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मिसकैरेज के कारण,लक्षण और प्रकार | Causes and symptoms of miscarriage in pregnancy

हम गर्भपात को लेकर चर्चा करने जा रहे हैं. प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर पहले 3 महीनों में महिला को गर्भपात का शिकार होना पड़ जाता है. इसके कई सारे कारण हो सकते हैं.
आज के हमारे वीडियो के टॉपिक है
गर्भपात क्या होता है
गर्भपात के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं
गर्भपात होना कितनी आम बात है
गर्भपात के संकेत और लक्षण और
गर्भपात होने के कारण



Causes and symptoms of miscarriage in pregnancy

गर्भपात क्या होता है

दोस्तों गर्भपात किसी भी गर्भवती स्त्री के लिए एक दुखद बात है. होता क्या है कि जब गर्भावस्था के लगभग 20 हफ्ते से पहले पहले गर्भ में भ्रूण की किसी कारणवश मृत्यु हो जाए तो इसे गर्भपात की संज्ञा दी जाती है, अर्थात गर्भपात माना जाता है.

गर्भपात के अलग-अलग प्रकार – Garbhpat ke Alag Alag Type

दोस्तों गर्भपात अलग-अलग स्थितियों में होता है जिसे हम विभिन्न प्रकार के गर्भपात कह सकते हैं.
संक्रमण के कारण गर्भपात
अगर महिला को प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में किसी कारणवश स्ट्रांग संक्रमण हो जाता है तो उसके कारण भी जब गर्भपात होता है तो इसे सेप्टिक गर्भपात या संक्रमित गर्भपात कहा जाता है.

पूर्ण गर्भपात

जब किसी अपरिहार्य स्थिति के कारण पेट में बहुत तेज दर्द होता है, और पूरा का पूरा भ्रूण शरीर से बाहर आ जाता है तो इसे पूर्ण गर्भपात कहा जाता है इस स्थिति में भारी रक्त स्राव का भी सामना करना पड़ सकता है.

मिस्ड गर्भपात

इस प्रकार की स्थिति में महिला को रक्त स्राव की स्थिति का सामना करना पड़ता है. बाकी दूसरे प्रकार के लक्षण नजर नहीं आते हैं, और एकदम से पता भी नहीं चलता है कि गर्भपात हो गया है. जब महिला डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाती है, और तब डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करके देखता है कि बच्चे का विकास रुक गया है, तब यह समझ में आता है कि गर्भपात हो चुका है.
कुछ अनुभवी महिलाएं पता लगा लेती है क्योंकि उस स्थिति में धीरे-धीरे प्रेगनेंसी के लक्षण गायब होने लगते हैं और आने वाले लक्षण नहीं आते हैं.

अपूर्ण गर्भपात

इस प्रकार के गर्भपात में भ्रूण का कुछ हिस्सा शरीर से बाहर आ जाता है. और महिला को रक्त स्राव और पेट में ऐठन की समस्या भी रहती है. ऐसी स्थिति में काबिल डॉक्टर की आवश्यकता होती है वह अल्ट्रासाउंड करके गर्भपात को कंप्लीट कर आते हैं.
कभी-कभी महिला की ग्रीवा कमजोर होती है जिसकी वजह से गर्भाशय का मुंह खुल जाता है और महिला को तेज ऐंठन की समस्या नजर आती है. अगर इस स्थिति को समझ लिया जाए और तुरंत डॉक्टरी मदद मिल जाए तो गर्भपात की स्थिति से बचा जा सकता है.

गर्भपात कितनी आम समस्या

किसी भी गर्भवती महिला के लिए यह एक दुखद बाद होती है लेकिन इस स्थिति का सामना अगर महिला को करना पड़े तो यह एक सामान्य सी बात है. महिलाओं को घर का काफी सारा काम करना होता है, और उन्हें शुरू के समय में कभी-कभी इस बात का आभास नहीं होता है, कि वह गर्भवती हैं तो अक्सर महिला इस समस्या से दो चार हो जाती है. आंकड़ों की बात करें तो लगभग हर पांच में से एक महिला इस समस्या का शिकार होती है. इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं होता है कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या है यह किसी समस्या की वजह से भी हो सकता है लेकिन सामान्य स्थिति में भी हो जाता है.

गर्भपात के संकेत और लक्षण

दोस्तों किसी भी गर्भवती स्त्री को गर्भपात के कुछ ही लक्षण नजर आते हैं


इसका सबसे प्रमुख लक्षण यही है कि महिला को प्रेगनेंसी के दौरान रक्त स्राव की समस्या हो जाती है.


इसका दूसरा लक्षण यह है कि पेट के निचले हिस्से में ऐठन महसूस हो जाती है.


कभी-कभी महिलाओं को पीठ में भी तीव्र दर्द का अनुभव होने लगता है. वैसे यह लक्षण कई प्रकार के और समस्याओं में भी नजर आ सकता है लेकिन गर्भपात की स्थिति में भी कभी-कभी दर्द होता है.  


अगर आपको यह सब महसूस हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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