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प्रेगनेंसी में कब आंवला खाना चाहिए कब नहीं खाना चाहिए | प्रेगनेंसी में आंवला खाने के 11 फायदे | Amla ke Fayde

आंवला ऐसा फल है जिसका उपयोग न सिर्फ खाने बल्कि औषधी के लिए भी प्रयोग किया जाता है. इसके कई फायदे हैं. आंवले में सबसे अधिक विटामिन-सी होता है.

इसके अलावा इसमें कई और गुण हैं जो शरीर को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है. इस फल की एक और खासियत है. गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से महिलाओं को काफी फायदा पहुंचता है.यह उन्हें कई दिक्कतों से दूर रखता है.

प्रेगनेंसी में आंवले के क्या फायदे हैं.
प्रेगनेंसी में कब आंवला खाना चाहिए
प्रेगनेंसी में कितना आंवला खाना चाहिए
प्रेगनेंसी में कब आंवला नहीं खाना चाहिए.
 
 इन सब विषय पर चर्चा करेंगे.

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प्रेगनेंसी में कब और कितना आंवला खाना चाहिए - Pregnancy me kab aur kitana avala khaana chaahie

आंवले का सेवन किसी के लिए भी फायदेमंद है. अगर बात की जाए प्रेग्नेंसी में कब इसका सेवन करना चाहिए, तो इसके लिए भी कोई समय जरूरी नहीं है.

हालांकि माना जाता है, कि गर्भावस्था के दूसरे महीने से आंवले का सेवन महिला को कर देना चाहिए. क्योंकि इसके सेवन का फायदा न सिर्फ जच्चा बल्कि बच्चे तक भी पहुंचता है.

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प्रेगनेंसी में कितना आंवला खाना चाहिए - Pregtnancy me Kitna Aamla Khaye

आंवला खाना शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एक ही दिन में और एक साथ बहुत सा आंवला खा लिया जाए. अधिक मात्रा में खाने से नुकसान भी हो सकता है.

अगर आप कच्चा आंवला खाना चाहती हैं, तो सुबह-शाम एक-एक आंवला लेना काफी है.

वहीं अगर आप आंवले का जूस ले रहीं हैं, सुबह-शाम  2-3 चम्मच आंवले का रस पानी के साथ मिलाकर ले सकती हैं.


प्रेगनेंसी में आंवले के 11 फायदे  - Pregnancy mein Amla ke 11 Fayde

1. पहुंचाता है पोषण

आंवले का सेवन गर्भवती महिला को पोषण पहुंचाता है. दरअसल आंवले में विटामिन-सी, फाइबर, आयरन और एंटी ओक्सिडेंट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं. ये तत्व शरीर को सही तरीके से चलाते हैं.

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2. मूड रखता है ठीक

रेग्नेंसी में थकान व चिड़चिड़ापन जैसी समस्या काफी आती है. पर आंवला के सेवन करने से शरीर ऊर्जावान बना रहता है और मूड भी ठीक रहता है.

3. प्रेग्नेंसी में उच्च ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे आंवला

ब्लड प्रेशर के बढने से तेज सिर दर्द, थकावट, टांगों में दर्द, उल्टी होने की शिकायत और चिड़चिड़ापन होने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आंवला में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में है, जो रक्त वाहिकाओं को फैलता है, और रक्तचाप को सामान्य करता है. ताजा आंवला का रस हर दिन लेना गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी और हर्टबर्न को रोक सकता है.

4. वजन करता है कम

प्रेग्नेंसी में वजन बढ़ना सामान्य बात है. पर इस दौरान आंवले का सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता है. दरअसल आंवले में एंटी ओक्सिडेंट पाए जाते हैं. इसकी वजह से शरीर हल्का रहता है और वजन नहीं बढ़ता है.

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5. इम्यून सिस्टम रखता है ठीक

आंवले का सेवन गर्भवती महिलाओं के इम्यून सिस्टम को भी ठीक रखता है. दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मां व बच्चे पर बुरा असर पड़ता है. ऐसे में रोजाना एक आंवले का सेवन या फिर इसका जूस पीने से इम्यून सिस्टम ठीक रहता है.
रक्त की शुद्धता बढ़ाता है आंवला.


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6. आंवला रक्त शुद्धीकरण

रक्त शुद्ध नहीं है तो फोड़ा-फुंसी, त्वचा रोग, अपच आदि की समस्या उत्पन्न होती है. इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए रक्त की शुद्धता जरूरी है. आंवला रक्त की शुद्धता को बढ़ता है. यह शरीर से हानिकारक प्रभावों को हटा देता है, और विकासशील भ्रूण के लिए रक्त और ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति का समर्थन करता है.

7. आंवला एनीमिया से बचाता है

प्रेग्नेंसी के दौरान कई बार महिला को एनीमिया की प्रॉब्लम हो जाती है. आंवला इसे दूर करने में काफी कारगर होता है. रोजाना आंवले का जूस पीने या इसके सेवन करने से एनीमिया नहीं होता. शरीर में आयरन की कमी होना सेहत के लिए हानिकारक होता है. जब खून में लाल रक्त कणिकाओं की कमी हो जाती है, तो शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है. आंवला विटामिन सी और आयरन का उत्कृष्ट स्रोत है. विटामिन सी सामान्य हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने के लिए रक्त द्वारा आयरन के अवशोषण में सहायता करता है.

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8. आंवला ऑक्सीजन के प्रवाह को बनाए रखता है

पेट में बच्चे के ठीक रहने के लिए जरूरी है कि गर्भवती के शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो सही तरीके से हो और वह बच्चे तक आसानी से पहुंचे. आंवले का प्रयोग करने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक से होता है.

9. आंवला पेट को रखता है ठीक

प्रेगनेंसी में कई बार महिला को पेट की समस्या जैसे उलटी, दस्त और कब्ज होने लगता है. इससे मां और बच्चे दोनों पर बुरा असर पड़ता है. पर आंवले का सेवन गर्भवती को पेट की समस्या से दूर रखता है.

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10. आंवला सूजन के लिए भी फायदेमंद

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में सूजन आ जाती है. सबसे ज्यादा सूजन पैरों में आती है. यह समस्या भी रोजाना आंवले के सेवन से दूर हो जाती है.

11. प्री-मैच्योर डिलिवरी की संभावना भी कम करता है

आंवले को रोजाना सेवन करने से प्री-मैच्योर डिलिवरी की संभावना भी बहुत कम रहती है.





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