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प्रेगनेंसी में कम वजन के नुकसान

  हम महिला के वजन को लेकर चर्चा करने वाले हैं दोस्तों अगर महिला यह जानना चाहे और इंटरनेट पर सर्च करें कि महिला का वजन कितना होना चाहिए तो इस पर कई सारी Post आपको देखने को मिल जाएंगे जिसमें कुछ कहेंगे कि महिला का वजन ज्यादा होना चाहिए. कुछ कहेंगे कि महिला का वजन कम होना चाहिए, टोटल कन्फ्यूजन

आज हम आपसे चर्चा करेंगे
महिला का वजन प्रेगनेंसी के दौरान कितना होना चाहिए
महिला के शरीर पर वजन कहां-कहां बढ़ता है
अगर गर्भावस्था में वजन आवश्यकता से कम है --
तो उसके क्या क्या नुकसान है
और वजन कैसे बढ़ाएं

Pregnancy me Kam Weight ke Nuksan | Weight Kaise Badaye


गर्भावस्था में वजन कितना होना चाहिए ?

किसी भी व्यक्ति का वजन बॉडी मास इंडेक्स (BMI) पर निर्भर करता है. प्रत्येक महिला को अपना वजन पता होना चाहिए और उसे यह भी ज्ञात होना चाहिए कि उसका वजन प्रेगनेंसी के दौरान कितना बढ़ना चाहिए.

गर्भावस्था में वजन कहां-कहां बढ़ता है

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में वजन विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मात्रा में बढ़ता है
लगभग साडे 3 किलो वजन तो शिशु का ही अंत समय तक होना चाहिए ,
बच्चे का पोषण करने वाली अपरा जिसे हम प्लेसेंटा भी कहते हैं उसका वजन भी लगभग डेढ़ किलो तक होता है ,
 बच्चा जिस एमनीओटिक द्रव में रहता है वह भी लगभग 1 किलो से लेकर डेढ़ किलो के बीच में उसका वजन होता है ,
1 किलो से डेढ़ किलो तक महिला के स्तनों का वजन भी बढ़ जाता है ,
अत्यधिक रक्त की आवश्यकता होती है इसलिए रक्त संचार सिस्टम का वजन बढ़ता है 4 किलो ,
महिला के शरीर में इस दौरान ढाई किलो से लेकर 4 किलो तक फैट बढ़ सकता है,
और गर्भाशय का वजन भी 1 किलो से लेकर ढाई किलो के बीच में हो जाता है.

गर्भावस्था में वजन कम होने के नुकसान

गर्भावस्था के दौरान महिला का वजन संयमित मात्रा में बढ़ना चाहिए. वजन कम होना और अधिक होना दोनों ही नुकसानदायक होते हैं.
 दोनों के अपने-अपने नेगेटिव पॉइंट्स होते हैं अगर महिला का वजन कम है अर्थात बॉडी मास इंडेक्स 18.5 से कम है, तो कुछ नुकसान इस प्रकार से --- 


बच्चे का जन्म समय से पहले हो सकता है, इसको प्रीमेच्योर बर्थ जाता है.

महिला का वजन कम होने की वजह से शिशु का वजन भी कम रह सकता है लगभग ढाई किलो के आसपास यह काफी कम माना जाता है.

कम वजन वाले शिशु को स्तनपान करने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

महिला का वजन कम होने से गर्भपात की समस्या बढ़ जाती है खतरा रहता है.

शिशु के विकास में भी बाधा उत्पन्न होती है.

कई प्रकार की बीमारियां भी जल्दी से पकड़ लेती हैं.

गर्भावस्था में वजन कैसे बढ़ाएं


अगर किसी गर्भवती स्त्री का वजन आवश्यकता से कम है, तो उसे डॉक्टर के संपर्क में तुरंत आना चाहिए. और उसे अपने आप भी कुछ उपाय करने चाहिए जिससे कि हम घरेलू उपाय कह सकते हैं. अपने भोजन पर ध्यान देने की आवश्यकता उसे होती है. महिलाओं को जो भी भोजन करना चाहिए वह काफी संतुलित होना चाहिए.

अगर महिला का वजन कम है तो उसे दिनभर कुछ ना कुछ खाते रहना चाहिए जैसे कि नर्स सूखे मेवे दही आवश्यकता पड़ने पर आइसक्रीम का सेवन भी कर सकती है.

महिला को फैट बढ़ाने वाली चीजें जैसे कि पनीर मक्खन चीज इत्यादि अपने भोजन में शामिल करनी चाहिए.

ताजे फलों का जूस महिला को पीना चाहिए जैसे कि संतरा मौसमी गाजर इत्यादि और एक बात का ध्यान रखें महिला जंग फूड बिल्कुल भी ना खाएं.

महिला अपने भोजन में पीनट बटर, ब्रेड, टोस्ट इत्यादि का सेवन करें.

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