प्रेगनेंसी में लौकी का जूस पीते समय यह ध्यान रखना

 प्रेग्नेंसी के समय लौकी का जूस पीना चाहिए या नहीं पीना चाहिए

हम बात करेंगे --

किस प्रकार की लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए.लौकी का जूस पीने से क्या फायदे होते हैं.लौकी का जूस पीने से क्या सावधानियां रखें.

What type of gourd juice should not be drunk in pregnancy

 

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लौकी का जूस बहुत ज्यादा पौष्टिक होते हैं. यह छारीय प्रकृति का होता है. इस वजह से ब्लड को शुद्ध करने के काम में आता है, और इसके कारण हार्ड अटैक जैसी समस्याएं नहीं आती हैं, और शरीर की त्वचा की कांति भी बढ़ती है. अशुद्धि शरीर से दूर होती है.

बात करते हैं किस प्रकार का जूस पीना नुकसानदायक होता है

किस प्रकार का लौकी का जूस प्रेगनेंसी में नहीं पीना चाहिए

दोस्तों लौकी का जूस जैसे कि हमने बताया बहुत ज्यादा बेनिफिशियल होता है, लेकिन आजकल कुछ समस्याएं देखने में आ रही है, जैसे कि अगर लौकी  ऐसी जमीन पर उगाई गई है, जहां पर नदी हो और नदी में केमिकल युक्त पानी का बहाव हो, किसी फैक्ट्री का पानी वहां आता है, तो वह लौकी एक प्रकार से जहरीली हो जाती है. आप अगर इस प्रकार की लौकी का जूस निकाल कर पीते हैं, तो आपने एक तरह से जहर इकट्ठा कर लिया है.

दूसरी बात यह है कि बहुत ज्यादा केमिकल खाद का प्रयोग किया जाता है और लौकी को जल्दी से बड़ा करने के लिए केमिकल वाले इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं. इससे लौकी जल्दी से ग्रोथ करती है. लेकिन यह काफी नुकसानदायक है इसका जूस भी एक प्रकार से जहरीला ही होता है.
अगर आप इस बात को लेकर कन्फर्म है कि आपके पास जो लोकी है वह सही तरीके से उगाई गई है तो उसका जूस पी सकते हैं.

लौकी जूस के फायदे

  1. लौकी के अंदर काफी ज्यादा पानी होता है इस वजह से यह डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करने में अपनी भूमिका निभाती है. इससे उल्टी, दस्त, बुखार जैसी समस्याएं दूर रहती है.

  2. लौकी ब्लड प्यूरीफायर के रूप में काम करती है, फोड़े फुंसियां की समस्या समाप्त होती है.

  3. लोकी हृदय के लिए अत्यधिक लाभदायक है यह हृदय को मजबूत करती है और हृदय नलिकाओं में जमे हुए कचरे को साफ करती है.

  4. लौकी के अंदर कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, दिल की बीमारी से रक्षा होती है.

  5. लौकी के अंदर अतिरिक्त फैट नहीं होता है . अगर किसी महिला का वजन अधिक है या सामान्य है तो वह इसका प्रयोग कर सकती है.

  6. दस्त होने की समस्या में लौकी काफी फायदेमंद होती है. दही के साथ खाने से लाभ मिलता है.

  7. लोकी शरीर की गर्मी को दूर करने में काफी लाभदायक है. यह ठंडी प्रकृति की होती है.

  8. लौकी यूरिन की समस्या अर्थात यूरिन इन्फेक्शन को भी दूर करने में मदद करती है.

  9. लोकी अत्यधिक सुपाच्य होती है, कब्ज की समस्या में यह लाभदायक है.


लौकी का जूस पीने में सावधानी

  1. लौकी का जूस अगर पीना है तो आपको ताजा ही जूस बनाकर पीना चाहिए.

  2. लौकी का जूस कड़वा भी हो सकता है इसलिए आप पहले चख कर देख ले. ऐसी लौकी का जूस नहीं ले.

  3. लौकी का जूस खाना खाने से एक घंटा पहले या 1 घंटा बाद पीना चाहिए.

  4. खाली पेट लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए. इससे जी मिचलाना या गैस की समस्या हो सकती है.

  5. सर्दी जुखाम के समय लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए. यह ठंडी प्रकृति का होता है.

  6. लौकी के जूस में किसी भी प्रकार की दूसरी सब्जी नहीं मिलाए,उसका जूस नहीं मिलाएं.

  7. लौकी का जूस सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए.


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