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डिलीवरी के बाद मालिश के क्या फायदे हैं | मालिश का सही टाइम | Massage after delivery tips

 

 अब डिलीवरी हो चुकी है. डिलीवरी के बाद क्या महिला को अपने शरीर की मालिश कर आनी चाहिए. क्योंकि शरीर में काफी सारे परिवर्तन आ जाते हैं, और उसके बाद शरीर पुनः अपनी ओरिजिनल स्थिति में लौटने की कोशिश करता है. ऐसे में मालिश किस तरह से फायदेमंद हो सकती है.

आज हम मालिश को लेकर कुछ टॉपिक पर चर्चा करने जा रहे हैं. यह टॉपिक आपके लिए काफी फायदेमंद होंगे.

हमारे आज के टॉपिक हैं
अब डिलीवरी हो चुकी है. डिलीवरी के बाद क्या महिला को अपने शरीर की मालिश कर आनी चाहिए. क्योंकि शरीर में काफी सारे परिवर्तन आ जाते हैं, और उसके बाद शरीर पुनः अपनी ओरिजिनल स्थिति में लौटने की कोशिश करता है. ऐसे में मालिश किस तरह से फायदेमंद हो सकती है.

आज हम मालिश को लेकर कुछ टॉपिक पर चर्चा करने जा रहे हैं. यह टॉपिक आपके लिए काफी फायदेमंद होंगे.

हमारे आज के टॉपिक हैं
डिलीवरी के बाद मालिश होती क्या है.
क्या प्रसव के बाद मालिश कराना सुरक्षित होता है.
प्रसव के बाद मालिश करना क्यों जरूरी होता है.
प्रसव के बाद मालिश के कौन-कौन से फायदे होते हैं.
डिलीवरी के बाद मालिश कराने का सही समय क्या है.  

इन सब छोटी बातों पर हम अपने इस वीडियो के माध्यम से चर्चा करने जा रहे हैं. हमें उम्मीद है यह सब बातें आपको जरूर फायदा देंगे देंगी

massage after delivery



दोस्तों प्रेगनेंसी में महिला के शरीर की एक बहुत बड़ी इनर्जी का प्रयोग होता है. जिसे महिला को आने वाले दिनों में द्वारा से प्राप्त करना होता है.  किसी भी महिला को जितनी मेहनत प्रेगनेंसी के दौरान करनी होती है. अब उससे ज्यादा मेहनत  डिलीवरी के बाद करने की आवश्यकता पड़ती है.

उसे अपनी सेहत के साथ-साथ शिशु की सेहत का भी, उसके विकास का भी ध्यान रखना होता है. इस दौरान उसका काम काफी ज्यादा बढ़ गया है. जिसके कारण वह मानसिक रूप से, शारीरिक रूप से थोड़ा कमजोरी महसूस कर सकती है. थकान महसूस कर सकती है.

ऐसे में मालिश महिलाओं को कितना आराम देगी इस पर चर्चा करेंगे

डिलीवरी के बाद मालिश होती क्या है

भारत में मालिश सदियों से प्रयोग में लाई जा रही है. इसमें शरीर पर तेल लगाकर हल्के हाथों से मसाज करने का प्रावधान होता है.

जिससे रक्त संचार में काफी सुधार आता है. असल में डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है, उन्हें तनाव महसूस होता है.

ऐसे में मालिश करने से नसों में आया तनावर दर्द दूर होने के बहुत ज्यादा मदद मिलती है. वहीं इससे थकान भी कम होती है. महिला शारीरिक और मानसिक तौर पर अपने आप को मजबूत महसूस करती है.

डिलीवरी के बाद मालिश कितनी सुरक्षित है

डिलीवरी के बाद दो स्थिति में से एक स्थिति आती है या तो बेबी सिजेरियन पैदा हुआ है या फिर नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा पैदा हुआ है.

सिजेरियन डिलीवरी

सिजेरियन स्थिति में महिला के शरीर में टांके आते हैं, तो ऐसे में महिला अपने हाथ और पैरों पर तो मालिश करवा सकती है, कोई इशू नहीं है.

लेकिन जहां पर टांके होते हैं वहां पर भूलकर भी मालिश नहीं करनी चाहिए. बल्कि आसपास के जगह पर भी मालिश करने से बचना चाहिए. ऐसे में टांके  के खुलने का डर रहता है. और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह अवश्य लें.

नॉर्मल डिलीवरी

नॉर्मल डिलीवरी की स्थिति में महिला के शरीर पर मालिश करने की सलाह दी जाती है. इसकी वजह से गर्भावस्था के साथ-साथ डिलीवरी के बाद कई प्रकार के जो बदलाव होते हैं जैसे कि जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, चिंता, अवसाद, नसों में तनाव इन इन सब में मालिश आराम देने में सहायता करती है.

डिलीवरी के बाद क्या मालिश आवश्यक है

ऐसा कोई हार्ड एंड फास्ट रूल नहीं है कि प्रेगनेंसी के बाद मालिश करा ही जाए, लेकिन अगर महिला इस दौरान मालिश करा दी है, तो उसे कई प्रकार के समस्याओं में काफी राहत नजर आती है.

महिला के हाथ पैरों में जो दर्द हो रहा है उसमें राहत मिलती है
मांसपेशियों की अकड़न में राहत मिलती है
शरीर को दोबारा से अपनी स्थिति में आने में काफी मदद मिलती है.

मालिश के फायदे


स्ट्रेच मार्क्स

प्रसव के बाद अक्सर महिलाओं के शरीर पर स्ट्रेच मार्क्स आ जाते हैं. जो देखने में काफी बेकार लगते हैं. अगर महीना मालिश का प्रयोग करें तो यह पाया गया है, कि स्ट्रेच मार्क्स कड़वे बादाम के तेल की मालिश से काफी हद तक दूर हो जाते हैं.

अकड़न और दर्द से राहत 

प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं के मांसपेशियों में काफी खिंचाव और दर्द की शिकायत रहती है. अगर महिला सही तरीके से प्रेगनेंसी के बाद मालिश का प्रयोग करती है तो उसकी दर्द और अकड़न की समस्या ठीक हो जाती है.

तनाव से राहत

ऐसा देखने में आता है कि प्रेगनेंसी के दौरान और बाद में महिला काफी सारे मानसिक और शारीरिक बदलावों से गुजरती है. जिसके कारण महिलाओं को तनाव की शिकायत हो जाती है.

डिलीवरी के बाद महिला को अपने शरीर के साथ-साथ बच्चे की सेहत और उसके कार्यों की चिंता भी रहती है. जिसके कारण उन्हें तनाव की स्थिति बनने लगती है. मालिश एक ऐसा उपाय हैं जिससे उन्हें तनाव में काफी राहत मिलती है.

फिटनेस

प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में काफी ढीलापन आ जाता है. मालिश करने से ढीलापन धीरे-धीरे कसावट में बदलने लगता है और एक सुडौल शरीर की प्राप्ति की ओर एक कदम बढ़ाने जैसा है.

सूजन से राहत

कई बार देखा गया है कि प्रेगनेंसी के बाद महिला के हाथ पैरों में सूजन की समस्या नजर आने लगती है. मालिश करने से पुनः इस स्थिति से उबरा जा सकता है.

नींद के लिए जरूरी

प्रेगनेंसी के बाद महिला शारीरिक थकावट और तनाव के कारण अनिद्रा की शिकार हो जाती है. ऐसे में अगर मसाज की जाती है, तो शरीर को आराम मिलता है. तनाव दूर होता है. महिला को अच्छी नींद आने लगती है.

डिलीवरी के बाद मालिश का सही समय

डिलीवरी के बाद मालिश कब से करें यह है इस बात पर निर्भर करता है, कि डिलीवरी किस प्रकार की है. अगर महिला की डिलीवरी नॉरमल डिलीवरी है तो महिला की सेहत का ध्यान रखते हुए 1 से 2 हफ्ते के बीच में मसाज करना शुरू कर देना चाहिए, और यह मकान लगभग 40 दिन तक करनी चाहिए.

महिला की डिलीवरी , सिजेरियन डिलीवरी है. ऐसे में 4 से 6 हफ्ते के बाद डॉक्टर की सलाह पर मसाज करना शुरू करना चाहिए और जहां टांके आए हुए होते हैं उस स्थान पर बिल्कुल भी दबाव नहीं देना है. बल्कि उससे अलग ही मसाज करनी है.

इन सब छोटी बातों पर हम अपने इस वीडियो के माध्यम से चर्चा करने जा रहे हैं. हमें उम्मीद है यह सब बातें आपको जरूर फायदा देंगे देंगी



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