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    पुत्र रत्न प्राप्ति के लिए तीन आयुर्वेदिक उपाय - Putra Prapti ke Ayurveic upaya

    दोस्तों बताए जाने वाले उपाय आयुर्वेदिक उपाय है इसके लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है सर्वप्रथम तो महिला को तला भुना मिर्च मसालेदार और नॉनवेज भोजन छोड़ना होगा ताकि उस का पाचन तंत्र मजबूत रहे और जो आयुर्वेदिक औषधि वह प्रयोग कर रही है वह शरीर में अच्छी तरह से पच सके, 
    इधर साथ ही साथ पुरुषों को भी इस तरह का भोजन करना चाहिए जिससे कि उनका पुरुष तत्व मजबूत हो उन्हें अपने भोजन में दूध और दूध से बनी चीजें जैसे कि दही पनीर मटका दूध से बनी और दूसरी चीजें मट्ठा प्रयोग में अधिक लाना चाहिए
    बाकी और भी कुछ चीजें हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक है वह हम आपको आयुर्वेदिक उपाय बताने के बाद बताएं. 
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    उपाय 1 
    कदंब के पत्ते, सफेद चंदन और कटेरी की जड़ को बराबर मात्रा में लेकर बकरी के दूध के साथ पीसकर स्त्री को पिलाने से पुत्र संतान ही होती है। 
    कदंब के पत्ते और कटेरी की जड़ तो आपको ताजी ही चाहिए होगी तभी उसका फायदा है आप किसी पंसारी के यहां से चंदन की लकड़ी ले सकते हैं
    अब आपको यह कितनी मात्रा में लेना है इसके लिए आप 2 ग्राम पत्ते,  2 ग्राम जड़ और एक चम्मच पानी के साथ गिरा हुआ चंदन, 
    यह आपको कम से कम 1 सप्ताह, तो लेनी ही है अगर आपको इसे लेने के बाद कुछ हेल्थ से संबंधित परेशानी होने लगे तो उसे तुरंत रोक दें और किसी काबिल आयुर्वेदाचार्य से सलाह लें.



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    उपाय 2
    नागकेसर के चूर्ण को बछड़े वाली गाय के दूध के साथ 7 दिनों तक स्त्री को देने से और घी, दूध एवं पौष्टिक भोजन करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।
    रोज आपको कम से कम 2 ग्राम चूर्ण लेना है कुछ हेल्थ इश्यू आता है तो आयुर्वेदाचार्य से संपर्क करना अति आवश्यक होगा.


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    उपाय 3
    गोखरू, लाल मखाने, शतावर, कौंच के बीज, नागबाला और खरेंटी बराबर मात्रा में पीसकर रख लें।  इस चूर्ण को रात में 5 ग्राम दूध के साथ लेने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।
    यह सभी की सभी जड़ी बूटियां आपको किसी भी जड़ी बूटी विक्रेता के यहां या पंसारी के यहां बड़ी आसानी से मिल जाएंगे बस ध्यान रखें यह ज्यादा पुरानी ना हो, आप जो दूध लेंगे वह बछड़े की गाय का हो तो अति उत्तम वरना गाय का दूध ही लें.


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      यह सभी की सभी आयुर्वेदिक औषधियां महिलाओं को लेनी है इन्हें लेने से पहले महिला का पेट लगभग खाली होना चाहिए कोशिश करें शाम को, अगर दिन में 1:00 बजे खाना खाते हैं तो उसके 3 घंटे के बाद आपको यह औषधि लेनी है और 1:00 बजे से 4:00 बजे तक के बीच में आपको पानी के अलावा कुछ नहीं लेना है
    इसके बाद आपको उचित समय पर पुत्र प्राप्ति के लिए प्रयास करना है महिला के पीरियड्स अनियमित नहीं होने चाहिए अगर अनियमित हैं तो पुत्र प्राप्ति में परेशानी आ सकती है क्योंकि आपको उसी वक्त कोशिश करनी है जब महिला का ओवुलेशन पीरियड चल रहा हो ,पीरियड अनियमित होने की वजह से ओवुलेशन पीरियड का पता नहीं चल पाता है जिससे पुत्र प्राप्ति में दिक्कत आ सकती है.
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    आजकल मार्केट में reusable सेनेटरी पैड भी आ गए हैं, जिनका प्रयोग एक से ज्यादा बार किया जा सकता है और बार-बार के खर्चे को भी कम किया जा सकता है अगर आप इनके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो यहां पर जाकर पता कर सकते हैं.




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