गर्भवती होने का सबसे सही समय | ओव्यूलेशन पीरियड

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इसमें किसी भी शक की कोई भी गुंजाइश नहीं है, कि किसी भी महिला के गर्भवती होने का सबसे सही समय ओव्यूलेशन पीरियड है.

अगर महिला को अपने ओव्यूलेशन पीरियड का पता रहता है, तो वह काफी आसानी से औरों के मुकाबले जल्दी गर्भधारण कर सकती हैं.

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इसके कुछ लक्षण नजर आते हैं, जो कि काफी हल्के होते हैं. जिन्हें काफी मुश्किल से ही पहचाना जा सकता है. अगर महिला और लक्षण को पहचानना सीख लेती है. जिनका जिक्र हमने पहले भी किया है, तो महिला बड़ी आसानी से समय के साथ गर्भधारण कर सकती हैं.

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प्रेगनेंसी में ओव्यूलेशन का योगदान – Pregnancy me Ovulation Time Ki Importance

किसी भी महिला के लिए मासिक चक्र एक निश्चित दिन के बाद आता है यह चक्र महिलाओं में 21 दिन से लेकर 35 दिन तक के हो सकते हैं इनके अनुसार एक मासिक चक्र में निश्चित समय के बाद कुछ दिन ओव्यूलेशन के आते हैं जो गर्भाधान के लिए काफी उत्तम होते हैं.

 
ओव्यूलेशन साइकिल के दौरान महिला के अंडाशय में अंडे सक्रिय हो जाते हैं, और उनमें सबसे मैच्योर अंडा फैलोपियन ट्यूब में आ जाता है. जहां वह गर्भाधान के लिए शुक्राणुओं का इंतजार करता है, या ऐसा भी हो सकता है कि शुक्राणु हां पहले से ही हो और वह एग का इंतजार कर रहे हो.

किसी भी अंडे का जीवनकाल बाहर आने वाले टाइम से, 12 से लेकर 24 घंटे तक का ही होता है. अगर इस दौरान वह किसी स्पर्म के संपर्क में नहीं आता है, तो वह अपने आप ही नष्ट हो जाता है.

सही समय पर अंडे और स्पर्म का एक स्थान अर्थात फेलोपियन ट्यूब में ना होने से गर्भाधान की संभावना समाप्त हो जाती है. इसलिए ओव्यूलेशन साईकिल का पता होना कितना जरूरी है, यह आप समझ ही गए होंगे.

अगर एक बार एग नष्ट हो जाता है, तो फिर दंपत्ति को अगले मासिक चक्र में उस वक्त होने वाले ओवुलेशन पीरियड का इंतजार करना पड़ता है.

एक अत्यधिक स्वस्थ एक अंडा 24 घंटे तक ही जीवित रह पाता है. और अगर इतना स्वस्थ नहीं है तो वह 12 घंटे तक ही जीवित रह पाता है. इसलिए उसका जीवनकाल 12 से 24 घंटे के बीच में माना गया है.

इसीलिए महिलाओं को गर्भाधान करने से पहले ही आवश्यक पोषक तत्व अपने भोजन के माध्यम से लेने चाहिए. और वह इस संबंध में डॉक्टर से संपर्क करते हैं, तो वह कुछ अनुपूरक अर्थात आवश्यक सप्लीमेंट भी आपके भोजन के साथ लगा देते हैं.

यही दूसरी बात यह भी है कि स्पर्म पुरुष का शुक्राणु पुरुष के एक्स वाई क्रोमोसोम किसी भी महिला के शरीर में 72 घंटे तक जीवित रह सकते हैं. अर्थात 3 दिन तक जीवित रह सकते हैं. कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह 5 दिन तक भी जीवित रहने की क्षमता रखते हैं.

यहां पर बात वही आती है कि यह कितने स्वस्थ हैं. इन को स्वस्थ रखने के लिए पुरुषों को भी अपनी दिनचर्या और भोजन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है, ताकि क्रोमोसोम ताकतवर रहे.

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बिल्कुल स्पष्ट है कि ओवुलेशन आपकी साइकिल पर निर्भर करता है जैसा कि हमने बताया है कि साइकिल 21 दिन से लेकर 35 दिन तक कितने भी दिन की किसी भी महिला के लिए हो सकती है. वैसे एक साइकल अधिकतर महिलाओं के लिए 28 दिनों की ही होती है.

हम आपको एग्जांपल के लिए समझा देते हैं जैसे कि महिला की साइकल 35, 36 दिनों की होती है तो लगभग 21 वे दिन ओव्यूलेट कर सकती हैं. पहला दिन हम वह मानेंगे जिस दिन पीरियड शुरू होते हैं.

अगर महिला की साइकिल 21 दिनों की है तो सातवें दिन जिस दिन से पीरियड शुरू हुए हैं उस दिन से लगभग  सातवें दिन ओव्यूलेट कर सकती हैं अर्थात अंडाशय से अंडा उस दिन बाहर आ सकता है. थोड़ा आगे पीछे हो सकता है.

और अगर महिला का साइकिल 28 दिनों का है तो लगभग 14 दिन महिला ओव्यूलेट कर सकती हैं.

यहां पर की गई सभी मतों का बातों का मतलब यही है कि आपको अपना ओव्यूलेशन पीरियड पता होना चाहिए. यह आपकी महावारी के समय के अनुसार निश्चित होता है और इसी दौरान महिला गर्भवती हो सकती है.

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