प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब ladka ya ladki | लिनिया नाइग्रा क्या है

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महिलाओं के पेट पर प्रेगनेंसी के 22 वें 23 वें हफ्ते में जो काली लाइन बनने लगती है उसके संबंध में चर्चा करने जा रहे हैं.
हम बात करने वाले हैं कि —

प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब ladka ya ladki
काली रेखा क्या होती है
इसके क्या कारण होते हैं
गर्भावस्था के दौरान यह लाइन कब दिखाई पड़ती है
क्या काली लाइन को रोका जा सकता है.

प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब Ladka ya Ladki

अक्सर महिलाओं के पेट के बीच में प्रेगनेंसी के दौरान एक काली लाइन बन जाती है. प्रेगनेंसी में पेट पर काली लाइन का मतलब Ladka ya Ladki क्या होता है. इस संबंध में बात करने वाले हैं.

डॉक्टर के अनुसार प्रेगनेंसी में पेट पर काली लाइन का मतलब लड़का या लड़की से बिल्कुल भी नहीं होता है. यह मात्र एक भ्रम है. इसके पीछे डॉक्टर एक साइंटिफिक कारण बताते हैं.जिसकी चर्चा हम आगे चलकर अगले सेक्शन में करने वाले हैं.

प्राचीन सामाजिक मान्यताओं के अनुसार पेट प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब Ladka ya Ladki से लगाया जाता है. जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है. हालांकि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है. मात्र अनुभव के आधार पर ही प्रेडिक्शन की जाती है.

माना जाता है अगर गर्भ में लड़की है तो काली लाइन नाभि से नीचे तक जाती है, और अगर गर्भ में लड़का होता है, तो प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन नीचे से नाभि से होते हुए ऊपर की तरफ जाती है.

इस प्रकार से प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब Ladka ya Ladki से लगाया जाता है.

इस बात का कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है लेकिन ऐसा हो सकता है कि लड़का और लड़की के  शरीर में अलग-अलग प्रकार के हारमोंस एक्टिव रहते हैं. इसलिए लाइन बनने की प्रक्रिया अलग हो सकती है.

काली रेखा (लिनिया नाइग्रा) क्या है

गर्भावस्था के दौरान पेट पर काली लाइन बन्ना हाइपरपिगमेंटेशन के कारण होता है. इसके कारण पेट के बीचोंबीच एक काली लाइन उभर आती है. यह दूसरी तिमाही में नजर आती है. और यह रेखा जांग की हड्डियों से लेकर नाभि तक बल्कि उस से ऊपर तक जाती है.

 कुछ मामलों में तो यह रेखा महिला की छाती तक भी जा सकती है. लेकिन प्रसव के कुछ महीनों बाद ही रे धीरे यह लाइन गायब हो जाती है.


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काली रेखा पड़ने के क्या कारण हैं

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता हो जाती है .हमारे शरीर में बहुत सारी प्रॉब्लम की जड़ एस्ट्रोजन हार्मोन ही होता है.

गैस एसिडिटी कब्ज से लेकर इस लाइन के पीछे भी एस्ट्रोजन हार्मोन का ही हाथ होता है .और हार्मोन की अधिकता के कारण शरीर में मेलेनिन का निर्माण ज्यादा होने लगता है.

जिसके कारण शरीर में मेलेनिन का जमाव अधिक होकर त्वचा का रंग बदलने लगता है.डार्क गहरा होने लगता है . इसके आगे चलकर त्वचा पर काली लाइन यानी कि लिनिया नाइग्रा नजर आने लगती है.

 

लिनिया नाइग्रा कब दिखाई देती है

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में यह काली रेखा जिसे लिनिया नाइग्रा कहते हैं. स्पष्ट नजर आने लगती है बहुत सी महिलाओं में तो यह बिल्कुल भी नजर नहीं आती है. लेकिन कुछ महिलाओं में काफी डार्क नजर आती है. समय के साथ साथिया चौड़ी होती जाती है. और आप ही समाप्त होने के कुछ समय बाद धीरे-धीरे अपने आप यह गायब भी हो जाती है.

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क्या काली रेखा को रोक सकते हैं

महिलाओं का ड्रेस सेंस इस तरह का होता है, कि यह काली रेखा बहुत स्पष्ट दिखाई पड़ती है, और सबसे बड़ी बात है कि यह बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती है. तो बहुत सी महिलाओं के मन में यह सवाल आता होगा, कि क्या इस रेखा को बनने से रोका जा सकता है.

हम आपको बता दें कि इसे बनने से रोक पाना संभव तो नहीं है क्योंकि प्रेगनेंसी हारमोंस की वजह से यह बनती है , हम बाहरी उपचारों द्वारा इसे एक बार को ज्यादा डार्क होने से रोक सकते हैं.

कॉस्मेटिक 

बहुत सारे ऐसे एक कॉस्मेटिक पाउडर से आते हैं जिनका प्रयोग करके इस लिनिया नाइग्रा नाम की काली लाइन को ढककर इस के कालेपन को दूर किया जा सकता है.

लेकिन ध्यान रहे कि कोई भी रासायनिक क्रीम और ब्लीचिंग क्रीम हानिकारक हो सकती है. आपको प्रेगनेंसी के दौरान इस प्रकार की क्रीम से बचना है. और जो भी आप इसके ऊपर प्रयोग करें, अपने डॉक्टर से वह जरूर पूछें.

सूरज की किरने 

ऐसी त्वचा जिसमें मेलन की मात्रा मेलेनिन की मात्रा अधिक होती है. अगर वह त्वचा सूर्य के संपर्क में आए तो वह अधिक डार्क हो जाती है. तो महिलाओं को चाहिए कि वह अपने शरीर को ढक कर रखें.

सूर्य के संपर्क में ना आने दे. यह भी एक तरीका है, काली लाइन को अवॉइड करने का.

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नींबू का रस

नींबू का रस त्वचा पर हाइपरपिगमेंटेशन को फीका करके उसे चमकदार बनाने में मदद करता है. इससे काली रेखा फीकी या कम दिखाई देने लगेगी है .

फोलिक एसिड

फोलिक एसिड की कमी अक्सर स्किन संबंधी परेशानी हो सकती है. इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और फल में संतरे खाएं. फोलिक एसिड आपके बच्चे के विकास के लिए भी बहुत जरूरी है.

निष्कर्ष

पेट पर बनने वाली काली लाइन को लिनिया नाइग्रा के नाम से जाना जाता है. यह क्यों बनती है. कब बनती है. कैसे बनती है. इसके पीछे क्या कारण है. क्या पेट में क्या प्रेगनेंसी में पेट पर लाइन का मतलब Ladka ya Ladki से होता है. इन सब बातों पर चर्चा की है. आप अपनी बुद्धि विवेक का प्रयोग करके सत्य की तह तक पहुंचने की कोशिश करें.

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