके क्षेत्र में भी मिल जाए तो डाइट एक्सपर्ट अगर उसी क्षेत्र का होगा तो उसे पता होता है कि किस वस्तु में किस प्रकार का पोषण होता है और कौन सी वस्तु आपको मिल पाएगी आपके क्षेत्र में.
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मांसाहार भोजन  - Nonveg Food
जो महिलाएं मांसाहार का इस्तेमाल नहीं करती हैं उनके लिए तो कोई बात नहीं लेकिन जो महिलाएं मांसाहार खाना पसंद करती हैं उन्हें मांसाहार लेने में बहुत सावधान रखने की आवश्यकता होती है क्योंकि मांसाहार भोजन में कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं जो कि गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसी कारण महिला को कभी भी स्वाद के लिए आधा पका हुआ या कम पका हुआ मांस,  साथ ही साथ रोस्टेड मांस बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए यह उन्हें बहुत नुकसान दे सकता है क्योंकि इन में पाए जाने वाले परजीवी महिला के शरीर में पहुंचकर बच्चे के विकास को बाधित कर सकते हैं.


मछली खाने में सावधानी - Machhalee Khaane mein Saavadhaanee
प्रेग्नेंसी के समय मछली का सेवन करना फायदेमंद भी होता है लेकिन बहुत से कैसे इसमें मछली का सेवन प्रेगनेंसी में करना नुकसानदायक भी होता है इसमें थोड़ा सा अंतर है उस पर चर्चा कर लेते हैं.
गर्भावस्था में मछली खाने से होने वाली संतान को सांस से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा मां द्वारा गर्भावस्था में मछली खाने से अस्थमा होने का खतरा भी कम हो जाता है.
गर्भावस्था में मछली खाना मां और बच्चे दोनों के ही लिए फायदेमंद होता है. गर्भावस्था में महिला को साल्मन, ट्राउट, ट्यूना और भी हैं जिनका सेवन प्रेगनेंसी में करना नुकसानदायक नहीं होता है. ये मछलियां खासतौर पर फायदेमंद होती हैं.

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मछली या फिर किसी भी तरह का सीफुड में मिथाइल मर्करी काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। मिथाइल मर्करी भ्रुण के मस्तिष्क, नर्वस सिस्टम और किडनी को नुकसान पहुचाती है। यह एक जहरीला एसिड है जो भ्रूण को नुकसान पहुंचाती है.


जैसा कि हमने पहले भी बताया है कोड, साल्मन, कैटफिश, क्रैब, श्रिम्प जैसे सीफुड का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान किया जा सकता है वहीं शार्क, टिलापिआ, जैसी मछलियों का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान भूल कर भी नहीं करना चाहिए. क्योंकि इन मछलियों में मरकरी बहुत अच्छी मात्रा में होता है. 

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