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रविवार, 27 अक्तूबर 2019

पहले 3 माह में मिसकैरेज होने के कुछ मुख्य कारण पार्ट -1

नमस्कार दोस्तो आज की POST में हम आपसे चर्चा करने वाले हैं पहले 3 महीनों में मिसकैरेज के क्या-क्या  कारण हो सकते हैं
पहले तीन महीनों में मिसकैरेज होना किसी भी महिला के लिए आम होता है, अन्य दूसरे महीनों के मुकाबले, 3 महीनों की तुलना में पहले महीने मिसकैरेज की संभावना सबसे ज्यादा होती है पहले 20 दिनों में कई बार महिलाओं को यह पता ही नहीं होता की वह गर्भवती है, और ध्यान ना देने की वजह से मिसकैरेज हो जाता है. यह तो लापरवाही के कारण होता है, लेकिन उसके अलावा भी बहुत सारे ऐसे कारण है जिनकी वजह से यह समस्या पहले 3 महीनों में आती है, इस विषय पर चर्चा करते हैं .

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लापरवाही के कारण शुरुआती दिनों में गर्भपात हो जाता है लेकिन अधिकतर मिसकैरेज जो शुरुआती दिनों में देखने में आते हैं का कारण मेडिकल प्रॉब्लम होती है मसलन
जेनेटिक कारण,
प्लासेंटा की स्थिति,
वजाइना में लगातार इन्फेक्शन होना जैसे कि फंगल इन्फेक्शन,
डायबिटीज की वजह से होने वाला इन्फेक्शन,
गलत मेडीसिन खाना आदि.
पहली तिमाही में होनेवाले 90 फीसदी मिसकैरेज जिनेटिक कारणों से होते हैं.
कुछ मिसकैरेज झटका लगने की वजह से,
भारी सामान के कारण गर्भाशय पर जोर पड़ने की वजह से

उछल कूद और डांस
तथा पहला बच्चा होने के बाद दूसरा बच्चा अगर जल्दी गर्भ में आ जाता है
इन सभी कारणों से ही मिसकैरेज हो जाता है
पहले तिमाही में होने वाले मिसकैरेज को लेकर थोड़ा विस्तृत चर्चा करते हैं---
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गर्भाशय में दिक्कतपहले तीन महीनों में मिसकैरेज होने का सबसे बड़ा कारण है गर्भाशय में खराबी. 30 से 35 प्रतिशत मामलों में महिलाओं की गर्भाशय मे समस्या होने के कारण गर्भपात हो जाता है.
अगर गर्भाशय में किसी प्रकार का रोग, संक्रमण या रसोली इत्यादि को जाती है, इस कारण से भी मिसकैरेज हो जाता है,
अगर कोई रोग है तो उसका इलाज कराते उसे ठीक किया जा सकता है जब कोई प्रॉब्लम नहीं होगी लेकिन अगर कोई दिक्कत गर्भाशय में पहले से ही है अर्थात जन्मजात है तो इस स्थिति में उसका इलाज के द्वारा उसके ठीक होने की संभावना कम है.
जैसे कि गर्भाशय का छोटा होना,  गर्भाशय का दो हिस्सों में बंटा हो या किसी और प्रकार की समस्या . इन सब वजह से बच्चे को पोषण नहीं मिल पाता है, मिसकैरेज हो जाता है.

लाइफस्टाइल
प्रेगनेंसी से पहले महिला की जो लाइफस्टाइल होती है अगर महिला उसी लाइफस्टाइल के साथ प्रेगनेंसी में जाती है तो मिसकैरेज हो जाता है, कभी-कभी महिला की लाइफ स्टाइल के कारण शरीर प्रेगनेंसी के दवाब को नहीं सहन कर पाता है --
खाना-पीना समय पर ना हो
बहुत अधिक ट्रेवल हो
अधिक शारीरिक मेहनत हो
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महिला का खान पान
अगर महिला शुरुआती दिनों में अपनी लाइफ स्टाइल को नहीं बदलती है तो इस कारण से भी कभी कभी मिसकैरेज हो जाता है जैसे कि महिला नशीली दवाओं का सेवन, बीड़ी, गुटखा, सिगरेट तथा शराब का सेवन करती है तो यह भी एक कारण होता है.
लंबे समय की बीमारी : अगर कोई महिला प्रेगनेंसी से पहले लंबे समय तक बीमार नहीं होती है तो उस स्थिति में भी मिसकैरेज हो जाता है.

कारण  बहुत साधारण सा है लंबे समय तक बीमार रहने के कारण शरीर अत्यधिक कमजोर हो जाता है वह प्रेग्नेंसी को संभाल नहीं पाता है दूसरा बहुत अधिक दवाई लेने के कारण शरीर में अत्यधिक गर्मी होती है इस वजह से भी मिसकैरेज हो जाता है या जो दवाइयां बहुत अधिक समय तक यह है वह प्रेग्नेंसी को नुकसान पहुंचा देती है.

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संबंध बनाने की वजह
अगर दंपत्ति शुरुआती 3 महीनों में बेझिझक संबंध बनाते रहते हैं कभी कभी सही पोजीशन ना होने की वजह से गर्भ पर दबाव बन जाता है, मिसकैरेज हो जाता है.
पुरुष भी जिम्मेदार : पहले 3 महीने में होने वाले मिसकैरेज के लिए पुरुष भी जिम्मेदार होते हैं, तीन महिनों में मिसकैरेज के कारणों में से 50 प्रतिशत मामलों में पुरुष दोषी होते हैं. जिसका कारण होता है पुरुष के वीर्य में किसी तरह की खराबी होना. किसी-किसी पुरुष के वीर्य में बच्चे को बनाने वाले जीवाणु ही नहीं होते. अगर पुरुषों की जींस में किसी तरह की वंशानुगत कमी हो या उनके लाइफस्टाइल की वजह से वीर्य में किसी प्रकार का दोष आ जाए तो भी कई बार महिलाओं को मिसकैरेज हो सकता है.
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महिला की मानसिक स्थिति
कभी-कभी महिला मन से मां बनने के लिए तैयार ही नहीं होती है और वह इस प्रेगनेंसी को नहीं चाहती है बहुत कम लेकिन यह भी एक कारण हो सकता है

महिला का रोगी  होना
कई बार महिलाओं में मिसकैरेज शरीर में किसी तरह के रोगों के कारण होता है थायराइड में महिलाओं का गर्भ ठहर तो जाता है लेकिन अक्सर गर्भपात हो जाता है. ऐसे ही मधुमेह रोग में भी गर्भपात होने के चांस बहुत ज्यादा होते है. अगर प्रेगनेंसी से पहले इलाज करा लिया जाए तो मिसकैरेज की संभावना फिर बचा जा सकता है. मिसकैरेज होने के लिए जो रोग जिम्मेदार हैं, वह मधुमेह, थायराइड, क्रानिक नेफराइटिस, गुर्दे में खराबी, हाई ब्लडप्रेशर, बच्चेदानी में रसौली और एनीमिया या पोषण की कमी आदि.

जहरीले तत्व
अगर महिला शुरुआती दिनों में किसी वजह से जहरीली गैस के संपर्क में आ जाती है या कीटनाशक के संपर्क में आ जाती है तो भी मिसकैरेज हो जाता है, अगर गर्भवती महिला रेडियोएक्टिव रेडियेशन के संपर्क में भी आ जाए, तो भी मिसकैरेज होने का डर बना रहता है.
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दंपत्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए जो शरीर को प्रेगनेंसी के लिए बहुत अधिक तैयारी करने की आवश्यकता होती है अगर किसी कारणवश मिसकैरेज हो जाता है तो उसके कारण के तह में जाने की कोशिश करें तथा अगले 3 माह के बाद ही दोबारा गर्भाधान के लिए कोशिश करें.

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